Cockroach Janata Party : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें थमती नजर नहीं आ रहीं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में दोनों नेताओं को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में अजिंक्य शिंदे को भी समन भेजा गया है। दोनों नेताओं को गुरुवार दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में पेश होने को कहा गया है। गौरतलब है कि यह समन ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही दोनों नेताओं को एक सप्ताह न्यायिक हिरासत में रहने के बाद तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था।
जांच का दायरा धारा 188 के उल्लंघन से जुड़ा
जांच का दायरा धारा 188 के उल्लंघन और निजी संपत्ति में अतिक्रमण के आरोपों से जुड़ा है। क्राइम ब्रांच फिलहाल दो मामलों की जांच कर रही है, जो 13 अक्टूबर की घटना से संबंधित हैं। इनमें से एक मामला कनॉट प्लेस थाने में, जबकि दूसरा संसद मार्ग थाने में दर्ज किया गया था। दिल्ली पुलिस ने दोनों मामलों को आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया था।
क्या है पूरा मामला
CJP के सदस्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताएं हुई हैं। इसी मांग के तहत पार्टी के सदस्य जंतर-मंतर में प्रवेश कर राष्ट्रीय ध्वज फहराना चाहते थे। पुलिस का कहना है कि दास, रांका और अन्य CJP सदस्यों ने जंतर-मंतर क्षेत्र में घुसने की कोशिश की, जिसे अब निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं रखा गया है। पुलिस के मुताबिक, समूह ने बैरिकेड पार किए और एक निजी प्रतिष्ठान के रास्ते क्षेत्र में दाखिल हुआ, जिसके बाद मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
अब आगे क्या
अब सबकी नजरें क्राइम ब्रांच की पूछताछ पर टिकी हैं। पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इन नेताओं के खिलाफ कोई और कार्रवाई होती है। वहीं, CJP की ओर से इस मामले में अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी का कहना रहा है कि उसका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और वह चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के मुद्दे पर आवाज उठा रही थी। (यह अंतिम पंक्ति पार्टी के रुख के रूप में दी गई है; आपके स्रोत लेख में इसका उल्लेख नहीं था, इसलिए प्रकाशित करने से पहले पुष्टि कर लें।)
