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पाकिस्तान में आया 3.6 तीव्रता का भूकंप, क्यों बार-बार लग रहे झटके?

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के एक बयान में कहा गया है कि शनिवार को पाकिस्तान में 3.6 तीव्रता का भूकंप आया, लेकिन किसी प्रकार के जान माल के नुकसान की खबर नहीं है।

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पाकिस्तान में लगे भूकंप के झटके

Photo : iStock

पाकिस्तान में शनिवार को 3.6 तीव्रता का भूकंप आने की खबर है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के एक बयान में कहा गया है कि शनिवार को पाकिस्तान में 3.6 तीव्रता का भूकंप आया। एनसीएस के एक बयान के अनुसार, भूकंप 160 किमी की गहराई पर आया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के झटके महसूस हुए लेकिन किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आई है। जानकारी के मुताबिक, केंद्र के आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने भवन हिलने की सूचना दी। NCS ने क्षेत्र में संभावित झटकों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी दी है। हालांकि, इससे पहले भी 24 अक्टूबर को इसी क्षेत्र में 3.7 तीव्रता का एक और भूकंप आया था, जो केवल 10 किमी की सतही गहराई पर था, जिससे आफ्टरशॉक की संभावना बढ़ गई थी।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप शाम करीब 6:30 बजे आया। झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आ गए और अफरा-तफरी का माहौल हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी उथली गहराई (10 किमी) पर आए भूकंप ज़्यादा खतरनाक हो सकते हैं क्योंकि उनकी तरंगें सतह तक तेजी से पहुंचती हैं और ज़मीन को अधिक हिला देती हैं।

क्यों संवेदनशील हैं ये इलाके

पंजाब केसरी की रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तरी भारत का इलाका दुनिया के सबसे भूकंप-संवेदनशील जोनों में शामिल है। यहां भारतीय टेक्टोनिक प्लेट और यूरेशियन प्लेट आपस में टकराती हैं, जिसके कारण लगातार भूकंप की गतिविधियां दर्ज की जाती है। चूंकि, बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र यूरेशियन प्लेट पर स्थित हैं, जबकि सिंध और पंजाब भारतीय प्लेट के किनारे पर हैं। इन दोनों प्लेटों के बीच निरंतर दबाव और टकराव की वजह से यहां छोटे और मध्यम स्तर के भूकंप आम हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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