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अंडमान-निकोबार का 500 करोड़ का बैंक घोटाला ED ने पहली बार की बड़ी कार्रवाई, पूर्व सांसद समेत तीन गिरफ्तार

​ED ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने पूर्व सांसद कुलदीप राय शर्मा और लोन ऑफिसर के. कलैवनन को आठ दिन की ED कस्टडी में भेज दिया है।

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प्रतीकात्मक फोटो (istock)

अंडमान-निकोबार में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एजेंसी ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें शामिल हैं—पूर्व सांसद और अंडमान-निकोबार स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (ANSCBL) के पूर्व चेयरमैन कुलदीप राय शर्मा, बैंक के प्रबंध निदेशक के. मुरुगन और लोन ऑफिसर के. कलैवनन।

एजेंसी का कहना है कि यह अंडमान-निकोबार का अब तक का सबसे बड़ा बैंक घोटाला है।जांच में सामने आया है कि बैंक अधिकारियों ने 100 से ज्यादा फर्जी लोन अकाउंट्स खोले। इन खातों में शेल कंपनियों (कागज़ी कंपनियों) के नाम पर करोड़ों रुपये के लोन मंजूर किए गए। इन पैसों को चुकाने की नीयत कभी थी ही नहीं। पूरा खेल सिर्फ निजी फायदे और पैसों की हेराफेरी के लिए रचा गया।

करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान बैंक को हुआ। इनमें से 230 करोड़ रुपये सीधे तौर पर कुलदीप राय शर्मा और उनके करीबियों को पहुंचे।MD के. मुरुगन और लोन ऑफिसर के. कलैवनन ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर भी लोन हासिल किए। कई बार लोन मंजूरी के बदले में 5%कमीशन लिया गया। यह रकम कैश में या शेल कंपनियों के अकाउंट्स से वसूली जाती थी।

ED की कार्रवाई और छापेमारी। इस मामले में ED ने पहले भी 31 जुलाई और 1 अगस्त 2025 को 21 ठिकानों पर छापे मारे थे। अब ताज़ा कार्रवाई में तीन और जगहों पर तलाशी ली जा रही है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि लोन की बड़ी रकम को शेल कंपनियों के जरिए घुमाया गया और फिर कैश में निकालकर वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के बीच बांटा गया। ED अधिकारियों का कहना है कि घोटाले से जुड़ी परतें अभी खुलनी बाकी हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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