भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेताओं को मुलाकात का समय देने से इनकार कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, CJI कार्यालय की ओर से राहुल गांधी को उनके आधिकारिक ईमेल पर जवाब भेजा गया है। इस जवाब में मुलाकात का समय नहीं देने के पीछे कानूनी और संवैधानिक कारण बताए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी नेता कथित चुनावी अनियमितताओं, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई से जुड़े मुद्दों को CJI के सामने उठाना चाहते थे। हालांकि, CJI कार्यालय ने कहा है कि इन मुद्दों को ज्ञापन के बजाय न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उठाया जा सकता है।
क्यों नहीं मिला राहुल गांधी और प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय?
सूत्रों के मुताबिक, CJI कार्यालय की ओर से भेजे गए जवाब में कहा गया है कि SIR से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक पक्ष में पहले से विचाराधीन है और CJI जस्टिस सूर्यकांत स्वयं इस मामले की सुनवाई करने वाली पीठ की अध्यक्षता कर रहे हैं। जवाब में यह भी कहा गया है कि ऐसी स्थिति में CJI प्रशासनिक पक्ष में मुलाकात के बाद कोई निर्देश जारी नहीं कर सकते। इसलिए मामले पर न्यायिक प्रक्रिया के तहत विचार किया जाना उचित होगा।राहुल गांधी और खरगे याचिका दाखिल कर सकते हैं
सूत्रों के अनुसार, CJI कार्यालय ने विपक्षी नेताओं को संबंधित मुद्दों पर याचिका दाखिल करने का विकल्प दिया है। यदि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य नेता इस मामले में अपनी बात रखना चाहते हैं, तो वे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं।
बताया गया है कि संबंधित मामले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। विपक्षी नेता सोमवार को भी याचिका दाखिल कर सकते हैं और उनकी याचिका पर मंगलवार को सूचीबद्ध मामलों के साथ सुनवाई की जा सकती है।
