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5620 करोड़ की ड्रग्स मामले में ED का एक्शन, दिल्ली से लेकर मुंबई तक छापेमारी; मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज

ED Raids: ईडी के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के प्रेम नगर में हिमांशु कुमार के आवासीय परिसर और मुंबई के नालासोपारा में भरत कुमार के परिसर पर भी छापेमारी की गयी। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली के झंडेवालान इलाके में तुषार बुक्स पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड और ट्यूलिप पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड तथा गुरुग्राम में एबीएन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के व्यावसायिक परिसरों पर भी छापेमारी की गयी।

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ईडी की छापेमारी।

Photo : BCCL

ED Raids: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाल ही में बड़ी मात्रा में जब्त किए गए मादक पदार्थों के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लिया है। ईडी ने इस केस में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है, साथ ही दिल्ली, मुंबई और गुरुग्राम में ताबड़तोड़ छापेमारी भी की है। आधिकारी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो अक्टूबर को दक्षिणी दिल्ली के महिपालपुर इलाके में एक गोदाम से 560 किलोग्राम से अधिक कोकीन और 40 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना जब्त किया था।

सूत्रों के मुताबिक, जब्त किये गये मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 5,620 करोड़ रुपये है। इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में बताया, आरोपियों की वित्तीय गतिविधियों के विवरण के साथ-साथ उनके और उनके परिवार के सदस्यों की चल व अचल संपत्तियों के ब्यौरे वाले कुछ प्रमुख वित्तीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

ईडी के रडार पर ये आरोपी

जांच एजेंसी ने आरोपी तुषार गोयल, हिमांशु कुमार, औरंगजेब सिद्दीकी और भरत कुमार के खिलाफ पुलिस में दर्ज प्राथमिकी पर संज्ञान लेते हुए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत अपनी जांच शुरू की है। ईडी सूत्रों ने बताया कि संघीय एजेंसी ने दिल्ली के वसंत एन्क्लेव व राजौरी गार्डन इलाकों में तुषार गोयल एवं उसकी पत्नी समेत विभिन्न आरोपियों तथा संदिग्धों के परिसरों पर छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के प्रेम नगर में हिमांशु कुमार के आवासीय परिसर और मुंबई के नालासोपारा में भरत कुमार के परिसर पर भी छापेमारी की गयी। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली के झंडेवालान इलाके में तुषार बुक्स पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड और ट्यूलिप पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड तथा गुरुग्राम में एबीएन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के व्यावसायिक परिसरों पर भी छापेमारी की गयी। इन कंपनियों का स्वामित्व और नियंत्रण गोयल व उनके परिवार के सदस्यों के पास है।

आरोपियों की संपत्ति कुर्क करेगी ईडी

ईडी ने दावा किया, मुख्य आरोपी तुषार गोयल उर्फ डिक्की ने मादक पदार्थों की उपरोक्त खेप को महिपालपुर में अपने परिवार के स्वामित्व वाले गोदाम में इकठ्ठा किया। गोयल इस साल जून में दुबई व थाईलैंड गया था और मादक पदार्थों को लाने-ले जाने तथा तस्करी की योजना बनाने के लिए अन्य सहयोगियों से मिला था। गोयल दुबई के एक सरगना के साथ मिलकर काम कर रहा था। दुबई में रह रहा व्यक्ति पूर्व में कोकीन एवं अन्य मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा था। एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि ईडी इस मामले में अपराध की आय का पता लगाने के बाद आरोपियों से पूछताछ करेगी और उनकी संपत्ति भी कुर्क करेगी। दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को पश्चिम दिल्ली में एक किराए की दुकान से 2,080 करोड़ रुपये की कीमत की 208 किलोग्राम कोकीन जब्त की। सूत्रों ने बताया कि ईडी इस मादक पदार्थ खेप की भी जांच कर रही है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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