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बिहार में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर तेजस्वी यादव के तथ्यों को ECI ने बताया भ्रामक, चुनाव आयोग ने शेयर किया फैक्ट चैक

Bihar Assembly Election: बिहार में ECI द्वारा विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान 2025 चलाया जा रहा है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कुछ फैक्ट्स साझा करते हुए इस अभियान पर सवाल उठाए थे। हालांकि, ईसीआई ने तेजस्वी के दावों के खंडन के तौर पर फैक्ट चेक सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

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चुनाव आयोग ने शेयर किया फैक्ट चैक, तेजस्वी यादव के तथ्यों को बताया भ्रामक

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Bihar Assembly Election: बिहार में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा ‘विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान 2025’ चलाया जा रहा है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कुछ फैक्ट्स साझा करते हुए इस अभियान पर सवाल उठाए थे। हालांकि, ईसीआई ने तेजस्वी के दावों के खंडन के तौर पर फैक्ट चेक सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें निर्वाचन आयोग ने तेजस्वी यादव की पोस्ट में शेयर किए गए तथ्यों को गलत बताया है।

भारत निर्वाचन आयोग ने तेजस्वी यादव के बयान का फैक्ट चेक किया और बताया कि उनकी पोस्ट में किया गया दावा भ्रामक है। चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय जनता दल ने स्वयं एसआईआर के काम के लिए 47504 बूथ लेवल एजेंट्स अप्वॉइंट किए हैं, जो कि एसआईआर के लिए जमीनी स्तर पर तत्परता से कार्य कर रहे हैं। एसआईआर सुचारू रूप से चल रहा है, कुल 4 करोड़ (50 प्रतिशत) के करीब फॉर्म अभी तक कलेक्ट किए जा चुके हैं।

तेजस्वी ने मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर उठाए थे सवाल

तेजस्वी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 8 जुलाई को एक पोस्ट शेयर करते हुए ‘विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान’ पर सवाल उठाए थे। तेजस्वी ने लिखा था कि लोकतंत्र की जननी बिहार में मतदाता अधिकारों का चीरहरण! बिहार में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे ‘विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान 2025’ में जो अव्यवस्था, अराजकता और असंवैधानिक कार्यप्रणाली सामने आ रही है, वह अत्यंत निंदनीय और लोकतंत्र के लिए घातक है। फर्जी फॉर्म, बिना दस्तावेज, बिना सत्यापन, सम्पूर्ण विवरणी के बिना ही फॉर्म भरने का मौखिक निर्देश, फर्जी हस्ताक्षर और निरक्षर बताकर किसी कर्मचारी से अंगूठा लगवाना, मतदाता की जानकारी के बिना डाटा अपलोड, बिना दस्तावेज फॉर्म भरने का मौखिक निर्देश, ईआरओ और बीएलओ पर 50 प्रतिशत फॉर्म आनन-फानन अपलोड करने का असंभव व अकल्पनीय दबाव, डाटा एंट्री ऑपरेटर तथा सुपरवाइजर से ही 10000 फॉर्म प्रतिदिन अपलोड करने का अव्यावहारिक लक्ष्य, यह सब 10 जुलाई को माननीय सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले जल्दबाजी में किया जा रहा है, ताकि आंकड़ों की बाजीगरी से सच्चाई को ढका जा सके।

तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि कहीं मौखिक रूप से कहा जा रहा है कि ‘आधार कार्ड ही काफी है’, तो कहीं कहा जा रहा है कि ‘किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं’- इससे मतदाताओं के बीच भारी भ्रम की स्थिति बन गई है। मैं खुद पार्टी कार्यकर्ताओं, बीएलओ और आम नागरिकों से बात कर रहा हूं। हर जगह अलग ही कहानी, अलग ही जालसाजी। ऐसा लग रहा है जैसे ‘फर्जीवाड़े का एक लाइव शो चल रहा है’, जिसमें हर दिन हर घंटे नई स्क्रिप्ट, नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। जब संसाधन नहीं, इंटरनेट नहीं, प्रशिक्षण नहीं, स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं, वांछित समय नहीं तो इतनी जल्दबाजी क्यों? क्या यह एक पूर्वनियोजित साजिश है, ताकि असल मतदाताओं को हटाकर चुनाव को प्रभावित किया जा सके? यह सिर्फ प्रक्रिया का अपमान नहीं है, यह मतदाता अधिकारों पर हमला है, लोकतंत्र के मूल में गड़बड़ी करने का कुत्सित प्रयास है। बिहार के लोकतंत्र को यूं अपवित्र नहीं होने देंगे। हम हर मंच पर, हर स्तर पर, हर मतदाता की आवाज बनेंगे। लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी।

इसके अलावा, राजद ने एक क्लिप शेयर कर कथित वॉयस रिकॉर्डिंग सुनाई थी। राजद ने दावा करते हुए कहा लिखा था कि बिहार के एक जिलाधिकारी का मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण संबंधित दिशा-निर्देश अपनी विश्वसनीयता खो चुके चुनाव आयोग के मुंह पर करारा तमाचा है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले कैसे चुनाव आयोग के हाथ-पांव फूल गए हैं। क्या जिलाधिकारी का वॉइस सैंपल करा कर चुनाव आयोग फैक्ट चेक करेगा? यह बिहार है, बिहार! दो गुजराती बिहार नहीं चलाएंगे। फर्जीवाड़े के बहुत ऑडियो-वीडियो हैं। देखते जाइए। राजद का ये दावा भी ईसीआई के फैक्ट चेक में गलत निकला। ईसीआई ने बताया कि इस पोस्ट में किया गया दावा भ्रामक है। डीएम ने जो कहा है, वह एसआईआर में निहित है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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