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दुश्मन की जमीन पर 24 घंटे बिता भारत वापस लौटे एस जयशंकर, पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ को बोला 'थैंक्स'

EAM Dr S Jaishankar: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा, इस्लामाबाद से वापसी! आतिथ्य और मेहमाननवाजी के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इशाक डार का धन्यवाद।

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पाकिस्तान से वापस लौटे विदेश मंत्री एस जयशंकर।

Photo : Twitter

EAM Dr S Jaishankar: पाकिस्तान में आयोजित शंघाई शिखर सम्मेलन में प्रतिभाग करने के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर भारत वापस लौट आए हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। जयशंकर ने तस्वीरें पोस्ट करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इशाक डार को धन्यवाद दिया है। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, इस्लामाबाद से वापसी! आतिथ्य और मेहमाननवाजी के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इशाक डार का धन्यवाद।

इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की धरती पर उसे ही खरी-खरी सुनाई। एस जयशंकर ने कहा, यदि सीमा पार की गतिविधियां आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद पर आधारित होंगी तो व्यापार, ऊर्जा और संपर्क सुविधा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, सहयोग आपसी सम्मान और समानता पर आधारित होना चाहिए तथा इसमें राष्ट्रों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को मान्यता दी जानी चाहिए।

चीन को भी दिया जवाब

जयशंकर ने बैठक के दौरान इशारों ही इशारों में चीन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, सहयोग के लिए भरोसा महत्वपूर्ण है और यदि समूह मिलकर आगे बढ़ता है तो एससीओ सदस्य देशों को काफी लाभ हो सकता है। सहयोग आपसी सम्मान और संप्रभुता की समानता पर आधारित होना चाहिए।

इसमें क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को मान्यता दी जानी चाहिए। इसे वास्तविक साझेदारी पर आधारित होना चाहिए, न कि एकतरफा एजेंडे पर। अगर हम वैश्विक व्यवस्थाओं, खासकर व्यापार और पारगमन के क्षेत्रों में अपने फायदे के हिसाब से चयन करेंगे तो यह (सहयोग) आगे नहीं बढ़ सकता।’’

उनकी इस टिप्पणी को अहम मुद्दों पर चीन के आक्रामक व्यवहार के परोक्ष संदर्भ के रूप में देखा जा रहा है।

शहबाज शरीफ के डिनर में शामिल हुए जयशंकर

इससे एक दिन पहले मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा आयोजित डिनर कार्यक्रम में शामिल हुए।इस दौरान शरीफ और जयशंकर ने एक दूसरे का अभिवादन किया। जयशंकर और शरीफ ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया और बहुत ही संक्षिप्त बातचीत की।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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