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EC News: वीडियो, ऑडियो बुक, ई-बुक की मदद लेगा 'चुनाव आयोग', मकसद है 'खास'

चुनाव प्रणाली में दक्षता लाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के दृष्टिकोण और दृढ़ विश्वास के अनुरूप, यह निर्णय लिया गया।

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चुनाव आयोग

चुनाव आयोग ने फैसला किया है कि मतदाताओं, उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों समेत उसके विभिन्न हितधारकों के लिए एनिमेटेड वीडियो, ऑडियो बुक, ई-बुक और एक एकीकृत डैशबोर्ड जैसी प्रमुख सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उन्हें चुनाव की विभिन्न प्रक्रियाओं, व्यवस्थाओं और नियमों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। चुनाव आयोग के अनुसार, क्षमता निर्माण के लिए आधुनिक दृष्टिकोण अपनाते हुए, प्रत्येक हितधारक के लिए एनिमेटेड वीडियो का एक कैप्सूल तैयार किया जाएगा। यह वीडियो उनके लिए चुनाव से जुड़े सभी पहलुओं को विस्तार से कवर करेगा। ये एनिमेटेड वीडियो प्रत्येक हितधारक के लिए स्व-गति से निरंतर सीखने का आसान माध्यम होंगे।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने संवैधानिक ढांचे और कानूनी प्रावधानों के व्यापक अध्ययन के बाद, पूरी चुनाव प्रक्रिया में 28 अलग-अलग हितधारकों की पहचान की है। इनमें इलेक्टोरेट ऑफिसर-सीईओ, डीईओ, ईआरओ, राजनीतिक दल, उम्मीदवार, मतदान एजेंट आदि शामिल हैं। विभिन्न तैयारियों और जानकारी के आदान-प्रदान के लिए दिल्ली में सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के सीईओ का दो दिवसीय सम्मेलन बुधवार को संपन्न हुआ।

इसके तहत विभिन्न हितधारकों की सुविधा के लिए एक अनुकूलित डैशबोर्ड के साथ एक एकीकृत आईटी आर्किटेक्चर तैयार किया जाएगा। एक एकल खिड़की मंच की भी योजना बनाई गई है, जो सूचनाओं के सुझाव और परिणामों के प्रवाह को सुव्यवस्थित करेगा। यह मंच मानवीय त्रुटियों को कम करने के लिए अंतर्निहित क्रॉस-सत्यापन के साथ अधिकारियों के बीच संचार को सुचारू बनाएगा।

सम्मेलन के दूसरे दिन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ प्रमुख सामग्री की समय पर उपलब्धता के लिए प्रत्येक सीईओ द्वारा प्रस्तुत कार्रवाई योग्य बिंदुओं की समीक्षा की। चुनाव आयोग के मुताबिक, प्रत्येक सीईओ के लिए एक अलग हितधारक नियुक्त किया गया है। गलत सूचना और स्थानीय मुद्दों पर त्वरित प्रतिक्रिया के लिए सीईओ और डीईओ स्तर पर संचार को मजबूत करने के लिए एक नई ऊर्जा का संकेत दिया गया। चुनाव अधिकारियों ने तेजी से विकसित हो रहे मीडिया परिदृश्य में मतदाताओं के साथ निरंतर जुड़ाव के लिए सोशल मीडिया पर पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने यहां दोहराया कि सभी अधिकारियों को मौजूदा संवैधानिक और कानूनी ढांचे, निर्वाचक पंजीकरण नियम 1960, चुनाव संचालन नियम 1961 और समय-समय पर ईसीआई द्वारा जारी निर्देश के अनुसार काम करना चाहिए।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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