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Bharat Jodo Yatra: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, 7 सितंबर को देश के सभी जिलों में निकालेगी भारत जोड़ो यात्रा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 3, 2023, 04:05 PM IST

Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से लेकर जम्मू-कश्मीर तक 150 दिनों में 4080 किलोमीटर की दूरी तय की थी। 7 सितंबर को इस यात्रा के एक साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर कांग्रेस पार्टी देश के सभी जिलों में भारत जोड़ो यात्रा निकालेगी।

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कांग्रेस फिर आयोजित करेगी भारत जोड़ो यात्रा

Photo : BCCL

Bharat Jodo Yatra: कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा दांव खेला है। पार्टी की ओर से घोषणा की गई है कि देश के सभी जिलों में 7 सितंबर को भारत जोड़ो यात्रा का आयोजन बड़े स्तर पर किया जाएगा। पार्टी यह आयोजन भारत जोड़ो यात्रा की पहली वर्षगांठ के मौके पर करने जा रही है। बता दें, 7 सितंबर को भारत जोड़ो यात्रा के एक साल पूरे हो रहे हैं। राहुल गांधी ने पिछले साल कन्याकुमारी से इस यात्रा की शुरुआत की थी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से लेकर जम्मू-कश्मीर तक 150 दिनों में 4080 किलोमीटर की दूरी तय की थी। इस दौरान वह कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश होते हुए जम्मू-कश्मीर पहुंचे थे।

राहुल फिर करेंगे भारत जोड़ो यात्रा

कांग्रेस की ओर से बीते दिनों घोषण की गई थी कि जल्द ही भारत जोड़ो यात्रा का दूसरा चरण आयोजित किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गुजरात से मेघायल तक पदयात्रा करेंगे। हालांकि, पार्टी की ओर से भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे चरण की तारीखों की घोषणा नहीं की थी, कहा गया था कि इसका कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।

पार्टी का दावा- यात्रा से हुआ फायदा

कांग्रेस पार्टी का दावा है कि भारत जोड़ो यात्रा से उसे बहुत लाभ हुआ है और इस यात्रा के बाद पार्टी ने दो राज्यों में जीत भी दर्ज की थी। कहा गया है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा जहां से गुजरी थी, वहां पार्टी को मजबूती मिली है और संगठन स्तर पर कार्यकर्ताओं में जोश आया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी विभिन्न अवसरों पर भारत जोड़ो यात्रा और इसके अनुभवों को जिक्र करते रहते हैं। लोकसभा की सदस्यता बहाली के बाद जब राहुल गांधी संसद पहुंते थे, जब भी उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत भारत जोड़ो यात्रा से ही की थी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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