Mallikarjun Kharge : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कहा कि वह अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि कल पूरे देश ने एक दर्दनाक दृश्य देखा। एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन को सरकार ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों से कुचल दिया। न्याय की मांग कर रहे छात्रों की आवाज का जवाब संवाद से नहीं, बल्कि बल प्रयोग से दिया गया। यह किसी भी 'लोकतंत्र की जननी' के लिए अपने युवाओं के साथ व्यवहार करने का तरीका नहीं हो सकता।
अपना जन्मदिन न मनाने का फैसला किया है-खरगे
खरगे ने कहा, 'इन्हीं पीड़ादायक परिस्थितियों को देखते हुए, मैंने आज अपना जन्मदिन न मनाने का निर्णय लिया है। मैं कांग्रेस के सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों, शुभचिंतकों और उन सभी देशवासियों का हृदय से आभारी हूं जिन्होंने मुझे जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। आपका स्नेह मेरे लिए अत्यंत मूल्यवान है और मैं आप सभी का तहेदिल से धन्यवाद करता हूं। लेकिन आज उत्सव का दिन नहीं है। आज जवाबदेही तय करने और लोकतंत्र की बहाली की मांग करने का दिन है।'
खरगे ने सरकार से पूछे सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि 'आखिर न्याय की मांग कर रहे छात्रों का स्वागत लाठियों और आंसू गैस से क्यों किया गया? संसद को लगभग सील क्यों कर दिया गया? इंटरनेट सेवाएं क्यों बंद की गईं? बार-बार हो रहे प्रश्नपत्र लीक और लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ की जिम्मेदारी कौन लेगा?' खरगे ने सरकार से अपनी मांगें पूरी करने की मांग की है-
- सरकार इस पूरे मुद्दे पर संसद में तत्काल विस्तृत चर्चा कराए।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस मामले की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा दें।
- 21वीं सदी के अनुरूप, छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली लागू की जाए, जिसमें सुरक्षित डिजिटल प्रश्न बैंक और रैंडमाइज्ड प्रश्नपत्रों की व्यवस्था हो।
- स्वतंत्र और योग्यता-आधारित शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
- शिक्षा पर अधिक खर्च किया जाए और इसे आरएसएस के राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखा जाए।
- परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर अनिवार्य पुनर्परीक्षा और छात्रों को मुआवजा देने के लिए कानूनी (वैधानिक) सुरक्षा प्रदान की जाए।
- हमारे बच्चों को दमन नहीं, न्याय चाहिए।
संविधान की 'लाठी’ का सामना करना होगा-खेड़ा
वहीं, कांग्रेस ने प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस के बल प्रयोग को लेकर मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सत्ता के आदेश पर युवाओं पर 'जुल्म और दमन’करने वालों को एक दिन संविधान की 'लाठी’ का सामना करना होगा। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'इस देश के युवाओं पर ढाए गए अन्यायों की लंबी सूची में कल का यह शर्मनाक अध्याय भी जोड़ दीजिए, जब सत्ता के इशारे पर इस देश के बेटे-बेटियों पर ज़ुल्म और दमन किया गया।’
