देश

केजरीवाल की सदबुद्धि के लिए BJP का मौन व्रतः बोले सचदेवा- जिन्हें CM लगाते थे गले, आज उनसे संबंध बताने में आ रही शर्म

  • Authored by: अमित गौतम
  • Updated Mar 13, 2023, 04:52 PM IST

सचदेवा ने आगे कहा कि हम सभी कार्यकर्ता दिल्ली के हर गली मोहल्ले में जाएंगे और केजरीवाल के इस भ्रष्टाचार को उजागर करेंगे। क्योंकि यह शराब घोटाला केजरीवाल की सहमति से हुआ है।

Image

देश की राजधानी दिल्ली में राजघाट पर बीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पार्टी पदाधिकारी और नेता।

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

दिल्ली में कथित शराब घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी के खिलाफ बीजेपी लगातार हमलावर है. आज राजघाट के सामने बीजेपी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा समेत वरिष्ठ नेताओं, सांसद, विधायक और प्रदेश पदाधिकारीयों ने शराब घोटाले के सूत्रधार अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की मांग करते हुए उनकी सद्बुद्धि के लिए मौन व्रत रखा। इसके साथ ही वहां लगे एल.ई.डी. स्क्रीन पर एक फिल्म भी चलाई गयी जिसके द्वारा केजरीवाल सरकार के झूठ एवं वादा खिलाफी के कई मुद्दों को उजागर किया गया।

मौन व्रत के उपरांत पत्रकारों से बात करते हुए वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि राजघाट एक पवित्र स्थल है और यह बेहद ही अफसोस की बात है कि अरविंद केजरीवाल या उनके कोई भी नेता भ्रष्टाचार करने के बाद यहां आकर अपनी गलतियों को स्वीकारने की जगह अपने किए कर्मों पर पर्दा डालने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल जिस भ्रष्टाचार में लिप्त हैं उसको स्वीकार करें और उन्हें सदबुद्धि मिले जिससे वह दिल्ली को लूटना बंद करें, इसी कामना के साथ आज हमने यहां मौन व्रत रखा है।

सचदेवा ने आगे कहा कि हम सभी कार्यकर्ता दिल्ली के हर गली मोहल्ले में जाएंगे और केजरीवाल के इस भ्रष्टाचार को उजागर करेंगे। क्योंकि यह शराब घोटाला केजरीवाल की सहमति से हुआ है। जिस विजय नैयार को केजरीवाल कभी गले लगाते थे आज उससे अपने संबंध बताने में केजरीवाल को शर्म आ रही है। केजरीवाल अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते और वह इस शराब घोटाले की गिरफ्त में आएंगे यह तय है।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार में सिर्फ शराब घोटाला ही नहीं बल्कि क्लासरुम घोटाला, डीटीसी घोटाला, स्वास्थ्य घोटाला या फिर जलबोर्ड घोटाला हो, इस लड़ाई को लेकर भाजपा लगातार दिल्ली की जनता की आवाज बनकर संघर्ष करती रहेगी।

अमित गौतम
अमित गौतमauthor

पत्रकारिता में चार साल का तजुर्बा। राजनीतिक खबरों की नब्ज पहचानता हूं। कुछ नया करने की हर वक्त कोशिश करता हूं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!