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भोपाल एयरपोर्ट पर 3 घंटे से रुके हैं कांग्रेस MLA, विमान को कर्नाटक जाने की नहीं मिली इजाजत, सेंधमारी का डर

कांग्रेस को आशंका है कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए कांग्रेस में सेंधमारी कर सकती है। इसलिए मंगलवार को उसने अपने विधायकों को मध्य प्रदेश से दूर कर्नाटक ले जाने की कोशिश की। कांग्रेस के विधायक भोपाल एयरपोर्ट पहुंच तो गए लेकिन वहां से उनके विमान को उड़ान की अनुमति नहीं मिली।

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अपने विधायकों को कर्नाटक ले जा रही कंग्रेस।

Photo : PTI

MP Congress MLA: 10 राज्यों में राज्यसभा (Rajya Sabha Election 2026) की 24 सीटों पर आगामी 18 जून को चुनाव होना है। चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों में अपने विधायकों की संख्या में सेंधमारी का डर भी सता रहा है। इनमें सबसे ज्यादा घबराहट और डर कांग्रेस (Congress) में देखी जा रही है। कांग्रेस को आशंका है कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए कांग्रेस में सेंधमारी कर सकती है। इसलिए मंगलवार को उसने अपने विधायकों को मध्य प्रदेश से दूर कर्नाटक ले जाने की कोशिश की। कांग्रेस के विधायक भोपाल एयरपोर्ट पहुंच तो गए लेकिन वहां से उनके विमान को उड़ान की अनुमति नहीं मिली। बताया गया कि कांग्रेस विधायक तीन घंटे से भोपाल एयरपोर्ट पर मौजूद हैं।

...इस बार हमलोग सतर्क हैं-सोहन लाल

कर्नाटक जाने के बारे में विधायक सोहन लाल वाल्मीकि ने कहा कि 'पार्टी के निर्देश पर हम लोग कर्नाटक जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा हमारे नेताओं से संपर्क करना चाह रही ही। वे सत्ता में हैं और कई बार वे लोकतांत्रिक संस्थाओं का गलत इस्तेमाल भी करते हैं। इसलिए हम लोग इस बार सतर्क हैं। इसे देखते हुए हमारे सभी विधायक एकजुट हैं। इसलिए हम लोग अपने परिवार के साथ दूर जा रहे हैं।'

...इस बार हमलोग सतर्क हैं-सोहन लाल

कर्नाटक जाने के बारे में विधायक सोहन लाल वाल्मीकि ने कहा कि 'पार्टी के निर्देश पर हम लोग कर्नाटक जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा हमारे नेताओं से संपर्क करना चाह रही ही। वे सत्ता में हैं और कई बार वे लोकतांत्रिक संस्थाओं का गलत इस्तेमाल भी करते हैं। इसलिए हम लोग इस बार सतर्क हैं। इसे देखते हुए हमारे सभी विधायक एकजुट हैं। इसलिए हम लोग अपने परिवार के साथ दूर जा रहे हैं।'

भाजपा का सारा 'षड्यंत्र’ विफल होगा-सिंघार

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि पार्टी के सभी विधायकों को किसी कांग्रेस शासित प्रदेश में ले जाया जाएगा क्योंकि भाजपा उनके विधायकों को कथित तौर पर खरीदने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ विधायकों ने उन्हें बताया है कि भाजपा के लोग 'नोटों से भरी थैली’ लेकर उनसे संपर्क करने आए थे लेकिन उन्होंने उन्हें लौटा दिया। सिंघार ने दावा किया कि 18 तारीख को मतदान के दिन भाजपा का सारा 'षड्यंत्र’ विफल होगा।

'सभी विधायक भोपाल से बेंगलुरु जा रहे'

सौंसर विधायक विजय रेवानाथ चौरे ने बाद में पीटीआई भाषा से बातचीत में कहा कि सभी विधायक भोपाल से बेंगलुरु जा रहे हैं। उन्होंने भी दावा किया कि भाजपा खरीद फरोख्त के प्रयास कर रही है इसलिए पार्टी के शीर्ष नेताओं ने विधायकों को एक साथ किसी कांग्रेस शासित राज्य में रखने का फैसला किया है। एक अन्य कांग्रेस विधायक यादवेन्द्र सिंह और बाबू जंडेल ने भी विधायकों को कर्नाटक ले जाए जाने की पुष्टि की। सिंह ने पीटीआई भाषा से बातचीत में कहा कि कुछ विधायक बाहर ले जाए जाने के पक्ष में नहीं थे लेकिन यह पार्टी आलाकमान का फैसला है, इसलिए सभी जा रहे हैं।

तीन सीटों पर हो रहे चुनाव

राज्य में खाली हुई जिन तीन सीटों पर चुनाव चुनाव हो रहे हैं, उनमें से दो पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत तय मानी जा रही है जबकि संख्या बल के लिहाज से तीसरी सीट पर कांग्रेस का पलड़ा भारी है। लेकिन राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को पेचीदा बना दिया है। भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राज्य इकाई के सचिव रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा है और तीसरी सीट पर मध्यप्रदेश मछुआरा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट पर दांव लगाया है।

मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया

कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है, जहां उनका मुकाबला केवट से होना निश्चित है। चुघ और अग्रवाल ने शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल किया, जबकि नटराजन और केवट ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया। इससे पहले, सोमवार देर रात सिंघार के आवास पर पार्टी नेताओं की एक बैठक हुई, जिसमें करीब 60 विधायक शामिल हुए।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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