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Cope India Exercise में भारत की ताकत देख डर जाएगा चीन-पाक; IAF और USAF के फाइटर जेट बंगाल की खाड़ी के ऊपर भरेंगे उड़ान

  • Reported by: शिवानी शर्माEdited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Apr 7, 2023, 05:15 PM IST

Cope India Exercise: इस युद्धाभ्यास को भारत और अमेरिका के अलावा जापान को ऑब्जर्वर बनाकर ट्राईलेटरल बना दिया गया है। सामरिक दृष्टिकोण से भी चीन के लिए यह एक बड़ा झटका है। लगातार तीन इंडियन ओशन रीजन में घुसपैठ की कोशिशों को अंजाम देता है ऐसे में अब जमीन की लड़ाई के साथ-साथ समुद्र की लड़ाई में भी चीन को पटखनी देने के लिए पूरी तैयारी की जा चुकी है।

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IAF और अमेरिका के फाइटर जेट बंगाल की खाड़ी पर भरेंगे उड़ान (फोटो- IAF)

Cope India Exercise: भारत ने अब LAC पर अपनी सतर्कता बढ़ाने के साथ पूर्वी सीमा से सटे समुद्री विस्तार से भी चीन को दूर रखने की पूरी तैयारी कर ली है। भारत पहली बार एक ऐसा युद्धाभ्यास शुरू करने वाला है जो होगा तो LAC के नज़दीक लेकिन यहां से उड़ने वाले फाइटर बंगाल की खाड़ी के ऊपर अपना युद्ध कौशल दिखाएंगे। इस युद्धाभ्यास का नाम है Cope India।

जापान भी रहेगा मौजूद

कोप इंडिया की खास बात ये है कि ये अभ्यास भारत और अमेरिका के बीच होगा। 10 अप्रैल से शुरू होने वाले इस अभ्यास में जापान भी ऑब्ज़र्वर के तौर पर शामिल होगा। इस एक्सरसाइज में भारतीय वायुसेना के रफाल, सुखोई, तेजस समेत कई दूसरे फाइटर जेट शामिल होंगे, वहीं अमेरिका की वायुसेना अपने F15 लड़ाकू विमानों के साथ इस अभ्यास में शामिल होगी।

दो सप्ताह तक अभ्यास

पश्चिम बंगाल के कलइकुंडा एयरबेस से होने वाला ये अभ्यास इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां से पूरे बंगाल की खाड़ी के इलाके में लंबे एयर ऑपरेशन को आसानी से चलाया जा सकता है। पूर्वी छोर पर कलाइकुंडा एक ऐसी जगह है जहां से न सिर्फ लाइन आफ एक्चुअल कंट्रोल तक पहुंचने में भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट्स को कुछ ही मिनट लगेंगे बल्कि इस जगह से बंगाल की खाड़ी में भी ऑपरेशन को अंजाम दिया जा सकता है। कलाइकुंडा से शुरू होने वाला युद्ध अभ्यास 2 सप्ताह तक जारी रहेगा। यानि 15 दिन लगातार बंगाल की खाड़ी में भारत और अमेरिका के फाइटर जेट्स की गर्जना से चीन परेशान रहेगा।

चीन के लिए भड़ा झटका

इस युद्धाभ्यास को भारत और अमेरिका के अलावा जापान को ऑब्जर्वर बनाकर ट्राईलेटरल बना दिया गया है। सामरिक दृष्टिकोण से भी चीन के लिए यह एक बड़ा झटका है। लगातार तीन इंडियन ओशन रीजन में घुसपैठ की कोशिशों को अंजाम देता है ऐसे में अब जमीन की लड़ाई के साथ-साथ समुद्र की लड़ाई में भी चीन को पटखनी देने के लिए पूरी तैयारी की जा चुकी है। इस एक्सरसाइज के अलावा पहले भी भारतीय वायुसेना कई मल्टीनेशनल युद्धाभ्यासओं में शामिल हो चुकी है। हाल ही में जापान के साथ एक्सरसाइज वीर गार्डियन और UAE में मल्टी नैशनल युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना अपना कौशल दिखा चुकी है। अब एक बार फिर अमेरिका के साथ अपने तालमेल,समन्वय और समुद्र के ऊपर डॉग फाइट और तमाम तरह की वार ड्रिल भारत की क्षमताओं को बढ़ाएंगी।

शिवानी शर्मा
शिवानी शर्माauthor

19 सालों के पत्रकारिता के अपने अनुभव में मैंने राजनीति, सामाजिक सरोकार और रक्षा से जुड़े पहलुओं पर काम किया है। सीमाओं पर देश के वीरों का शौर्य, आत्मनिर्भर होती भारत की सेनाओं का साहस और रक्षा मंत्रालय की हर हलचल के साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध को नज़दीक से देखा, समझा और रिपोर्ट किया है। विषमताओं को पार कर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 19,300 फीट पर दुनिया के सबसे ऊँचे पास पर पहुँचने वाली पहली पत्रकार होने का गौरव प्राप्त किया। Times Now नवभारत पर रक्षा क्षेत्र से जुड़ी ऐसी महत्वपूर्ण खबरें लाना मेरी कोशिश है जो आपको सिर्फ सच बताएं।

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