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Gorakhpur में Narendra Modi: बोले- जीवंत आस्था है Gita Press, Vande Bharat ट्रेन को भी दिखाई हरी झंडी

  • Curated by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jul 7, 2023, 05:07 PM IST

PM Narendra Modi in Gorakhpur: गीता प्रेस के शताब्दी समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में दो किताबों (इलस्ट्रेटेड शिव पुराण और शिव महापुराण नेपाली भाषा में अनूदित) का विमोचन भी किया गया।

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यूपी के गोरखपुर में कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल)

PM Narendra Modi in Gorakhpur: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गीता प्रेस के कार्यालय को मंदिर जैसा बताया है। उन्होंने कहा है कि इसका दफ्तर मंदिर से कम नहीं है, क्योंकि इसके नाम और काम...दोनों में ही गीता है। ये बातें उन्होंने शुक्रवार (सात जुलाई, 2023) को गीता प्रेस के शताब्दी समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में कहीं। वह बोले- गीता प्रेस दुनिया का इकलौता ऐसा प्रिंटिंग प्रेस है, जो सिर्फ एक संस्था नहीं है बल्कि, एक जीवंत आस्था है।

बकौल मोदी, "यह संतों की कार्यस्थली रही है और इसका दफ्तर मंदिर से कम नहीं है। इसके नाम के साथ काम में भी गीता है। जहां गीता है, वहां साक्षात भगवान श्रीकृष्ण हैं।" वह आगे बोले- यह प्रेस आज भी कल्याण पत्रिका के लिए विज्ञापन न लेने की महात्मा गांधी की सलाह का पालन कर रहा है। यह दौरा विकास और विरासत का है।

पीएम ने इसके बाद गोरखपुर रेलवे स्टेशन से गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जबकि इसके पहले उन्होंने जोधपुर (राजस्थान) से अहमदाबाद (गुजरात) के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्‍सप्रेस को भी रवाना किया।

उन्होंने इसके अलावा गोरखपुर रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण की भी शुरुआत की। मोदी ने कहा कि वंदे भारत ट्रेन ने देश के मध्यम वर्ग को सुविधाओं और सहूलियतों के लिए नई उड़ान दी है। आज देश के कोने कोने के नेता पत्र लिखते हैं कि हमारे क्षेत्र से भी वंदे भारत ट्रेन चलाइये।

मोदी ने आगे कहा- मैंने जब से सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें डाली हैं, लोग हैरान होकर देख रहे हैं कि रेलवे स्‍टेशनों का भी इस तरह से कायाकल्प हो सकता है। एक समय था जब नेता लोग चिट्ठियां लिखा करते थे कि हमारे क्षेत्र में इस ट्रेन का जरा हाल्ट बना लें, उस ट्रेन का हाल्ट बना लें। आज देश के कोने-कोने से नेता मुझे चिट्ठियां लिखकर कहते हैं कि मेरे क्षेत्र से भी वंदे भारत चलाइए।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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