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सर्दी-जुकाम, सिर दर्द और शुगर में ऐसे ही ने लें दवा, जांच में 49 मेडिसिन निकली घटिया; चार निकली नकलीं

DCGI: सेंट्रल ड्रग्स स्‍टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन की जांच में 49 दवाएं घटिया पाई गई हैं। जबक‍ि चार दवाएं नकली पाई गई हैं। इनमें कई दवाएं शुगर की है और कई आई ड्रॉप्स और कई कफ सिरप भी शामिल हैं।

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जांच में 49 मेडिसिन निकली घटिया

Photo : iStock

Central Drugs Standard Control Organisation: सर्दी-जुकाम होने पर, सिर दर्द होने पर हम झट से घर में रखी दवाएं खा लेते हैं। अगर डायबिटीज है, तो कुछ दवाएं याद हो गई हैं, जो हम बिना डॉक्‍टर की सलाह के ले लेते हैं। लेकिन यह लापरवाही आपके ल‍िए जानलेवा साबित हो सकती है। जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल ड्रग्स स्‍टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) की जांच में 49 दवाएं घट‍िया पाई गई हैं। जबक‍ि 4 दवाएं नकली पाई गई हैं। सीडीएसओ ने अक्टूबर 2024 में 67 दवाओं की जांच कराई थी। इनमें से 53 केंद्रीय लेबोरेटरी में जांच कराई गई और 18 राज्यों की लेबोरेटरी में जांच हुई। पता चला क‍ि 49 नामी कंपनियों की दवाइयां सब स्टैंडर्ड की हैं, जबकि 4 दवाइयां नकली हैं।

सभी कंपन‍ियों को भेजा गया नोट‍िस

इन दवाओं की सूची में डायबिटीज की दवा, पेनकिलर, आई ड्रॉप्स और कई कफ सिरप शामिल हैं। ड्रग्‍स कंट्रोल जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के राजीव सिंह रघुवंशी ने कहा कि हम हर महीने 3000 दवाइयों के सैंपल्स की जांच करते हैं। जो भी जांच फेल होती है, उसे वेबसाइट पर रिपोर्ट जारी करते हैं। उन्‍होंने बताया क‍ि जो दवाइयां खराब क्‍वाल‍िटी की होती हैं, उनसे जान भले न जाए, लेकिन इनका असर नहीं होता। यह शरीर को फायदे की बजाय नुकसान पहुंचाती हैं। सभी कंपन‍ियों को नोट‍िस भेज द‍िया गया है। कानून के अनुसार, कंपनियां इन बैच की दवाइयों को बाजार से वापस मंगाएगी।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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