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मनीष सिसोदिया से बदसलूकी का मामला, कोर्ट ने CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का दिया आदेश

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 1, 2023, 03:52 PM IST

Manish Sisodia: कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत को 14 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। अब मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 19 जुलाई को उनकी पेशी होगी।

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Manish Sisodia

Photo : BCCL

Manish Sisodia: दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से बदसलूकी मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी होने तक पिछली पेशी की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए। इसके साथ ही शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मनीष सिसोदिया को कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सिसोदिया को व्यक्तिगत पेशी से राहत देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की इजाजत दे दी है।

इसके साथ ही कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत को 14 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। अब मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 19 जुलाई को उनकी पेशी होगी। बता दें, बीते 23 मई को मनीष सिसोदिया की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी थी। इस दौरान उनके साथ बदसलूकी का मामला सामने आया था, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा है कि अगली पेशी के दौरान इस मामले की सुनवाई होगी। तब तक पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया है।

पेशी के दौरान भीड़ जमा होने पर जताई नाराजगी

इसके साथ ही कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की पेशी के दौरान भीड़ जमा होने पर नाराजगी जताई है। बता दें, पुलिस ने बताया कि मनीष सिसोदिया की पेशी के दौरान काफी भीड़ होती है। एक तरह मीडिया वाले होते हैं तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता इकट्ठा हो जाते हैं, जिससे उन्हें पेशी पर लाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

कोर्ट ने ईडी की चार्जशीट का लिया संज्ञान

इससे पहले कोर्ट ने ईडी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट का संज्ञान लिया। इसमें कहा गया था कि आरोपी मनीष सिसोदिया की मिलीभगत से करीब 622 करोड़ रुपये कमाए गए। बता दें, सिसोदिया को ईडी ने नौ मार्च को गिरफ्तार किया था। इससे पहले सीबीआई ने उन्हें 26 जनवरी को शराब घोटाले में गिरफ्तार किया था।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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