केंद्र सरकार ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह को एक साल का सेवा विस्तार दिया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने शनिवार यानी 24 अक्टूबर को एक साल के लिए उनका कार्यकाल बढ़ाने को मंजूरी दी। उनका मौजूदा कार्यकाल 31 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाला था। नए आदेश के अनुसार, अब वह 31 अक्टूबर 2027 तक या अगले आदेश जारी होने तक पद पर बने रहेंगे। इस फैसले के बाद रक्षा मंत्रालय में उनकी जिम्मेदारी एक साल और बढ़ गई है।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वह 31 अक्टूबर 2027 तक या अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे। यानी यदि इससे पहले कोई नया निर्देश जारी होता है, तो उसके मुताबिक आगे की व्यवस्था तय होगी। उन्होंने 1 नवंबर 2024 को गिरिधर अरमाने की जगह रक्षा सचिव का पद संभाला था। अरमाने आंध्र प्रदेश कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी थे और 31 अक्टूबर 2024 को सेवानिवृत्त हुए थे।
सेवा विस्तार के लिए नियमों में दी गई छूट
सरकार ने राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल बढ़ाने के लिए निर्धारित सेवा नियमों में छूट को मंजूरी दी है। आधिकारिक आदेश के मुताबिक, यह निर्णय मौलिक नियम 56(डी) और अखिल भारतीय सेवा मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ नियम, 1958 के नियम 16(1ए) के प्रावधानों में छूट देते हुए लिया गया है।नवंबर 2024 में संभाली थी रक्षा सचिव की जिम्मेदारी
राजेश कुमार सिंह ने 1 नवंबर 2024 को नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में रक्षा सचिव का पदभार ग्रहण किया था। वह 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं और केरल कैडर से संबंधित हैं। इससे पहले 20 अगस्त 2024 को उन्हें रक्षा सचिव के रूप में नियुक्ति की प्रक्रिया के तहत विशेष कार्य अधिकारी (OSD) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पदभार संभालने से पहले वह राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचे थे और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी थी।
इस अवसर पर उन्होंने सैनिकों के बलिदान को याद करते हुए कहा था कि देश उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि सैनिकों का साहस भारत को सुरक्षित और समृद्ध बनाने की प्रेरणा देता है।
उद्योग से लेकर पशुपालन विभाग तक संभाल चुके हैं जिम्मेदारी
रक्षा सचिव बनने से पहले राजेश कुमार सिंह केंद्र सरकार के कई अहम विभागों में काम कर चुके हैं। उन्होंने 24 अप्रैल 2023 से 20 अगस्त 2024 तक वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव के रूप में काम किया। इससे पहले वह मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के पशुपालन एवं डेयरी विभाग में सचिव रहे। उनके प्रशासनिक अनुभव में उद्योग, व्यापार, कृषि और पशुपालन जैसे विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने शहरी विकास मंत्रालय में निदेशक, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) में भूमि आयुक्त, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव और कृषि विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में भी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा वह भारतीय खाद्य निगम (FCI) में मुख्य सतर्कता अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
