PM Modi Birthday Updates: बिहार में PM के लिए कटा 72 पौंड का केक, चिराग के चाचा ने नरेंद्र मोदी को बताया 'भगवान'; यूथ कांग्रेस बोली- ये बेरोजगार दिवस
PM Narendra Modi Birthday, PM Modi National Logistic Policy, Kuno National Park Cheetah Launch News Updates: चीता धरती पर सबसे तेज जानवर माना जाता है। लंबी टांगों और पूंछ वाला यह फुर्तीला जानवर साल 1952 भारत में विलुप्त घोषित किया गया था। अब लगभग 70 साल बाद भारत में इनकी वापसी हुई है।
PM Narendra Modi Birthday, PM Modi National Logistic Policy, Kuno National Park Cheetah Launch News Updates: राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोसपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उनके तस्वीर के सामने 72 पौंड का केक काटकर धूम-धाम से मनाया। इस अवसर पर पशुपति कुमार पारस ने प्रधानमंत्री के लंबे एवं दीघार्यु जीवन की कामना की और कहा कि हम लोग की चाहत है, प्रधानमंत्री मोदी 100 वर्ष से भी ज्यादा आयु को प्राप्त करें। पारस ने कहा कि हमने तो साक्षात पृथ्वी पर भगवान के दर्शन नहीं किए है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी साक्षात भगवान के दूसरे रूप में आज देश के तरक्की, देश के उन्नति एवं देशवासियों के कल्याण के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है।
पारस ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में विपक्ष पूरी तरह से खंड-खंड में बंटा हुआ है, विपक्ष कभी एकजुट नहीं हो सकता है। विपक्ष में दर्जनों चेहरे प्रधानमंत्री के उम्मीदवार हैं सब के सब प्रधानमंत्री बनने का ' मुंगेरीलाल के हसीन सपने' देख रहे हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि 2029 तक प्रधानमंत्री पद का देश में कोई वैकेंसी नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नीतीश कुमार विपक्ष को यह सलाह दे कि विपक्ष 2024 करने के बजाय 2034 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में अपना ध्यान केन्द्रित करें। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सांसद प्रिंस राज ने भी प्रधानमंत्री के दीघार्यु जीवन की कामना की और कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी ने भारत देश को श्रेष्ठ भारत बनाने की दिशा में तथा गरीब कल्याण, सुशासन, विकास, राष्ट्र सुरक्षा एवं उनके ऐतिहासिक कामों से देश को पुन: सर्वोच्च स्थान पर आसीन किया है।
ममता ने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई दी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 72वें जन्मदिन पर बधाई दी। प्रधानमंत्री की मुखर आलोचक बनर्जी ने उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को उनके 72वें जन्मदिन पर हार्दिक बधाई। मैं ईश्वर से आपके अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करती हूं।’’ मोदी ने शनिवार को नामीबिया से लाए गए चीतों को मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में एक विशेष बाड़े में छोड़ा। प्रधानमंत्री ने अपने जन्मदिन के अवसर पर इन जानवरों को बाड़े में छोड़ने के बाद एक पेशेवर कैमरे से उनकी कुछ तस्वीरें भी लीं।
'नए भारत में पंचायत भवन से लेकर राष्ट्रपति भवन तक नारीशक्ति का परचम लहरा रहा'
