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क्या संसद में गूंजेगा गोवा के 'कैश फॉर जॉब स्कैम' का मुद्दा? संजय सिंह का बड़ा आरोप- CM प्रमोद सावंत की पत्नी भी इसमें शामिल

Cash for Job Scam: गोवा में एक बार फिर 'पैसों के बदले नौकरी घोटाले' ने जोर पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के खिलाफ अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दावा किया है कि इस घोटाले में सीएम सावंत की पत्नी और भाजपा नेताओं की संलिप्तता है। इस मामले में सियासी आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है।

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संजय सिंह ने गोवा के सीएम प्रमोद सावंत पर लगाए गंभीर आरोप।

Goa Politics: गोवा की सियासत में इन दिनों 'कैश फॉर जॉब स्कैम' को लेकर उठापटक का सिलसिला बदस्तूर जारी है। विपक्ष इसे व्यापम 2.0 बता रहे है और सूबे की प्रमोद सावंत सरकार को जमकर घेर रहा है। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी ने भी गोवा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार और उनके नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पहले कांग्रेस ने सरकार पर नौकरियां बेचने का आरोप लगाया, तो मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने खुद सफाई देते हुए ये कहा था कि इस मामले का कोई पॉलिटिकल कनेक्शन नहीं है। अब AAP भी सीएम सावंत को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। आपको बताते हैं कि आखिर आम आदमी पार्टी ने इस पूरे मामले पर अपना क्या स्टैंड रखा है।

आप ने सीएम सावंत, उनकी पत्नी और भाजपा नेताओं को घेरा

गोवा में कैश फॉर जॉब्स घोटाले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। AAP का कहना है कि पिछले दस वर्षों में गोवा में नौकरी देने के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ है, और इसमें मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की पत्नी और भाजपा के कई नेता शामिल हैं। AAP के सांसद संजय सिंह ने इस घोटाले को लेकर सरकार को घेरा है और कहा है कि यह एक बड़ा षड्यंत्र है।

भाजपा पर आरोप लगाते हुए क्या बोले राज्यसभा सांसद संजय सिंह?

संजय सिंह ने सावतं सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 'गोवा जो आज बेरोजगारी की मार से परेशान है, गोवा जहां आज नौजवान रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है, वहां पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने, पिछले दस वर्षों से किस प्रकार से नौकरी देने के नाम पर भ्रष्टाचार किया है। किस प्रकार से वहां नौकरी के नाम पर रिश्वत खाई है और इसमें कोई सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की पत्नी तक का नाम आया है। उनके घर पर मुलाकात करने वाली महिला का रिश्वतखोरी में नाम आया है, लोगों को गिरफ्तार किया गया है।'

तो क्या अब संसद में गूंजेगा कैश फॉर जॉब्स घोटाले का मुद्दा?

गोवा का कैश फॉर जॉब्स घोटाला अब दिल्ली तक पहुंच गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। AAP का कहना है कि सावंत गोवा के युवाओं को रोजगार देने में नाकाम रहे हैं, जहां देश में सबसे अधिक बेरोजगारी दर है। पार्टी ने यह भी दावा किया है कि इस घोटाले में खुद मुख्यमंत्री की पत्नी की सीधी संलिप्तता है। यह मुद्दा संसद में गूंज सकता है, जहां AAP सांसद संजय सिंह ने इसे उठाने और निष्पक्ष जांच की मांग करने का संकल्प लिया है।

इससे पहले गोवा में विपक्षी कांग्रेस ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर नौकरियां बेचने का आरोप लगाया और धन लेकर सरकारी नौकरी दिलवाने जैसे घोटाले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की थी। यह घोटाला राज्य में उस वक्त सामने आया, जब छह लोगों को कथित तौर पर रिश्वत लेने को लेकर गिरफ्तार किया गया। इसके बाद, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने लोगों से कहा कि अगर उनके साथ इस तरह से धोखाधड़ी की गई है तो वे आगे आएं और पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। एक अधिकारी ने बताया था कि इससे पहले पुलिस ने भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता श्रुति प्रभुगांवकर को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया। कांग्रेस इसे लेकर ये तक दावा कर रही है कि भाजपा इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि गोवा में ‘‘व्यापम-2’’ जारी है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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