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उमर अब्दुल्ला की कैबिनेट से नाराजगी के बीच फारूक का बड़ा बयान, बोले- कोई पार्टी को तोड़ नहीं सकता

नेशनल कॉन्फ्रेंस में मतभेद की खबरों पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी एकजुट है। उन्होंने विधायकों की नाराजगी दूर करने और उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।

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मीडिया से बातचीत करते फारूक अबदुल्ला (Image Credit- ANI)

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अंदर चल रही नाराजगी की खबरों के बीच पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पार्टी में किसी भी तरह के विभाजन की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि पार्टी के विधायकों ने जो समस्याएं और चिंताएं सामने रखी हैं, उनका समाधान किया जाएगा। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, शुक्रवार, 6 नवंबर को कई पार्टी विधायकों ने श्रीनगर में फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद पार्टी के अंदर असंतोष की खबरें सामने आ रही थीं।

'नेशनल कॉन्फ्रेंस को कोई नहीं तोड़ सकता'

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी में विभाजन की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस एकजुट है और जो लोग सोचते हैं कि वे इस संगठन को तोड़ सकते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि यह पार्टी न पहले टूटी है और न कभी टूटेगी। फारूक ने बताया कि विधायकों ने अपनी समस्याएं उनके सामने रखी हैं। उनकी बातों को गंभीरता से सुना गया है और अब उन पर ध्यान दिया जाएगा। कुछ समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा, जबकि कुछ मुद्दों पर धीरे-धीरे काम होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार दोनों को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी, ताकि आम लोगों की परेशानियों को दूर किया जा सके। फारूक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने और अनुच्छेद 370 व 35A की बहाली के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

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विधायकों ने भी खारिज की अलग गुट की खबरें

नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक नजीर अहमद खान ने भी पार्टी में किसी नए गुट या अलग पार्टी बनने की खबरों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विधायक अपनी समस्याएं लेकर पार्टी नेतृत्व के पास गए थे। इसे मीडिया में इस तरह दिखाया गया, जैसे पार्टी से कोई नया संगठन अलग हो गया हो। खान के मुताबिक, विधायकों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला के सामने अपने राजनीतिक और दूसरे मुद्दे रखे हैं। नेतृत्व ने भरोसा दिया है कि इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कुछ मामलों पर तुरंत कदम उठाए जाएंगे और बाकी पर धीरे-धीरे काम होगा।

कैबिनेट विस्तार के बाद बढ़ी थी नाराजगी

दरअसल, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पिछले महीने हुए कैबिनेट विस्तार के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी की खबरें सामने आई थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 20 से ज्यादा विधायकों ने इस फैसले को लेकर असंतोष जताया था। इसी वजह से पार्टी में मतभेद और अलग गुट बनने की अटकलें लगने लगी थीं। इस बीच श्रीनगर से लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी के इस्तीफे ने भी राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। उन्होंने 3 नवंबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने अपने इस्तीफे को स्वैच्छिक और वास्तविक बताते हुए इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया।

आगा रुहुल्ला ने पार्टी पर लगाए थे आरोप

आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व पर विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि पार्टी ने अनुच्छेद 370 की बहाली, कैदियों की रिहाई और लोगों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर जो वादे किए थे, उन पर जरूरी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने अपने पिता आगा सैयद मेहदी की 26वीं पुण्यतिथि पर समर्थकों की बड़ी सभा करने की भी घोषणा की थी।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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