वह आगे बोले- पिछली शताब्दी के भारत और इस शताब्दी के नए भारत में एक बहुत बड़ा अंतर हमारी नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व के रूप में आया है। आज के नए भारत में पंचायत भवन से लेकर राष्ट्रपति भवन तक नारीशक्ति का परचम लहरा रहा है। आजादी की लड़ाई में देश की बेटियां किसी से पीछे नहीं रही हैं...जिस भी सेक्टर में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है। उस क्षेत्र में उस कार्य में सफलता अपने आप तय हो जाती है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता इसका बेहतरीन उदाहरण है, जिसको महिलाओं ने नेतृत्व दिया है।
मां के पास न जा सके पीएम, बोले- माताएं, बहनें, बेटियां मेरा सबसे बड़ा रक्षा कवच
मध्य प्रदेश में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्योपुर महिला स्वयं सहायता समूह सम्मेलन में भाग लिया और विकास केंद्रों का उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान कहा- अगर मेरे जन्मदिन पर कोई कार्यक्रम नहीं रहता तो मैं अपनी मां का पास जाता, उनके चरण छू करके आशिर्वाद लेता। आज मैं अपनी मां के पास नहीं जा सका लेकिन आज जब मेरी मां देखेगी कि मध्य प्रदेश के आदीवासी अंचल की लाखों माताएं मुझे आशीर्वाद दे रही हैं, तो उनको जरूर संतोष होगा। मेरे लिए देश की माताएं, बहनें, बेटियां मेरा सबसे बड़ा रक्षा कवच हैं। शक्ति का स्रोत हैं, मेरी प्रेरणा हैं।
भारतीय युवा कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस को राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस के रूप में मनाया
भारतीय युवा कांग्रेस ने आज देश भर में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस को राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस के रूप में मनाया, इस अवसर पर दिल्ली में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यालय पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बेरोजगार मेले का आयोजन किया। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने कहा कि, प्रधानमंत्री की सरकार जब से आई, देश के युवाओं के लिए बेरोजगारी की सौगात लाई है। इस ही लिए आज देश के बेरोजगार युवा उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस के रूप में माना रहे है। "भारत विश्व के सबसे युवा देशों में से एक है, देश के अंदर ज्यादा संख्या में युवा आबादी है, और उसमे से 60 फीसदी युवा बेरोजगार घूम रहे है, 20 वर्ष से लेके 24 वर्ष तक के युवाओं में 42 फीसदी युवा बेरोजगार है, यह एक अत्यंत ही भयावह स्थिति है, देश भर में आज 45 वर्षो में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है, पर मोदी सरकार सिर्फ और सिर्फ हम दो हमारे दो के लिए काम कर रही है, उन्हे देश के बेरोजगार युवा की दिक्कत और परेशानी नहीं दिखाई पड़ रही है। "
पीएम मोदी के जन्मदिन पर कीर्तन, लंगर, भंडारा व दीघार्यु के लिए दुआ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन जगह-जगह कई कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। अलग-अलग मंत्रालयों के मंत्री अपने-अपने विभाग में अलग-अलग कार्यक्रम और रक्तदान शिविर जैसे कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के नेता गण कीर्तन और पूजन करवाकर प्रधानमंत्री की दीघार्यु के लिए दुआएं कर रहे हैं। दिल्ली के वरिष्ठ बीजेपी नेता तरविंदर सिंह मारवाह ने गुरुद्वारा श्री बाला साहिब, भगवान नगर चौक, हरि नगर आश्रम, नई दिल्ली में दो दिनों का कीर्तन कराया। वहीं इस मौके पर दिल्ली बीजेपी के सांसद श्री गौतम गंभीर मौजूद रहे। सभी भाजपा नेताओं ने मिलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दीघार्यु व उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर दो दिनों से बहुत ही धूमधाम से कीर्तन भजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ एवं लंगर व भोग का वितरण किया गया, जिससे बड़ी भारी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर देशभर में अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
