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दिपके हिरासत में, लेकिन तैयार था प्लान-B! अजिंक्य शिंदे कौन हैं, जिन्हें सौंपी CJP आंदोलन की कमान?

Who is Ajinkya Shinde: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने दिल्ली पहुंचे CJP के अध्यक्ष अभिजीत दिपके और उनके दो साथियों को दिल्ली पुलिस ने फ्लाइट लैंड होते ही हिरासत में ले लिया। दिपके ने पहले से ही प्लान 'B' तैयार रखा था और एक वीडियो जारी कर अजिंक्य शिंदे को इस आंदोलन का नया अगुआ घोषित कर दिया

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CJP Protest की कमान अजिंक्य शिंदे (फोटो: @AjinkyaCJP/ANI)

Who is Ajinkya Shinde: राजधानी दिल्ली में शनिवार को उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke), प्रवक्ता सौरव दास (Saurabh Das) और आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) को दिल्ली पुलिस ने प्लेन के भीतर से ही हिरासत में ले लिया। तीनों नेता मुंबई से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक बड़े विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। हालांकि, विमान लैंड होते ही महिला पुलिसकर्मियों समेत दिल्ली पुलिस की टीम ने प्लेन में दाखिला लिया और तीनों को अपने साथ ले गई।

लेकिन सरकार और पुलिस के लिए सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दिपके के पास पहले से ही एक मजबूत 'प्लान-बी' (Plan-B) तैयार था। गिरफ्तारी की आशंका को भांपते हुए उन्होंने शुक्रवार रात को ही एक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। हिरासत में जाने के बाद पार्टी ने यह वीडियो जारी किया, जिसमें दिपके ने साफ कहा कि उनके न रहने पर आंदोलन रुकेगा नहीं। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे को इस पूरे प्रदर्शन की कमान सौंप दी है।

कौन हैं अजिंक्य शिंदे?

35 साल के अजिंक्य शिंदे (ajinkya shinde kaun hain) मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले हैं और उन्होंने बीटेक की पढ़ाई की है। बता दें कि शिंदे CJP) के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी हैं। इससे पहले वे 'आम आदमी पार्टी' (AAP) की युवा विंग के संयोजक रह चुके हैं। मुंबई में पार्टी के हालिया प्रदर्शनों और 'स्कूल ठीक करो' अभियान में शिंदे ने अहम भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व को देखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश देखा जा रहा है।

दिल्ली में सुरक्षा सख्त

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पूरे नई दिल्ली जिले को 20 सेक्टरों में बांटकर किले में बदल दिया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है और पूरे इलाके में धारा 163 लागू कर दी गई है। पुलिस की इस सख्ती के बावजूद सीजेपी कार्यकर्ताओं ने शिंदे की अगुआई में आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

क्यों हो रहा है प्रदर्शन?

सीजेपी का यह विरोध प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की आड़ में धांधली की जा रही है और जरूरी फॉर्म में मनमाने बदलाव किए गए हैं। पार्टी की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपना इस्तीफा दें, उन पर आपराधिक मामला दर्ज हो और 2025 की वोटर लिस्ट को तुरंत फ्रीज किया जाए।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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