कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने सोमवार को कहा कि 'जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के तौर पर गैर-अधिसूचित करने का सरकार का फैसला 'मंजूर नहीं है' और वह 'इस मनमाने फैसले को नहीं मानते।' एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह के तौर पर गैर-अधिसूचित कर दिया और ऐसे प्रदर्शनों के लिए तीन नये स्थल तय किये गए हैं।
सौरव दास ने ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'अस्वीकार्य। नरेन्द्र मोदी जंतर-मंतर से क्यों डरते हैं?'
उन्होंने कहा, 'जंतर-मंतर भारत के लोगों का है। क्या गृह मंत्रालय ने भारत के लोगों से सलाह ली? क्या किसी हितधारक से सलाह ली गई? क्या किसी संगठन से सलाह ली गई?' प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही सरकार यह घोषणा कर देगी कि भारत अब लोकतंत्र नहीं है। दास ने कहा, 'यह लिखकर रख लीजिए -जिस तरह वे लोगों से जंतर-मंतर छीन रहे हैं, उसी तरह प्रधानमंत्री जल्द ही भारत में लोकतंत्र को भी खत्म कर देंगे। यह उसी दिशा में एक और कदम है।'
'अब पूरा देश ही जंतर-मंतर बन रहा है'
उन्होंने कहा, 'हम इस मनमाने फैसले को स्वीकार नहीं करते। यह लोगों के विरोध करने और शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के मौलिक अधिकार पर हमला है। अब पूरा देश ही जंतर-मंतर बन रहा है।'
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रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी विरोध-प्रदर्शन के लिए नये निर्दिष्ट स्थल
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी किया, जिसमें पूर्वी दिल्ली स्थित रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड विरोध-प्रदर्शन के लिए नये निर्दिष्ट स्थल तय किये गए हैं। यह कदम जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के लिए जुटने के आह्वान के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बीच उठाया गया है।