देश से सात दशक पहले विलुप्त हुए चीतों के पुनर्वास के लिए दशकों तक कोई प्रयास नहीं किए गए: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि सात दशक पहले विलुप्त होने के बाद देश में चीतों के पुनर्वास के लिए दशकों से कोई सार्थक प्रयास नहीं किए गए। भारत में चीतों को फिर से बसाने की परियोजना के तहत श्योपुर जिले के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाए गए चीतों को छोड़ने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ये दुर्भाग्य रहा कि हमने 1952 में चीतों को देश से विलुप्त तो घोषित कर दिया, लेकिन उनके पुनर्वास के लिए दशकों तक कोई सार्थक प्रयास नहीं हुआ। आज आजादी के अमृतकाल में अब देश नई ऊर्जा के साथ चीतों के पुनर्वास के लिए जुट गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमारे मित्र देश नामीबिया और वहां की सरकार का भी धन्यवाद करता हूं जिनके सहयोग से दशकों बाद चीते भारत की धरती पर वापस लौटे हैं।’’ उन्होंने कहा कि भारत में 1947 में तीन चीते जंगल में बचे थे, जिनका दुर्भाग्य से शिकार किया गया था। मोदी ने कहा कि मानवता के सामने ऐसे अवसर बहुम कम आते हैं जब समय का चक्र हमें अतीत को सुधार कर नये भविष्य के निर्माण का मौका देते हैं, आज सौभाग्य से हमारे सामने एक ऐसा ही क्षण है।
बेरोजगारी के चलते प्रधानमंत्री का जन्मदिन ‘बेरोजगार दिवस' के रूप मना रहे हैं युवा: कांग्रेस
कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि बेरोजगारी की भयावह स्थिति के कारण आज देश के युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन ‘राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस’ के रूप में मना रहे हैं, जो दुख की बात है। मुख्य विपक्षी दल ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई भी दी और उनके दीर्घायु होने की कामना की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री के खिलाफ हमारी वैचारिक और राजनीतिक लड़ाई जारी है। हमारे खिलाफ उनका निजी प्रतिशोध तेज हो हो गया है। इसके बावजूद हम अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 72वें जन्मदिवस की बधाई देते हैं।’’ पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज मोदी जी का 72वां जन्मदिवस है, उन्हें हमारी हार्दिक शुभकामनाएं, ईश्वर उनको स्वस्थ और दीर्घायु बनाएं।’’ उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘ भारत में महान प्रधानमंत्रियों के जन्मदिवस को प्रतीकात्मक रूप से मनाया जाता रहा है। बच्चों के प्रिय चाचा नेहरू के जन्मदिन को 'बाल दिवस', इंदिरा जी के जन्मदिन को 'कौमी एकता दिवस' के रूप में, राजीव जी के जन्मदिन को, 'सद्भावना दिवस' और अटल जी के जन्मदिन को 'सुशासन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। आज देश के युवा 'राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस' मना रहे हैं।’’ सुप्रिया ने दावा किया कि भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और आज कामकाजी उम्र के 60 प्रतिशत लोग या तो काम नहीं कर रहे हैं या काम की तलाश भी नहीं कर रहे।
चीता आने के बाद क्या होगा बदलाव?
