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Operation Sindoor: 'सरकार और सेना को कांग्रेस का पूरा समर्थन', राहुल गांधी और खड़गे ने किया ऐलान; सर्वदलीय बैठक पर भी दिया जवाब

कांग्रेस बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी शिविरों के खिलाफ साहसी और निर्णायक कार्रवाई के लिए हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है। खड़गे ने आगे कहा कि हमें अपने सुरक्षा बलों पर गर्व है जिन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया और मुंहतोड़ जवाब दिया।

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मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर पर क्या कहा?

Congress on OperationSindoor: मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भारतीय सेना पर गर्व है। सरकार के कदम को हमारा सर्मथन है। उन्होंने बताया कि 'आज वर्किंग कमिटी की बैठक बुलाई थी, ऑपरेशन सिंदूर जो सरकार कदम उठा रही है। भारतीय सेना पर हम गर्व करते है, जिसमें PoK पर कार्रवाई करते हुए आतंकी ठिकाने को खत्म किया।' उन्होंने आगे कहा कि हमने हर कार्रवाई का पहले भी समर्थन किया था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस देश की सेना के साथ कंधे से कंधा मिलकर खड़ी है। हम पूरी तहत सैनिक को देंगे। हमें एक जुट होकर काम करना है, देश की सुरक्षा के लिए... हमारा एक ही मत है।

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने ऑपरेशन सिंदूर पर क्या कहा?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी भी एकजुट होकर काम कर रहे हैं, हम सेना और सरकार को अपना समर्थन दोहराते हैं। कल होने वाली सर्वदलीय बैठक पर खड़गे ने कहा, 'हम इसमें शामिल हो रहे हैं। राहुल जी ने साफ कहा है कि हम इसमें शामिल हो रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'यह देश का मामला है। हम शुरू से कह रहे हैं कि हमें एकजुट होना होगा। वे देश के हित में कोई भी बैठक बुलाएं, हमारे लोग उसमें शामिल होंगे और अपनी बात रखेंगे।'

क्या सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे राहुल गांधी?

ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, 'हमें आज फोन आया, हमें कल सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किया गया है।' लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, 'हमने कार्यसमिति में चर्चा की। हमारी सेनाओं को पूरा समर्थन। उन्हें शुभकामनाएं। उन्हें ढेर सारा प्यार। कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से पूरा समर्थन।'

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने क्या कहा?

कांग्रेस की बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति हमारी सेना को पूरा समर्थन देती है और उन्हें शुभकामनाएं देती है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन की तरफ से हमारा पूरा समर्थन है। इसके साथ ही प्रियंका गांधी वाड्रा ने सीडब्ल्यूसी को बैठक में कहा कि सारे पॉलिटिकल प्रोग्राम रद्द किए जाये, देश और सेना के साथ खड़े रहना है।

भारतीय लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तानी हवाई सीमा पार किए बिना पाकिस्तान में आतंकवादियों के कई ठिकानों पर बुधवार सुबह सटीक हमले किए और जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर-ए-तैयबा के प्रशिक्षण शिविरों, ‘लॉन्च पैड’ और मुख्यालयों को निशाना बनाया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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