बीते नवंबर में गिरफ्तार हुए चिन्मय दास।
Chinmoy Krishna Das gets bail : बांग्लादेश में राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार इस्कॉन के पूर्व संत चिन्मय कृष्ण दास को जमानत मिल गई है। द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक हिंदू संत को हाई कोर्ट से जमानत मिली है। दास को राजद्रोह के आरोप में नवंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्होंने जमानत के लिए कई बार अर्जी दायर की लेकिन उनकी याचिका खारिज होती आई। यहां तक कि सुनवाई के दौरान उनका पक्ष रखने वाले वकील पर जानलेवा हमला हुआ। चिन्मय दास की गिरफ्तारी के खिलाफ भारत में विरोध प्रदर्शन हुए।
जस्टिस मोहम्मद अतोआर रहमान एवं जस्टिस मोहम्मद अली रेजा की पीठ ने चिन्मय की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत देने का फैसला सुनाया। हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद चिन्मय की जेल से रिहाई हो सकती है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का अपीलीय डिवीजन हाई कोर्ट के इस फैसले पर रोक भी लगा सकता है।
बीते 23 अप्रैल को चिन्मय दास के वकील अपूर्बा कुमार भट्टाचार्य ने हाई कोर्ट से हिंदू नेता को जमानत देने की अपील की। वकील ने कहा कि दास बीमार हैं और बिना मुकदमा चलाए उन्हें जेल में बंद किया गया है। हालांकि, कोर्ट ने उस दिन जमानत देने से उन्हें इंकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में वह बाद में अपना फैसला सुनाएगा।
दास की रिहाई के लिए बीते महीनों में भारत सहित कई देशों में प्रदर्शन हुए। इस्कॉन के पूर्व नेता चिन्मय दास को 25 नवंबर को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। चट्टोग्राम की एक अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। उन पर देश के झंडे का अपमान करने के लिए देशद्रोह का आरोप लगाया गया है। दास बांग्लादेश में हिंदू सहित अल्पसंख्यकों की प्रमुख आवाज माने जाते हैं।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।