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पानी के लिए अनशन करेंगी आतिशी, संजय सिंह ने INDIA गठबंधन से मांगा समर्थन

Delhi Water Crisis: दिल्ली में जलसंकट के मुद्द को हल करने और हरियाणा सरकार ने दिल्ली के हिस्से का पानी मांगने के लिए आप नेता व मंत्री आतिशी कल से अनिश्चितकालीन अनशन करेंगी तो वहीं संजय सिंह ने इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन से समर्थन की मांग की है।

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संजय सिंह

Photo : Twitter

Delhi Water Crisis: दिल्ली में जलसंकट का मुद्दा हल होने का नाम नहीं ले रहा है। जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है। कई इलाकों में पानी की भारी कमी है। इस बीच आम आदमी पार्टी की नेता व दिल्ली सरकार में मंत्री कल यानी 21 जून से हरियाणा से दिल्ली के हिस्से का पानी लेने के लिए 21 जून से अनिश्चितकालीन अनशन करेंगी। यह जानकारी आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दी है, साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन के नेताओं से भी समर्थन की मांग की है।

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने गुरुवार को दिल्ली में गहराए जल सकंट के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि वे प्रदर्शन करते हैं और नाटकबाजी करते हैं। अगर वे वास्तव में चाहते हैं कि दिल्ली को पानी मिले तो उन्हें हरियाणा भवन के बाहर प्रदर्शन करना चाहिए। संजय सिंह ने बताया कि दिल्ली सरकार की जल मंत्री आतिशी भाजपा शासित राज्य हरियाणा से दिल्ली के हिस्से का पानी लेने के लिए 21 जून से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगी।

इंडिया गठबंधन से मांगा समर्थन

संजय सिंह ने कहा कि इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) के घटक दलों से अपील करता हूं कि वे इस लड़ाई में हमारा साथ दें। हम हरियाणा से अपने हिस्से का पानी मांग रहे हैं। बता दें, भाजपा की दिल्ली ईकाई ने बुधवार को आतिशी पर पानी की कथित चोरी और कालाबाजारी से ध्यान भटकाने के लिए 'नाटक' करने का आरोप लगाया था। साथ ही उन्होंने इस मामले में आप सरकार को उसकी 'निष्क्रियता' के लिए बर्खास्त किए जाने की मांग भी की थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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