Delhi Excise Policy PMLA Case: दिल्ली उत्पाद शुल्क मामले में जेल में बंद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को राहत नहीं मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और विनोद चौहान की न्यायिक हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी है। न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद दोनों को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था।
ईडी के वकील ने कहा कि विनोद चौहान ने गोवा चुनाव के लिए अभिषेक बोइनपल्ली के जरिए बीआरएस नेता के कविता के पीए से 25 करोड़ रुपये हासिल किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस महीने के अंत तक विनोद चौहान के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की जाएगी।
सेहत के आधार पर मांग चुके हैं जमानत
इससे पहले 5 जून को अरविंद केजरीवाल को अदालत से झटका लगा था। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल की अंतरिम ज़मानत खारिज कर दी थी। केजरीवाल ने खराब सेहत का हवाला देते का 7 दिन की जमानत मांगी थी। वहीं ईडी (ED) ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि केजरीवाल लगातार चुनाव प्रचार कर रहे थे लेकिन जब सरेंडर करने का समय आया तो अदालत को गुमराह करने लगे।
अदालत ने दी ये दलील
अदालत ने कहा कि केजरीवाल जिस तरह लोकसभा के चुनाव प्रचार और मीटिंग में शामिल हो रहे थे, उससे नहीं लगता कि वो किसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे हैं। सिर्फ बीमारी की आशंका के चलते इलाज की दलील देना जमानत के लिए आधार नहीं माना जा सकता है। अदालत ने कहा था कि केजरीवाल जिन मेडिकल जांचों के लिए जमानत मांग रहे हैं वो तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में रहते हुए भी कराए जा सकते हैं।
कोर्ट ने कहा था कि एम्स दिल्ली के निदेशक से कहा है कि वो केजरीवाल की बीमारी को ध्यान में रखकर पहले से गठित विशेषज्ञ डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड में बदलाव भी कर सकते हैं। कोर्ट के आदेश के मुताबिक एम्स का मेडिकल बोर्ड ही केजरीवाल की मेडिकल जांच करके बताएगा कि उन्हें कौन से मेडिकल टेस्ट करवाने हैं।
