डीआरडीओ ने कहा कि परीक्षण के दौरान मिसाइल प्रणाली ने सफलतापूर्वक एरियल टार्गेट को इंटरसेप्ट किया और उसे तबाह किया।
सेना-वायु सेना ने इसे तैनात किया है
आकाश वायु रक्षा प्रणाली की डिजाइन डीआरडीओ ने की है और इसे अन्य उद्योगों के साथ मिलकर बीईएल/बीडीएल ने तैयार किया है। देश की सरहदों की सुरक्षा में सेना और वायु सेना ने इस मिसाइल प्रणाली को तैनात किया है। इस स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली के अलावा भारत के पास रूस की वायु रक्षा प्रणाली S-400 भी है। एस-400 को दुनिया की बेहतरीन वायु रक्षा प्रणाली में से एक माना जाता है। रूस से एस-400 की कई स्क्वाड्रन भारत को मिल चुकी हैं।कई देश खरीदना चाहता है इसे
रक्षा प्रणाली आकाश की सटीकता एवं मारक क्षमता को देखते हुए विदेशों में इसकी मांग बढ़ी है। ब्राजील, इजिप्ट सहित मध्य पूर्व के कई देश भारत की इस स्वदेशी मिसाइल प्रणाली को खरीदने की इच्छा जता चुके हैं। आकाश सिस्टम के लिए अर्मेनिया से कई ऑर्डर मिले हैं और इसकी आपूर्ति अगले कुछ महीने में की जाने लगेगी। कुछ दिनों पहले भारतीय वायु सेना ने अपनी अस्त्रशक्ति नाम से अभ्यास किया। इस अभ्यास में आकाश मिसाइल की बेजोड़ फायर पावर दिखाई गई।
ऐसा करने वाला भारत पहला देश
वायु सेना के इस अभ्यास के दौरान वायु रक्षा प्रणाली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक साथ चार मानव रहित एरियल टार्गेट को तबाह किया। एक समय पर चार टार्गेट को निष्क्रिय करने की क्षमता का प्रदर्शन करने वाला भारत दुनिया का पहला देश है।