पीएम ने इन चीतों को पार्क में रिलीज करने के बाद संबोधन में कहा- साथियों हमें कुछ महीने का इंतजार करना होगा। सहयोग करना होगा। ये चीते कुनो को अपना घर बना पाएं, इसलिए हमें इन्हें कुछ महीनों का वक्त देना होगा। अंतर्राष्ट्रीय गाइडलाइंस के तहत हम इन्हें बसाने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा- कुनो नेशनल पार्क में जब चीता फिर से दौड़ेंगे, तो यहां का ग्रासलैंड इकोसिस्टम फिर से बहाल होगा, जैव विविधता और बढ़ेगी। आने वाले दिनों में यहां पर्यावरण पर्यटन भी बढ़ेगा। यहां विकास की नई संभावनाएं जन्म लेंगी।
जन्मदिन पर पीएम ने म.प्र को इस रूप में दिया रिटर्न गिफ्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 72वें जन्मदिन पर शनिवार (17 सितंबर, 2022) को मध्य प्रदेश को बड़ा रिटर्न गिफ्ट मिला। दरअसल, देश में करीब 70 साल कैट (बिल्ली) फैमिली के जंगली जानवर चीता की मुल्क वापसी हुई। अफ्रीकी देश नामीबिया से इन्हें स्पेशल कार्गो विमान से ग्वालियर लाया गया, जहां से वायुसेना के चॉपर्स के जरिए ये कूनो अभ्यारण शिफ्ट (श्योपुर जिला में) किए गए। पीएम ने सुबह करीब साढ़े 11 बजे इन चीतों की कूनो पार्क में एंट्री कराई। पीएम मोदी इस दौरान वाइल्ड लाइफ वाली जैकेट और हैट पहन कर आए। उनके साथ इस दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत कुछ और लोग भी थे। हालांकि, शुरुआत के एक महीने में ये सारे चीते क्वारंटीन में रहेंगे। भारत लाए जाने से पहले उन्हें जरूरी टीका दिए गए, जबकि जरूरी मेडिकल चेक अप भी हुआ था।
1000 बेटों पर 976 बेटियां हो रही हैं पैदा- शिवराज
मध्य प्रदेश CM शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आज पूरे राज्य में उत्सव का माहौल है, रक्तदान के शिविर हो रहे हैं। रोजगार की अपार संभावनाएं लेकर PM हमारे बीच पधारे हैं। आजीविका मिशन की बहनें पहले मजदूरी करती थीं। आज मालिक बन गई हैं। पहले यहां 1000 बेटों पर 912 बेटियां पैदा होती थीं, जबकि अब 976 हो रही हैं।
PM ने किया प्रदर्शनी का निरीक्षण
इतनी माताओं को आशीर्वाद मिला
सामान्य तौर पर अपने जन्मदिन पर मां से उनका आशीर्वाद लेने जाता हूं, आज मध्य प्रदेश की इतनी सारी माताओं ने मुझे अपना आशीर्वाद दिया। पीएम मोदी ने कहा किसभी माताएं और बहनें मेरी ताकत और प्रेरणा हैं।
PM ने महिला स्वयं सहायता समूह सम्मेलन में लिया भाग
प्रधानमंत्री मोदी ने कुनो राष्ट्रीय उद्यान के विशेष बाड़े में चीतों को छोड़ा, तस्वीरें भी खींची
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में नामीबिया से लाए गए चीतों को एक विशेष बाड़े में छोड़ा। इस मौके पर मोदी अपने पेशेवर कैमरे से चीतों की कुछ तस्वीरें भी खींचते हुए दिखाई दिए। भारत में चीतों को विलुप्त घोषित किए जाने के सात दशक बाद उन्हें देश में फिर से बसाने की परियोजना के तहत नामीबिया से आठ चीते शनिवार सुबह कुनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे। पहले इन्हें विशेष विमान से ग्वालियर हवाई अड्डे और फिर हेलीकॉप्टरों से श्योपुर जिले में स्थित केएनपी लाया गया। शनिवार को अपना 72 वां जन्मदिन मना रहे प्रधानमंत्री मोदी ने चीतों को केएनपी के एक विशेष बाड़े में छोड़ दिया। चीते धीरे-धीरे पिंजड़ों से बाहर आते दिखे। इस मौके पर मोदी अपने पेशेवर कैमरे से चीतों की तस्वीरें लेते हुए भी दिखाई दिए। इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मंच पर मौजूद थे। इन चीतों को ‘टेरा एविया’ की एक विशेष उड़ान में लाया गया है जो यूरोप में चिसीनाउ, मोल्दोवा में स्थित एक एयरलाइन है और चार्टर्ड यात्री और मालवाहक उड़ानें संचालित करती है।
कुनो में पीएम ने यूं छोड़े चीता, देखिए पहली झलक
PM मोदी ने यूं चीतों को बाड़ों से किया रिलीज
ग्वालियर पहुंचने पर पीएम का यूं हुआ स्वागत, देखें
