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नजफगढ़ फायरिंग केस में क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा, 6 गिरफ्तारी के बाद जांच के दायरे में विदेश में बैठा अपराधी

Najafgarh Firing Case: नजफगढ़ के भवाना मेडिकोज पर हुई फायरिंग के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने अब तक 6 गिरफ्तारी की है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 5 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने की साजिश से जुड़ा है।

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नजफगढ़ फायरिंग केस (फोटो साभार- TNN)

Najafgarh Firing Case: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने नजफगढ़ के भवाना मेडिकोज पर हुई फायरिंग के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह मामला 5 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने और रकम नहीं मिलने पर हमले की साजिश से जुड़ा सामने आया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीव राठी उर्फ आशु, मनजीत, हरि प्रकाश उर्फ काला, ज्योति प्रकाश उर्फ ज्योति उर्फ बाबा, राहुल और साहिल उर्फ पिंटू के रूप में हुई है। पुलिस अब गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू और जर्मनी में रह रहे नवीन देशवाल की कथित भूमिका की भी जांच कर रही है।

भावना मेडिकोज पर फायरिंग का मामला

पुलिस के मुताबिक, 19 सितंबर 2026 को रात करीब 8:30 बजे नजफगढ़ के नया बाजार स्थित भवाना मेडिकोज पर फायरिंग हुई थी। बाइक पर सवार होकर आए दो लोगों में से एक ने दुकान पर मौजूद संजय कुमार रोहिल्ला को निशाना बनाकर गोली चलाई। गोली उन्हें नहीं लगी और दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले में नजफगढ़ थाने में FIR नंबर 429/26 दर्ज की गई थी।

क्राइम ब्रांच ने 24 सितंबर को की पहली गिरफ्तारी

क्राइम ब्रांच ने सबसे पहले 24 सितंबर को झज्जर निवासी आशीव राठी उर्फ आशु को गिरफ्तार किया। पुलिस का आरोप है कि उसने मध्य प्रदेश के खरगोन से तीन देसी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 10 कारतूस का इंतजाम किया था। इसके बाद 28 सितंबर को झज्जर निवासी मनजीत को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, मनजीत ने हथियार खरीदने के लिए आशीव को कथित तौर पर 1.5 लाख रुपये दिए थे। 29 सितंबर को पुलिस ने नरेला निवासी हरि प्रकाश उर्फ काला को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, जांच में हरि प्रकाश कथित शूटर के तौर पर सामने आया है। आरोप है कि उसने ही भवाना मेडिकोज पर गोली चलाई थी। पुलिस ने राहुल को 7 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, वारदात के समय वह बाइक चला रहा था।

अब तक 6 आरोपियों को किया जा चुका है गिरफ्तार

इस मामले में 9 अक्टूबर को साहिल उर्फ पिंटू को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, साहिल ने पैसे देने का लालच देकर हरि प्रकाश और राहुल को हमले के लिए तैयार किया था। साहिल के बयान के मुताबिक, 16 सितंबर को उसे गांव छुड़ानी के पास नहर के नजदीक आशीव और मनजीत से दो .32 बोर पिस्टल, सात कारतूस और 7 लाख रुपये मिले थे। वारदात के बाद उसने हरि प्रकाश को 2.5 लाख रुपये और राहुल को 25 हजार रुपये दिए थे।

जांच के दौरान ज्योति प्रकाश उर्फ ज्योति उर्फ बाबा की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, उस पर अपने भाई कपिल सांगवान उर्फ नंदू के साथ प्रस्तावित हमले को लेकर बातचीत करने का आरोप है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, इस मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी कड़ियों की तलाश जारी है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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