UP By-Election: लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिलेगी। दरअसल, लोकसभा चुनाव में सांसद निर्वाचित हुए 9 विधायक जल्द ही अपनी विधायकी से इस्तीफा देंगे, जिसके बाद इन सीटों पर छह महीने के अंदर उपचुनाव कराना जरूरी हो जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा व एक विधानपरिषद की सीट पर जल्द उपचुनाव का ऐलान कर सकता है।
केंद्रीय राजनीति में एक्टिव होंगे अखिलेश यादव
लोकसभा चुनाव में कन्नौज से सांसद निर्चाचित हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्रीय राजनीति में एक्टिव होने का संकेत दे दिया है। इसके मायने यह हैं कि अखिलेश यादव मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से इस्तीफा देंगे, जिसके बाद इस सीट पर उपचुनाव कराने होंगे। वहीं, अखिलेश यादव के केंद्रीय राजनीति में सक्रिय होने के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता कौन होगा? इसको लेकर भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव नेता प्रतिपक्ष का जिम्मा संभाल सकते हैं।
यूपी के ये विधायक बने सांसद
1 सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव (मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से विधायक)
2-सपा के अवधेश प्रसाद (फैजाबाद की मिल्कीपुर विधानसभा सीट)
3-सपा के लालजी वर्मा (अंबेडकर नगर की कटेहरी विधानसभा सीट)
4-सपा के जियाउर रहमान बर्क (मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट)
5-भाजपा के अनूप वाल्मीकि प्रधान (अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट)
6-भाजपा के अतुल गर्ग (गाजियाबाद विधानसभा सीट)
7- भाजपा के प्रवीण पटेल (फूलपुर विधानसभा सीट)
8- रालोद के चन्दन चौहान (मीरापुर विधानसभा सीट)
9- निषाद पार्टी के विनोद कुमार बिंद (मिर्जापुर जिले की मझवा विधानसभा सीट)
10- योगी सरकार के पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर जितिन प्रसाद (विधान परिषद सदस्य)
लोकसभा चुनाव में सपा ने चौंकाया
बता दें, लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया है। पार्टी ने यहां की 80 में से 37 सीटों पर कब्जा जमाया है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के वोट शेयर में भी इजाफा हुआ है, यह सपा का अबतक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है। वहीं, सपा के साथ चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने भी 6 सीटों पर जीत हासिल की है। इस चुनाव में भाजपा 33 सीटों पर सिमट गई।