मध्य प्रदेश अब 'चीता स्टेट': शिवराज
मध्य प्रदेश अब देश और दुनिया में चीता स्टेट के तौर पर पहचाना जाएगा, ऐसी उम्मीद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जताई है। चौहान ने कहा है, मध्यप्रदेश (एमपी) गजब है, सबसे अजब है। 'टाइगर स्टेट', 'तेंदुआ स्टेट', 'वल्चर स्टेट', 'घड़ियाल स्टेट' के बाद यह अब 'चीता स्टेट' होगा। उन्होंने आगे कहा, मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा बाघ 526,सबसे ज्यादा तेंदुए 3421 है। प्रदेश में जंगल 30 फीसदी से अधिक है। राज्य में राष्ट्रीय उद्यान 10, टाइगर रिजर्व छह और वन्य जीव अभ्यारण 25 है। इसके साथ ही घड़ियाल और वल्चर भी मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा।
लकड़ी के बने विशेष पिंजरों में लाए गए चीते
आठ चीतों को लेकर भारतीय वायु सेना के दो हेलीकॉप्टर शनिवार सुबह मध्य प्रदेश में कुनो राष्ट्रीय उद्यान के निकट पालपुर पहुंचे। भारत में चीतों को विलुप्त घोषित किए जाने के सात दशक बाद इस प्रजाति को देश में फिर से बसाने की परियोजना के तहत नामीबिया से आठ चीतों को लेकर विशेष मालवाहक विमान शनिवार सुबह ग्वालियर के हवाई अड्डे पर उतरा था। इसके बाद इन्हें 20 से 25 मिनट की यात्रा के बाद 165 किलोमीटर दूर हेलीकॉप्टर से पालपुर लाया गया है। मालवाहक बोइंग विमान ने शुक्रवार रात को नामीबिया से उड़ान भरी थी और लगभग 10 घंटे की लगातार यात्रा के दौरान चीतों को लकड़ी के बने विशेष पिंजरों में पहले ग्वालियर फिर यहां लाया गया। कुनो राष्ट्रीय उद्यान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जन्मदिन के अवसर पर सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर इनमें से तीन चीतों को इनके लिए बनाए गए विशेष बाड़ों में छोडेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि यात्रा के दौरान चीते बिना भोजन के रहे और उन्हें बाड़े में छोड़े जाने के बाद खाने के लिए कुछ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उद्यान में एक मंच स्थापित किया गया है जिस पर चीतों के विशेष पिंजरों को रखा जाएगा और मोदी लीवर चलाकर उनमें से तीन चीतों को एक बाड़े में छोड़ देंगे। अधिकारी ने बताया कि उसके बाद, कुछ गणमान्य व्यक्ति शेष चीतों को अन्य बाड़ों में छोड़ेंगे। इन चीतों को ‘टेरा एविया’ की एक विशेष उड़ान में लाया गया है जो यूरोप में चिसीनाउ, मोल्दोवा में स्थित एक एयरलाइन है।
चैंपियन है चीता! यूसेन बोल्ट का भी तोड़ चुका है रिकॉर्ड
चीता धरती पर सबसे तेज भागने वाला जानवर है। इसे 'पशु साम्राज्य का ओलंपियन' भी कहा जा सकता है। US में 2012 में 11 साल के चीता (सारा) ने जमैका के महान धावक यूसेन बोल्ट का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। 100 मीटर डैश में इस मादा चीता ने 5.95 सेकेंड्स में दौड़ पूरी कर बोल्ट का 9.58 सेकेंड (100 मीटर) ब्रेक किया था। सारा को बड़ा करने वाली कैथरीन हिल्कर बोली थीं- ऐसे कोई नहीं दौड़ सकता है। यह 'पोल्का डॉट मिसाइल' जैसी है।
देखिए, विमान में कैसे विदेश से लाए गए चीता?
चीतों को लेकर क्या होगा भारत के लिए चैलेंज?
वैसे, चीते के लिए वहां पर तेंदुआ खतरा हो सकते हैं। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तेंदुए चीतों पर अटैक कर सकते हैं। वे उनके बच्चों पर भी हमला बोल सकते हैं। साथ ही चीतों के बच्चों का मॉर्टैलिटी रेट भी कम होता है। ऐसे में यह वो चुनौतियां होंगी, जिनसे भारत को निपटना होगा।
MP: ग्वालियर AFS से Kuno National Park ऐसे पहुंचे चीता
कूनो ही क्यों लाए जा रहे ये चीता?
