CM Yogi on Congress: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर अराजकता का माहौल बनाने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को खतरे में डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर विपक्षी दल इसका श्रेय अपनी मेहनत को देते हैं, लेकिन हारने पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगते हैं।
योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर बड़ा हमला
गोरखपुर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के दौरान आयोजित रैली को संबोधित करते हुए सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि चुनाव में हार के बाद ईवीएम को दोष देना विपक्ष की प्रवृत्ति बन गई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि ईवीएम की विश्वसनीयता पर संदेह है तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी उसी व्यवस्था से चुनाव जीतने के बाद लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ क्यों लेते हैं। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, राज्य मंत्री एवं निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद एवं अन्य मंत्री और राजग के नेता मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का बचाव करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है, बल्कि पूर्व में भी अलग-अलग समय पर, विशेषकर कांग्रेस सरकारों के दौरान, ऐसी कवायद की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची से बांग्लादेशी घुसपैठियों, पाकिस्तानी नागरिकों और मृत व्यक्तियों के नाम हटाने की प्रक्रिया पर विपक्ष अनावश्यक हंगामा कर रहा है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची में विदेशी घुसपैठियों के नाम शामिल होने से गरीबों, दलितों और वंचित भारतीयों के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित होते हैं।
कांग्रेस को मांगनी चाहिए जनता से माफी
सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस, इंडिया गठबंधन और उनके सहयोगियों को इस मुद्दे पर देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर लोकतंत्र को मजबूत करने के बजाय अराजकता फैलाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला मानी जाने वाली संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता कमजोर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने 1975 में लगाए गए आपातकाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने देश में आपातकाल लगाया था, वही आज लोकतंत्र की बात कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस से आपातकाल के लिए जनता से माफी मांगने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की यह पदयात्रा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने का प्रयास है। सीएम योगी ने कहा, "(कांग्रेस) पार्टी ने 2014 में 44 सीटें, 2019 में 52 सीटें और 2024 में 99 सीटें जीतीं, जिससे इन तीनों चुनावों में उसकी कुल सीटें 195 हो गईं। इसके विपरीत, 2024 के लोकसभा चुनावों में अकेले भाजपा ने 240 सीटें जीतीं।"
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जनादेश का अपमान करने पर की विपक्ष की आलोचना
उत्तर प्रदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2022 के विधानसभा चुनावों में 255 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को केवल कुछ ही सीटों से संतोष करना पड़ा था। उन्होंने चुनावी प्रक्रियाओं पर हार के बाद सवाल उठाकर जनता के जनादेश का अपमान करने के लिए विपक्ष की आलोचना की। परीक्षाओं में बार-बार असफल होने पर बहाने बनाने वाले एक छात्र की कहानी का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल भी अपने चुनावी प्रदर्शन पर आत्ममंथन करने के बजाय ईवीएम, एसआईआर प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को दोष देते हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि भारत ने आर्थिक वृद्धि, सुरक्षा तथा आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में प्रगति की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) पर तीखा हमला बोलते हुए बुधवार को कहा कि इनके नेताओं में स्पष्टता, क्षमता और विश्वसनीयता का पूरी तरह अभाव है। मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "चुनावों में हार के नए रिकॉर्ड बना रही कांग्रेस और 'इंडी गठबंधन' की हताशा अब अराजकता की राजनीति में बदल गई है। इनके नेतृत्वकर्ताओं में 'क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी' का पूरा अभाव है। जनादेश का अनादर इसी सोच का परिणाम है।" उन्होंने कहा, "इस अराजकता के विरुद्ध जनजागरण और लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा का संकल्प लेकर आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ गोरखपुर में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में सहभागिता करूंगा।" सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उनकी सरकार भारत के लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
