महाराष्ट्र में विपक्ष ने शीतकालीन सत्र की शुरुआत होने से पहले ही सियासी ड्रामा शुरू हो गया है। यहां विपक्ष ने शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर परंपरागत रूप से होने वाली सरकार की टी पार्टी का बहिष्कार कर दियाा। इतना ही नहीं देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में विपक्ष के नेताओं (एलओपी) की नियुक्ति करने में विफल रही है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि चाय पार्टी का निमंत्रण विपक्ष के नेताओं के बजाय व्यक्तिगत रूप से विधायकों को भेजा गया था।
विधान भवन परिसर में शिवसेना (यूबीटी) नेताओं भास्कर जाधव, सुनील प्रभु और नितिन राउत तथा राकांपा (एसपी) के अनिल देशमुख के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने जमकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि दोनों सदनों में विपक्ष के नेता नहीं हैं और पद रिक्त हैं। ये दोनों ही वैधानिक पद हैं। दोनों पदों को रिक्त रखकर सरकार ने दिखा दिया है कि उसे संविधान पर भरोसा नहीं है। इसलिए हमने टी पार्टी का बहिष्कार किया है।
क्या कहता है नियम
दरअसल, पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में विपक्ष की करारी हार के बाद, कोई भी पार्टी कुल 288 सीट में से 10 प्रतिशत सीट नहीं जीत सकी थी। नियमानुसार, विपक्ष के नेता पद पर दावा करने के लिए किसी भी विपक्षी दल के लिये कम से कम 10 प्रतिशत सीट जीतना जरूरी है।
वडेट्टीवार ने कहा कि 1980 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास 14 विधायक थे, फिर भी विपक्ष के नेता का पद भाजपा को दिया गया। इसी तरह, 1985 में भाजपा के पास 16 विधायक थे, फिर भी उसे नेता प्रतिपक्ष का पद दिया गया। हमने (कांग्रेस ने) कभी भी विपक्ष के नेता का संवैधानिक पद खाली नहीं रखा था। शिवसेना (यूबीटी) नेता भास्कर जाधव ने दावा किया कि सरकार विपक्ष से डरी हुई है, क्योंकि उसने पाप किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता का पद संवैधानिक है और सरकार को डर है कि विपक्ष के नेता सरकार की पोल खोल देंगे।
हर दिन छह से सात किसान आत्महत्या कर रहे
वडेट्टीवार ने दावा किया कि राज्य में हर दिन छह से सात किसान आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों का कर्ज माफी का वादा करके वोट तो बटोर लिए, लेकिन उसे लागू करने में टालमटोल कर रही है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के रिकॉर्ड के अनुसार, 2025 के पहले आठ महीनों में महाराष्ट्र में 1,183 किसानों ने आत्महत्या की।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से भारत में लगभग 1.12 लाख किसानों ने आत्महत्या की है, जिनमें से 38.5 प्रतिशत महाराष्ट्र में हैं। हम किसान विरोधी सरकार का चाय का निमंत्रण स्वीकार करना उचित नहीं समझते। सरकार में किसानों को नीचा दिखाने की होड़ चल रही है।
वडेट्टीवार ने इस दौरान राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2021 से 2025 के बीच नाबालिगों के खिलाफ अत्याचार के कुल 37000 मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र में हर दिन 24 ऐसे मामले सामने आते हैं, जो 18 साल से कम उम्र की लड़कियों से संबंधित छेड़छाड़ और अत्याचार के मामलों में नंबर एक है।
रोजगार के मुद्दे पर भी बोला हमला
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की सरकार राज्य में युवाओं को रोजगार देने में भी फेल रही है। सीएम खुद विदर्भ क्षेत्र से हैं, फिर भी यहां रोजगार के कोई अवसर नहीं हैं। इसके अलावा, कृषि ऋण माफी और लाडकी बहिन योजना के लाभार्थियों को 2100 रुपये देने का आश्वासन पूरा नहीं किया गया है।
आठ से 14 दिसंबर तक नागपुर में चलेगा राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र
राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आठ से 14 दिसंबर तक नागपुर में आयोजित किया जायेगा। बता दें कि शिवसेना (यूबीटी) नेता जाधव को उनकी पार्टी ने विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद के लिए नामित किया है, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कैबिनेट स्तर की नियुक्ति पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इससे पहले, जाधव ने राज्य विधानमंडल को पत्र लिखकर यह जानना चाहा था कि क्या ऐसा कोई नियम है, जिसके तहत विपक्ष के नेता पद पर दावा करने के लिए किसी विपक्षी दल के पास विधानसभा की कुल सदस्य संख्या (288 सीट में से 29) का 10 प्रतिशत होना अनिवार्य है।
कब से खाली है विधान परिषद में विपक्ष के नेता का पद
बता दें कि शिवसेना (यूबीटी) के नेता अंबादास दानवे विधान परिषद में विपक्ष के नेता थे। उनका कार्यकाल अगस्त में समाप्त हो गया था। इसके बाद कांग्रेस ने अपने एमएलसी सतेज पाटिल को उच्च सदन में विपक्ष के नेता के रूप में नियुक्त करने के लिए नामित किया है।
