West Bengal Teacher Recruitment Scam: पश्चिम बंगाल में सामने आए चर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी (ED Summons Abhishek Banerjee) को पूछताछ के लिए तलब किया है। ईडी ने उन्हें 15 जून को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है। एजेंसी इस मामले में वित्तीय लेन-देन और कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। यह मामला प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसमें नियमों के उल्लंघन और भर्ती में गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान कई स्तरों पर अनियमितताएं हुईं, जिससे योग्य उम्मीदवारों के अधिकार प्रभावित हुए।
ईडी पिछले काफी समय से इस मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान एजेंसी ने कई लोगों से पूछताछ की है और करोड़ों रुपये की संपत्तियों को भी जब्त किया है। इससे पहले इसी मामले से जुड़े कुछ मामलों में एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई संपत्तियों को अपने कब्जे में लिया था। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित रूप से हुए आर्थिक लेन-देन का लाभ किन लोगों तक पहुंचा। यह मामला तब सबसे ज्यादा चर्चा में आया था जब पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया गया था।
भर्ती प्रक्रिया को लेकर सामने आए थे कई गंभीर सवाल
जांच के दौरान उनके करीबी लोगों के ठिकानों पर छापेमारी में बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य कीमती सामान बरामद हुआ था। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इस पूरे मामले में अदालतों ने भी सख्त रुख अपनाया है। भर्ती प्रक्रिया की जांच के बाद हजारों नियुक्तियों पर सवाल उठे और कई नियुक्तियों को रद्द भी किया गया। अदालत ने माना कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं, जिससे इसकी निष्पक्षता प्रभावित हुई।
ईडी और सीबीआई दोनों अलग-अलग कर रही जांच
ईडी और सीबीआई दोनों एजेंसियां इस मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं। जहां ईडी मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक लेन-देन की पड़ताल कर रही है, वहीं सीबीआई भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों की जांच कर रही है। अब अभिषेक बनर्जी को भेजे गए समन के बाद इस मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा तेज कर दी है। सभी की नजरें आने वाले दिनों में होने वाली पूछताछ और जांच की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
