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इस रूट पर चलेगी 20 कोच वाली पहली वंदे भारत, कल होगा ट्रायल, जानें रूट और ट्रेन की हाईस्पीड

Vande Bharat Express Train: 20 कोच वाली देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस शुक्रवार को सुबह 7 बजे अहमदाबाद से शुरू होगी, जो दोपहर 12:15 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। अभी इस रूट पर 16 कोच वाली वंदे भारत चल रही है, लेकिन अब रेलवे 20 कोच की वंदे भारत का ट्रायल करने जा रहा है।

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20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का ट्रायल कल।

Vande Bharat Express Train: भारतीय रेलवे ने देश में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का जाल काफी तेजी से बिछाया है। यह ट्रेन अपने आरामदायक सफर और रफ्तार के लिए जानी जाती है। अभी 16 और 8 कोच वाली वंदे भारत कई रूट्स पर फर्राटा भर रही हैं, लेकिन अब रेलवे 20 कोच वाली वंदे भारत चलाने पर विचार कर रहा है। यह देश की पहली वंदे भारत होगी, जिसमें 20 कोच होंगे। इस ट्रेन का ट्रायल कल यानी 9 अगस्त को होने जा रहा है।

भारतीय रेलवे के मुताबिक, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से अहमदाबाद के बीच 20 कोच वाली वंदे भारत का ट्रायल 9 अगस्त को होने जा रहा है। इसकी तैयारियां अंतिम दौर में हैं। जानकारी के अनुसार, ट्रेन का 130 किमी की स्पीड पर यह पहला ट्रायल होगा।

7 बजे अहमदाबाद से चलेगी वंदे भारत

20 कोच वाली देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस शुक्रवार को सुबह 7 बजे अहमदाबाद से शुरू होगी, जो दोपहर 12:15 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। इस सफर में 5 घंटे से अधिक समय लगेगा। बता दें, अभी अहमदाबाद से मुंबइ रूट पर 16-16 कोच की दो वंदे भारत ट्रेन चलाई जा रही हैं, इस ट्रेन को दोनों शहरों के बीच की दूरी तय करने में करीब सवा पांच घंटे लगते हैं।

मंत्रालय से मिली मंजूरी

मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने जा रही 20 कोच वाली वंदे भारत के लिए रेल मंत्रालय के रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेश से ट्रायल की मंजूरी मिल गई है। मंत्रालय की ओर से पश्चिमी रेलवे जोन को भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि वंदे भारत क 130 कमी प्रति घंटे अधिकतम स्पीड पर ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान रेलवे ट्रैक की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। सभी एलसी गेट, अतिक्रमण वाले और टूटी व गायब बैरिकेडिंग पर आरपीएफ जवानों की तैनाती होगी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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