दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर वीके सक्सेना ने आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका दिया है। लेफ्टिनेंट गर्वनर ने दिल्ली के मुख्य सचिव को आम आदमी पार्टी से 97 करोड़ रुपए वसूलने का निर्देश दिया है। एलजी का कहना है कि पार्टी ने सरकारी विज्ञापन के नाम पर अपना राजनीतिक विज्ञापन किया है और इस मद में यह राशि खर्च की है। एलजी का कहना है कि पार्टी ने सीसीआरजीए के आर्डर, दिल्ली हाई कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया है।
खर्च राशि नियम के अनुरूप नहीं थी
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा गठित सरकारी विज्ञापनों में सामग्री के नियमन से संबंधित समिति (सीसीआरजीए) के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए बताया कि ऐसे विज्ञापनों पर 97.14 करोड़ रुपये (97,14,69,137 रुपये) खर्च किए गए जो नियम के अनुरूप नहीं थे। एक सूत्र ने कहा, ‘डीआईपी ने इसके लिए 42.26 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान पहले ही कर दिया है और प्रकाशित विज्ञापनों के लिए 54.87 करोड़ रुपये अभी और दिए जाने हैं।’
सीसीआरजीए का दिया हवाला
उच्चतम न्यायालय ने सरकारी विज्ञापनों को विनियमित करने और बेकार के खर्च को रोकने के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए थे। इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 2016 में सरकारी विज्ञापनों में सामग्री के नियमन से संबंधित समिति (सीसीआरजीए) का गठन किया था। इसमें तीन सदस्य थे। सीसीआरजीए ने इसके बाद डीआईपी द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों में से उच्चतम न्यायालय के ‘दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले’विज्ञापनों की पहचान की और सितंबर 2016 में एक आदेश जारी किया था।
