Maharashtra Vidhansabha Election: हरियाणा में मिली हार के झटके से कांग्रेस उबर नहीं पा रही है। इसलिए महाराष्ट्र में चुनाव की घोषणा से पहले ही पार्टी रणनीति बनाती दिख रही है। आज दिल्ली में महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं के साथ पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने हाई लेवल बैठक की, जिसमें महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं को अति आत्मविश्वास में लापरवाही न करने की कड़ी हिदायत दी गई। हरियाणा की हार के बाद महाराष्ट्र के नेताओं ने दिल्ली में पार्टी हाईकमान के साथ विचार-विमर्श किया। बैठक में आगे का रास्ता और चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। हालांकि, हरियाणा की हार की छाया इस बैठक पर छाई रही, लेकिन किसी ने इसका जिक्र नहीं किया।
खरगे के आवास पर बैठक
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने स्पष्ट संदेश दिया। नेताओं को पार्टी नेतृत्व ने कहा की राज्य में MVA की अच्छी स्थिति को देखते हुए ओवर कॉन्फिडेंस में नेता न रहे। एकजुट रहें और महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन को हराने के लिए कड़ी मेहनत करें। महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के निवास पर जुटे।
आज महाराष्ट्र कांग्रेस की बैठक
इस बैठक के बाद आज मुंबई में भी महाराष्ट्र कांग्रेस की बड़ी बैठक होनी है। इसमें नेतृत्व की तरफ से दिया गया संदेश भी पार्टी नेताओं तक पहुंचाया जाएगा। पार्टी के चुनाव रणनीतिकार सुनील कोणुगोलू भी मौजूद थे और उन्होंने राज्य में जाति और समुदाय के विभाजन के बारे में जानकारी दी। घोषणापत्र में क्या शामिल किया जाए, इस पर कुछ सुझाव दिए गए। सहयोगियों के बीच घोषणा पत्र की बैठकें मुंबई में हो रही हैं। नेताओं ने इस पर भी चर्चा की कि बीजेपी कैसे जातियों और समुदायों के बीच विभाजन कर उन्हें एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने और बागियों के माध्यम से MVA के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी वोट को विभाजित करने की रणनीति अपना रही है।
बैठक में किस बात पर हुई चर्चा?
कांग्रेस गठबंधन (MVA) में चुनाव लड़ रही है। गठबंधन की एकजुटता को का ख्याल हर नेता को रखना होगा। CM चेहरे के सवाल पर यही जवाब देना है कि MVA ही हमारा CM चेहरा है। बताया गया कि हरियाणा की हार को देखते हुए बड़े नेताओ को बयानबाज़ी से बचना है। सीटों का बंटवारा बड़े नेताओं की लॉबी नही करेगी, बल्कि जिताऊ उम्मीदवार को टिकट दिया जाए। इसके साथ ही मैनिफेस्टो को ख़ास ध्यान देने की ज़रूरत है। महाराष्ट्र में बीजेपी की मौजूदा सरकार के बड़ी योजनाओं के काउंटर में कांग्रेस के क्या कर सकती है? चुनाव प्रचार को आक्रामक रखना है, भ्रष्टाचार, कानून- व्यवस्था, महिला सुरक्षा प्रचार के मुख्य बिंदु होंगे।
