ET NOW Global Business Summit 2026: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और किसानों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट में हिस्सा लेते हुए चिराग पासवान ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर विपक्ष की तरफ से भ्रम फैलाया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा, "भारत-अमेरिका को लेकर हुई ट्रेड डील को लेकर विपक्ष भ्रम फैला रहा है। हम भी जनप्रतिनिधि हैं। हमें भी चुनाव लड़ना है। आखिर कैसे कोई राजनीतिक दल देश के सबसे बड़े और सबसे संवेदनशील वर्ग के हितों से समझौता कर सकता है।"
पिछले 11 साल में मेरी सरकार हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एक के बाद एक हम लोगों ने कई ऐसे फैसले लिए जिसने भारत की इकॉनमी को हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम किया। कई बार इन विषयों के ऊपर सवाल उठे। जब हम लोगों ने गांव- गांव जाकर बैंक में खाते खुलवाने का हम लोगों ने काम किया। उस वक्त कई लोगों
ने सोचा कि यह क्या मतलब है? इसका जनधन योजना गांव में आप खाते खुलवा रहे हैं। बैंकों में आप इतने लोगों को आप लेकर जा रहे हैं। बैंकिंग व्यवस्था के साथ आप उनको
जोड़ रहे हैं।
हमें अनाज के वैल्यू पर ध्यान देने की जरूरत: चिराग पासवान
उन्होंने कहा कि हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है। भारत की एक बड़ी आबादी किसान से जुड़ी हुई है। एक समय था जब हमारा देश अनाज के लिए जूझ रहा था। हम लोग के पास उतना अनाज नहीं होता था। इसके बाद हम लोगों ने हरित क्रांति देखी। वक्त के साथ हमारे पास अनाज की कोई कमी नहीं रह गई लेकिन वॉल्यूम तो बड़े लेकिन हमने कभी वैल्यू पर ध्यान नहीं दिया।
चिराग पासवान ने आगे कहा कि पिछले एक दशक में हम लोगों ने वैल्यू पे कंसंट्रेट करना शुरू किया। आज जब मैं फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज की बात करता हूं, मैं मानता हूं हमारे सामने कई चुनौतियां भी हैं।
किसानों के पास होल्डिंग कैपेसिटी हो: चिराग पासवान
चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों की आर्थिक सशक्त की बात करते हैं। उनको फाइनेंशियली और ज्यादा स्ट्रांग करने की बात करते हैं। उसमें फूड प्रोसेसिंग का एक बहुत बड़ा योगदान है।
जब तक किसानों के पास वो होल्डिंग कैपेसिटी नहीं आती है कि वो अपने उत्पादन को लंबे समय तक होल्ड कर सकता है। उसको आने-पौने दामों पे बेचना ना पड़े। जब बाजार में उसके सही दाम मिले तब वो उसको बाजार में निकाल पाए। यह तब संभव होगा जब वो होल्डिंग कैपेसिटी रखेगा।
होल्डिंग कैपेसिटी कैसे आएगी? जब आप उसको प्रोसेस करेंगे आप उसकी शेलफ लाइफ बढ़ाएंगे और या फिर उसमें और वैल्यू ऐड कर कर उसको किसी और फॉर्म में उसको लेकर आप बाजारों तक लेकर जाएं। मैं मानता हूं जितना यह सेक्टर मजबूत होगा उतना किसानों की मजबूती हम लोग देख पाएंगे। जितना यह सेक्टर मजबूत होगा हम लोग जॉब अपोरर्चुनिटीज को क्रिएट करने की बात करते हैं। थ्रू कारपेट बॉम्बिंग ऑफ एन नंबर ऑफ
चिराग ने प्रोसेसिंग यूनिट्स को दूसरी बड़ी चुनौती बताई। उन्होंने कहा कि जहां पर खेत हो वहां पे जब प्रोसेसिंग यूनिट्स आएंगे वहां पे रोजगार के अवसर और ज्यादा बढ़ेंगे। वहां के युवा वहां के अगल-बगल के लोग उस व्यवस्था के साथ जुड़ेंगे। तो जहां एक तरफ किसानों की यह मदद करता है, वहीं दूसरी तरफ जॉब ओपोरर्चुनिटीज क्रिएट करता है।
इसके अलावा चिराग पासवान ने फूड वेस्टेज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अनाज जब खराब होता है, यह हर किसी को यह बात चुभती है। उसमें भी इस सेक्टर की एक बहुत अहम भूमिका है। जब आप प्रोसेसिंग करते हैं। आप कहीं ना कहीं उसकी शेलफ लाइफ बढ़ाते हैं। आप उसको जो पेरिशेबल फूड आइटम्स हैं,सब्जी हो फोल हो, आप उसको खराब होने से आप रोकते हैं। मैं मानता हूं कि इन सेक्टर्स पर काम कर हम देश की अर्थव्यवस्था को और ज्यादा मजबूत बना सकते हैं।
