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छोटा शकील के रिश्तेदार आरिफ शेख की मौत, आर्थर रोड जेल में था बंद; दाऊद इब्राहिम का था करीबी

भगोड़े गैंगस्टर छोटा शकील के रिश्तेदार आरिफ शेख उर्फ ​​आरिफ भाईजान की मुंबई के जेजे अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वह आर्थर रोड जेल में बंद था।

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आरिफ शेख की मौत

Photo : Twitter

Chhota Shakeel: भगोड़े गैंगस्टर छोटा शकील के रिश्तेदार और आतंकी वित्त पोषण मामले में आरोपी आरिफ अबूबकर शेख उर्फ भाईजान की शुक्रवार शाम मुंबई के सरकारी जे जे अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। शेख (61) को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने एक मामले में गिरफ्तार किया था जिसमें दाऊद इब्राहिम और शकील समेत दाऊद गिरोह के कई सदस्य शामिल थे।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शेख को गिरफ्तारी के बाद आर्थर रोड जेल में रखा गया था और जे जे अस्पताल में उसका इलाज किया जा रहा था। बता दें, NIA ने 2022 में आरिफ को गिरफ्तार किया था। इसके बाद आरिफ की आवासीय संपत्ति को भी कुर्क किया जा चुका है। एनआईए अनुसार आरिफ शेख मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में आतंकवाद के वित्तपोषण में लिप्त था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरिफ शेख ने जेल में सीने में दर्द की शिकायत की थी।

डी-कंपनी की आपराधिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में था शामिल

2022 में, एनआईए ने वांछित वैश्विक आतंकवादी दाऊद इब्राहिम, उसके करीबी सहयोगी छोटा शकील और तीन अन्य गिरफ्तार सहयोगियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया, जो एक वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क और एक अंतरराष्ट्रीय संगठित आपराधिक सिंडिकेट चला रहे हैं, जिसका नाम डी-कंपनी है, जो भारत में विभिन्न आतंकवादी और आपराधिक गतिविधियों में शामिल है। दाऊद इब्राहिम , उर्फ शेख दाऊद हसन और शकील शेख उर्फ छोटा शकील के अलावा, आरोप पत्र में तीन गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं: आरिफ अबूबकर शेख , शब्बीर अबूबकर शेख और मोहम्मद सलीम कुरैशी। एनआईए ने कहा कि इसकी जांच से यह स्थापित हो गया है कि आरोपी व्यक्ति, जो डी-कंपनी, एक आतंकवादी गिरोह और एक संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्य हैं, ने विभिन्न प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देकर गिरोह की आपराधिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की साजिश रची थी।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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