up Electricity employees strike over: यूपी में बिजली हड़ताल से लोगों को उस वक्त बड़ी राहत मिल गई जब रविवार को बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी है, बताते हैं कि इस बारे में यूपी सरकार-बिजली कर्मचारियों के बीच सहमति बन गई इसकी जानकारी सामने आने के बाद जनता ने जो बिजली कटौती से त्रस्त थी उसे बड़ी राहत मिली है।
गौर हो कि उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार रात से जारी बिजली कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल सरकार के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद आज वापस ले ली गई।बिजली कंपनियों में चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के चयन तथा कुछ अन्य मुद्दों को लेकर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बिजली विभाग के कर्मचारियों की बृहस्पतिवार रात से शुरू हुई तीन दिन (72 घंटे) की हड़ताल द्विपक्षीय वार्ता के बाद वापस ले ली गई है।
कर्मचारी नेताओं के साथ की गई बातचीत
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे व अन्य कर्मचारी नेताओं के साथ अपरान्ह 2:30 बजे से जल निगम के फील्ड हॉस्टल 'संगम' में वार्ता शुरू की।
एक दिन पूर्व ही सांकेतिक हड़ताल समाप्त करने की घोषणा
वार्ता के बाद शैलेन्द्र दुबे ने एक दिन पूर्व ही सांकेतिक हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश की जनता, मुख्यमंत्री और अपनी ओर से समिति के नेताओं को हड़ताल समाप्त करने के लिए धन्यवाद दिया।
हड़ताल का असर नजर भी आ रहा था
गौर हो कि रविवार को यूपी में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का आज तीसरा दिन था और उसका असर नजर भी आ रहा था, पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक के जितने जिले हैं बिजली संकट का सामना कर रहे हैं हालांकि सरकार की तरफ से कार्रवाई भी की जा रही थी, कुछ जगहों पर जलसंकट भी दिखा, नोएडा के कुछ इलाकों में लोगों ने कहा कि करीब चार घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ा वहीं गाजियाबाद के लोग भी परेशान रहे। बात अगर गोरखपुर, वाराणसी, आजमगढ़ मऊ और बलिया की करें तो तस्वीर अलग नहीं है वही हाल आगरा, मथुरा, झांसी और मेरठ का था, मगर अब राहत की बात है कि हड़ताल वापस हो गई।
बातचीत बिना किसी निष्कर्ष के खत्म हो गई थी
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (vksss) के बीच शनिवार की देर रात तक चली बातचीत बिना किसी निष्कर्ष के खत्म हो गई थी बिजली कर्मचारियों की 72 घंटे की जारी हड़ताल के कारण राज्य के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। राज्य सरकार ने वीकेएसएसएस के संयोजक शैलेंद्र दुबे समेत 22 हड़ताली इंजीनियरों के खिलाफ आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
