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केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में भारी बारिश और बर्फबारी, श्रीनगर में रोकी गई चारधाम यात्रा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 1, 2023, 03:35 PM IST

Char Dham Yatra: उत्तराखंड में मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां एक मई से चार मई तक भारी बर्फबारी और बारिश के आसार हैं, जिसके कारण चार धाम यात्रियों को मौसम की कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है।

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बर्फबारी के बाद रोकी गई चारधाम यात्रा

Photo : PTI

Char Dham Yatra: बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी प्रशासन के साथ ही यात्रियों के लिए भी मुसीबत बन गई है। यहां मौसम तीर्थयात्रियों की कड़ी परीक्षा ले रहा है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को ब्रदीनाथ और केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी और बारिश हुई, जिसके बाद एहतियातन चार धाम यात्रा को रोक दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, यात्रियों को श्रीनगर में रोका गया है।

पौड़ी एसएसपी श्वेता चौबे ने बताया, बद्रीनाथ और केदारनाथ में लगातार हो रही बर्फबारी और भारी बारिश के कारण बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों को श्रीनगर गढ़वाल में रोक दिया गया है. यात्रियों से मौसम साफ होने तक श्रीनगर में रहने की अपील की जा रही है।

IMD ने जारी किया है अलर्ट

मौसम विभाग की ओर से उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने यहां केदारनाथ और बद्रीनाथ में भारी बर्फबारी और बारिश के आसार जताए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक मई से चार मई तक मौसम खराब रहेगा। सोमवार को भी केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी हुई, जिस कारण यहां ठंड बढ़ गई है। वहीं बर्फ के कारण रास्ते बंद होने के डर पहले ही यात्रियों को श्रीनगर में रोक दिया गया है। यात्रियों से लगातार मौसम सही होने तक आगे न जाने की अपील की जा रही है।

25 और 27 को खुले थे कपाट

बता दें, केदरानाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को खोले गए थे। वहीं बद्रीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को खुले थे। इसके बाद से यहां रुक-रुककर बारिश का और बर्फबारी का दौर जारी है, जिससे लैंड स्लाइट का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि श्रीनगर में यात्रियों के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यात्रियों को यहां किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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