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Cash-for-Query Row: लोकसभा एथिक्स कमिटी के सामने पेश होने के लिए महुआ मोइत्रा ने मांगा और समय

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Oct 27, 2023, 04:36 PM IST

Cash-for-Query Row: लोकसभा की आचार समिति (Lok Sabha Ethics Committee) ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को 31 अक्टूबर पेश होने के लिए बुलाया लेकिन महुआ ने और समय मांगा।

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टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा

Cash-for-Query Row: लोकसभा की आचार समिति (Lok Sabha Ethics Committee) ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को 31 अक्टूबर को पेश होने के लिए बुलाए जाने के एक दिन बाद टीएमसी सांसद ने पेश होने के लिए और समय मांगा। कमिटी ने 'कैश-फॉर-क्वेरी' घोटाले में महुआ मोइत्रा पर लगे आरोपों को लेकर उन्हें तलब किया है। महुआ मोइत्रा ने आज आरोप लगाया कि संसद की आचार समिति के अध्यक्ष विनोद सोनकर ने आधिकारिक पत्र ईमेल किए जाने से पहले ही लाइव टीवी पर उन्हें बुलाने की तारीख का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व-निर्धारित निर्वाचन क्षेत्र कार्यक्रमों के कारण वह कमिटी के सामने उपस्थित होने के लिए अधिक समय चाहती हैं। महुआ ने कहा कि एथिक्स कमेटी के चेयरमैन ने 19:20 बजे मुझे ईमेल किए गए एक आधिकारिक पत्र से पहले लाइव टीवी पर मेरे 31/10 समन का ऐलान कर दिया। सभी शिकायतें और स्वत: संज्ञान हलफनामे भी मीडिया को जारी किए गए थे। मैं अपने चुनाव क्षेत्र में प्री शेड्यूल कार्यक्रम के तुरंत बाद गवाही देने के लिए उत्सुक हूं। मेरे कार्यक्रम 4 नवंबर को समाप्त हो रहे हैं। टीएमसी सांसद ने एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष को एक पत्र भी लिखा और कमिटी के सामने पेश होने के लिए अधिक समय का अनुरोध किया।

महुआ ने कहा मैं पश्चिम बंगाल राज्य का प्रतिनिधित्व करती हूं जहां दुर्गा पूजा सबसे बड़ा त्योहार है। मैं पहले से ही 30 अक्टूबर से 4 नवंबर 2023 तक अपने निर्वाचन क्षेत्र में कई पूर्व-निर्धारित विजयादशमी और अन्य बैठकों (सरकारी और राजनीतिक दोनों) में भाग लेने के लिए प्रतिबद्ध हूं और 31 अक्टूबर 2023 को दिल्ली में नहीं रह सकती। टीएमसी सांसद ने पत्र में कहा कि इसलिए मैं अनुरोध करती हूं कि मुझे 5 नवंबर, 2023 के बाद कमिटी की पसंद की किसी भी तारीख और समय पर कमिटी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का समय दिया जाए।

मोइत्रा ने बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी का उदाहरण भी दिया। जिन्होंने उन्हें 10 अक्टूबर को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति द्वारा बुलाया गया था लेकिन बाद में उनके अनुरोध के अनुसार बाद में उपस्थित होने की अनुमति दी गई थी। ताजा उदाहरण के तौर पर सांसद रमेश बिदुरी जिन्हें 10 अक्टूबर, 2023 को विशेषाधिकार समिति द्वारा बुलाया गया था। उन्होंने अधिक समय का अनुरोध किया था क्योंकि उनकी राजस्थान में राजनीतिक बैठकें पहले से तय थीं। इसलिए उन्हें समय दिया गया।

इस बीच गुरुवार को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहाद्राई जिन्होंने शुरू में टीएमसी सांसद के खिलाफ कैश-फॉर-क्वेरी का आरोप लगाया था। अपने आरोपों पर मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए लोकसभा आचार समिति के सामने पेश हुए। समिति के सभी सदस्यों ने सौहार्दपूर्ण तरीके से सवाल पूछने की प्रक्रिया अपनाई। अधिवक्ता देहाद्राई ने एएनआई को बताया कि मुझसे पूछे गए सभी सवालों के मैंने ईमानदारी से जवाब दिए। मुझसे जब कमिटी जब भी बुलाएगी मैं उसके समक्ष उपस्थित हो जाऊंगा। मैं सभी दस्तावेज जमा करूंगा। इन दस्तावेजों में सच्चाई है।

कमिटी के अध्यक्ष बीजेपी सांसद सोनकर हैं और इसमें बीजेपी के विष्णु दत्त शर्मा, सुमेधानंद सरस्वती, अपराजिता सारंगी, राजदीप रॉय, सुनीता दुग्गल और सुभाष भामरे भी शामिल हैं।कांग्रेस के वे वैथिलिंगम, एन उत्तम कुमार रेड्डी, और परनीत कौर हैं। बालाशोवरी वल्लभभानेनी (YSRCP); हेमन्त गोडसे (शिवसेना); गिरिधारी यादव (जद-यू); पी आर नटराजन (सीपीआई-एम); और कुंवर दानिश अली (बीएसपी)।

बीजेपी सांसद ने पहले लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर 'कैश फॉर क्वेरी' घोटाले में महुआ मोइत्रा की संलिप्तता का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि उनके पास वकील देहाद्राई द्वारा साझा किए गए सबूत हैं, जो कथित तौर पर टीएमसी सांसद के खिलाफ आरोप की पुष्टि करते हैं। लोकसभा अध्यक्ष को दुबे के पत्र के जवाब में तृणमूल सांसद ने कहा था कि वह अन्य बीजपेी सांसदों द्वारा विशेषाधिकार के कथित उल्लंघन से निपटने के बाद अध्यक्ष द्वारा जांच का स्वागत करेंगी।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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