रायपुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर ज़िले की कर्रेगुट्टा पहाड़ी, जो कभी नक्सलियों का गढ़ मानी जाती थी, अब राष्ट्रीय सुरक्षा का नया प्रतीक बनने जा रही है। केंद्र सरकार ने यहां देश का दूसरा जंगल वारफेयर कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है। यह संस्थान CRPF, छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी, कोबरा और अन्य बलों को स्पेशल ट्रेनिंग देगा।
CRPF ट्रेनिंग नेटवर्क: देश की सुरक्षा की रीढ़
देश की आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी ताक़त माने जाने वाले CRPF के जवान केवल संख्या बल से नहीं, बल्कि कठोर और विशेषज्ञता-युक्त प्रशिक्षण से ताक़तवर बने हैं। यही वजह है कि CRPF के ट्रेनिंग कैम्प देशभर में फैले हुए हैं और हर इलाके की ज़रूरतों के हिसाब से खास ट्रेनिंग देते हैं।
नेतृत्व की तैयारी: माउंट आबू और गुरुग्राम
माउंट आबू (ISA, राजस्थान) और
गुरुग्राम (CRPF Academy, हरियाणा)
यहां अधिकारियों को नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक सोच की ट्रेनिंग दी जाती है।
मध्य भारत के गढ़: नीमच और ग्वालियर
नीमच (CTC-1, RTC) – नई भर्ती जवानों के लिए
ग्वालियर (CTC-4) – विशेष अभियानों की तैयारी
दक्षिण भारत: विविधता और आधुनिकता
कोयम्बत्तूर (CTC-2) और अवडी (RTC), तमिलनाडु
पेरिंगोमे RTC, केरल
बेलगावी (Jungle Craft Institute व CoBRA School), कर्नाटक
तरालु – Dog Breeding & Training School
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत: कठिन इलाकों के लिए खास ट्रेनिंग
सिलचर (CIAT School, असम)
रांची (CTC-T&IT, झारखंड)
राजगीर (RTC, बिहार)
पश्चिम और उत्तर भारत
मुदखेड (CTC-3, महाराष्ट्र)
पुणे (IED Management Institute)
अमेठी (RTC, उत्तर प्रदेश)
घाटी में अनुभव: श्रीनगर RTC
जम्मू-कश्मीर का RTC जवानों को सीधे आतंकवाद प्रभावित परिस्थितियों में ऑपरेशन के लिए तैयार करता है।
कर्रेगुट्टा का नया अध्याय
इन तमाम संस्थानों के बीच कर्रेगुट्टा का नया जंगल वारफेयर कॉलेज सबसे रणनीतिक जोड़ होगा। नक्सल प्रभावित इलाके में ही जवानों को ट्रेनिंग देने की यह पहल सुरक्षा बलों को ज़मीनी हकीकत से और करीब लाएगी।
हर चुनौती से निपटने की तैयारी
CRPF के प्रशिक्षण केंद्र जवानों को हथियार चलाना ही नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा, IED हैंडलिंग, भीड़ प्रबंधन और जंगल वारफेयर जैसी विशेषज्ञता भी सिखाते हैं। यही वजह है कि चाहे नक्सलवाद हो, आतंकवाद हो या कोई भी आंतरिक संकट—CRPF हमेशा देश की पहली पंक्ति में खड़ी रहती है।