10 जगह में खोज के बाद कूनो पार्क को चुना गया है। मध्य प्रदेश के इस पार्क का रिकॉर्ड अच्छा रहा है। हिरण, चीतल और अन्य की घनी आबादी है। दो दर्जन चीतों के लिए भरपूर जगह है। नदी होने से पानी की दिक्कत न होगी। वैसा ही माहौल महसूस होगा, जैसा नामीबिया में रहा होगा।
चीतों पर CM शिवराज बोले- मप्र के लिए इससे बड़ा कोई तोहफा नहीं
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार सुबह समाचार एजेंसी एएनआई को बताया- मप्र के लिए इससे बड़ा कोई तोहफा नहीं है कि नामीबिया से चीते कुनो नेशनल पार्क में आ रहे हैं। वे विलुप्त हो गए थे और उन्हें फिर से शुरू करना एक ऐतिहासिक कदम है। यह इस सदी की सबसे बड़ी वन्यजीव घटना है। इससे मप्र में पर्यटन को तेजी से बढ़ावा मिलेगा।
‘प्रोजेक्ट चीता' के प्रस्ताव को मनमोहन सिंह सरकार ने स्वीकृति दी थी- कांग्रेस का दावा
कांग्रेस ने नामीबिया से लाए गए चीतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े जाने से एक दिन पहले शुक्रवार को कहा कि ‘प्रोजेक्ट चीता’ के प्रस्ताव को मनमोहन सिंह की सरकार के शासनकाल में स्वीकृति मिली थी, लेकिन उच्चतम न्यायालय के रोक लगाने के चलते इसमें इतना समय लगा। पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिये ट्वीट किया, ‘‘ प्रोजेक्ट चीता का प्रस्ताव 2008-09 में तैयार हुआ। मनमोहन सिंह जी की सरकार ने इसे स्वीकृति दी। अप्रैल 2010 में तत्कालीन वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश जी अफ्रीका के चीता आउट रीच सेंटर गए।’’ उसने कहा, ‘‘2013 में उच्चतम न्यायालय ने प्रोजेक्ट पर रोक लगाई, 2020 में रोक हटी। अब चीते आएंगे’’ प्रधानमंत्री मोदी नामीबिया से भारत लाए गए चीतों को शनिवार को मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बृहस्पतिवार को एक बयान जारी कर कहा कि कुनो राष्ट्रीय उद्यान में प्रधानमंत्री द्वारा जंगली चीतों को रहने के लिए मुक्त किया जाना भारत के वन्य जीवन और वन्य जीवों के आवास को पुनर्जीवित करने एवं इसमें विविधता लाने के उनके प्रयासों का हिस्सा है। भारत सरकार ने 1952 में देश में चीतों को विलुप्त करार दे दिया था। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के साल वन में 1948 में आखिरी बार चीता देखा गया था। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को कहा कि अत्यधिक शिकार के कारण देश में विलुप्त हो चुके चीते को वापस लाकर भारत पारिस्थितिकी असंतुलन को दूर कर रहा है।
सबसे तेज भागने वाला जानवर है चीता
चीता से जुड़ी ये बातें जानते हैं?
- यह कैट फैमिली का हिस्सा
-Acinonyx jubatus इसका साइंटिफिक नाम है
- अफ्रीका और मध्य ईरान के मूल निवासी
- धरती पर सबसे तेज जानवर माना जाता है
- 80 से 128 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भाग सकते हैं
- शरीर पर काले रंग के गोल चकत्ते होते है. वजन में हल्के होते हैं, जबकि इनके पैर और पूंछ लंबी होती है
- एक वयस्क चीता का वजन 21 से 72 किलो के बीच होता है
भारत में 'जंगल के शिकारी' का ग्रांड वेलकम क्यों?
