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कांग्रेस नेता शशि थरूर को मानहानि मामले में Delhi High Court से बड़ा झटका, पीएम मोदी को कहा था 'बिच्छू'

Shashi Tharoor: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पीएम मोदी को शिवलिंग पर बैठा बिच्छू कहा था, जिसके बाद बीजेपी नेता राजीव बब्बर ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद दिल्ली की एक निचली अदालत ने थरूर को तलब किया था। इस आदेश के खिलाफ उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था।

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शशि थरूर को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका।

Photo : BCCL

Shashi Tharoor: कांग्रेस नेता शशि थरूर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी मामले में अदालत ने थरूर की याचिका खारिज कर दी है। अब थरूर को मानहानि मामले में ट्रायल का सामना करना पड़ेगा। अदालत ने कांग्रेस नेता थरूर को

10 सितंबर को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।

बता दें, यह मामला 2018 का है। जब एक कार्यक्रम के दौरान शशि थरूर ने पीएम मोदी को 'शिवलिंग पर बैठा बिच्छू' कहा था। थरूर की इस टिप्पणी को लेकर काफी हंगामा मचा था, जिसके बाद बीजेपी नेता राजीव बब्बर ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया था। दिल्ली की निचली अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए थरूर को तलब किया था, जिसके बाद उन्होंंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग की थी।

क्या कहा था थरूर ने

28 अक्टूबर 2018 को बंगलौर लिटरेचर फेस्टिवल में शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बड़ी टिप्पणी की थी। थरूर ने कहा था कि पीएम मोदी शिवलिंग पर बैठे बिच्छू की तरह हैं। आप उन्हें अपने हाथ से हटा नहीं सकते और इसे चप्पल से भी मार नहीं सकते हैं। अगर हाथ से हटाया तो बुरी तरह से काट लेगा। थरूर के इस बयान के बाद काफी हंगामा मचा था।

कोर्ट पहुंचा था मामला

थरूर की इस टिप्पणी के खिलाफ बीजेपी नेता राजीव बब्बर ने अदालत का रुख किया। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि शशि थरूर ने यह बयान बदनीयती से दिया, जिसकी वजह से न केवल हिंदू देवता को नीचा दिखाया गया और यह अपमानजनक भी था। इसके अलावा राजीव बब्बर ने कहा कि थरूर के इस बयान से भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं के साथ पीएम मोदी के समर्थकों को गहरा धक्का लगा है। इसलिए उनके खिलाफ मानहानि का मामला चलाया जाए।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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