इन चीतों को PM कूनो नेशनल पार्क में आज छोड़ेंगे
ग्वालियर पहुंचा विशेष विमान
रफ्तार में सबको मात देता है चीता
चीता की रफ्तार एक सौ तीस किलोमीटर प्रतिघंटे तक होती है। वहीं जगुआर 80 प्रति घंटे की रफ्तार से ही दौड़ पाता है। शेर जिसे जंगल का राजा भी कहते हैं उसकी भी रफ्तार 80 किलोमीटर प्रतिघंटे है तो यूरेशियन लिंक्स जो एक तरह की जंगली बिल्ली है भी 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से दौड़ सकती है।
कूनो पार्क में चीतों के लिए तैयार है विशेष भोजन
अफ्रीका से हिंदुस्तान आए चीतों के ग्रेड वेलकम की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स की सलाह पर चीतों को फ्लाइट में बिना खाना पानी के लाया गया ऐसा इसलिए क्योंकि 11 घंटे की फ्लाइट में कहीं उनकी तबीयत न बिगड़ जाए। हालांकि कुनो नेशनल पार्क में रफ्तार के किंग के लिए शाही पकवान भी तैयार है।
ग्वालियर के महाराजपुर एयर बेस पर उतरा विशेष विमान
नामीबिया की राजधानी विंडहोक से भारतीय समय के मुताबिक बीती रात करीब साढ़े 8 बजे विमान वहां से रवाना हुआ। और उसके बाद ये विमान आज सुबह करीब छह बजे ग्वालियर के महाराजपुर एयर बेस पर उतरा। प्रधानमंत्री मोदी आज इन चीतों को नए बेड़ों में छोड़ेगे ताकि एशिया में फिर से चीतों की भरमार हो सके। फिलहाल चीते एशियाई देशों से तकरीबन गायब हो चुके हैं।
लंबा सफर तय कर पहुंच रहे हैं चीते
नामीबिया से करीब आठ हजार पांच सौ किलोमीटर की सफर पूरी कर स्पेशल प्लेन मध्यप्रदेश के ग्वालियर में लैंड हुआ। यहां प्लेन से चीतों को तीन स्पेशल हेलीकॉप्टर में ट्रांसफर किया जाएगा और फिर कुनो नेशनल पार्क तक का सफर चीते हेलीकॉप्टर से पूरा करेंगे।
तीस दिनों तक रखा जाएगा बाड़े में
चीतों के स्वागत के लिए कूनो नेशनल पार्क पूरी तरह तैयार है। सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर प्रधानमंत्री मोदी आठों चीतों को स्पेशल बाड़े में छोड़ेंगे। चीतों को 30 दिनों तक विशेष बाड़े में ही रखा जाएगा। इस दौरान उनकी सेहत पर नजर रखी जाएगी। इसके बाद इन्हें जंगल में छोड़ा जाएगा। भारत में करीब 70 साल से चीते नहीं हैं।
श्योपुर जिले के कराहल में वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होंगे पीएम मोदी
चीतों को छोड़ने के बाद पीएम मोदी मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कराहल में वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होंगे और बाद में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सम्मेलन में भाग लेने के लिए एक स्थानीय स्कूल पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री ग्वालियर पहुंचेंगे और शहर में कुछ देर रुकने के बाद दोपहर को नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
विशेष मालवाहक विमान से ग्वालियर लाए जाएंगे चीते
नामीबिया से आठ चीतों को लेकर विशेष मालवाहक विमान आज सुबह ग्वालियर हवाई अड्डे पर उतरेगा। उसके बाद चीतों को हेलीकॉप्टर में केएनपी ले जाया जाएगा। देश के वन्य जीवों और उनके आवास को पुनर्जीवित करने और उसमें विविधता लाने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों का यह हिस्सा है।
नामीबिया से लाए जा रहे चीतों कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नामीबिया से लाए जा रहे चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में आज सुबह छोड़ेंगे। प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली से सुबह करीब 9.20 बजे ग्वालियर हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे और करीब 165 किलोमीटर दूर श्योपुर जिले के कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) के लिए रवाना होंगे जहां वह सुबह करीब 10.45 बजे चीतों को विशेष बाड़ों में छोडेंगे। आज पीएम मोदी का जन्मदिन भी है।





