Kisan Protest: भारत बंद का हिस्सा नहीं बनेंगी बेस्ट की बसें, उद्धव सरकार का फैसला
नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। किसान लगातार अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और 8 दिसंबर को बुलाए गए भारत बंद की तैयारी में जुट गए हैं। इस बीच किसानों के आंदोलन की वजह से दिल्ली में आवाजाही पर फर्क पड़ा है और पड़ोसी राज्यों से जुड़ने वाले कई रास्ते बंद कर दिए गए हैं। वहीं नोएडा में धारा 144 लागू कर दी गई है।
नई दिल्ली: नए कृषि कानूनों को खत्म करने की अपनी मांग को लेकर किसान प्रदर्शनकारी दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। हरियाणा से सटे सिंघु- टिकरी बॉर्डर और यूपी से सटे गाजीपुर बॉर्डर पर किसान डेरा डाले हुए हैं। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर कल भारत बंद बुलाया है जिसे कई राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई मार्गों पर आवाजाही बंद की है जिसे लेकर एडवाजरी भी जारी की गई है। यहां जानिए किसान आंदोलन से जुड़ा हर ताजा अपडेट:
मंगलवार को बेस्ट की बसें चलेंगी
बेस्ट की बसें मंगलवार को सड़कों पर होंगी वो भारत बंद का हिस्सा नहीं होगी। बसों के संचालन में सुरक्षात्मक लोहे की ग्रिल और अन्य सुरक्षात्मक इंतजाम किए जाएंगे। इस बात की पूरी व्यवस्था की जाएगी कि आम यात्रियों की किसी तरह की दिक्कत ना हो।
गुमराह हैं प्रदर्शन करने वाले किसान, कृषि मंत्री से मुलाकात के बोले हरियाणा के किसान नेता
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात के बाद सोनीपत के प्रोग्रेसिव फॉर्मर्स क्लब के अध्यक्ष कंवल सिंह चौहान ने कहा कि जो किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें गुमराह किया गया है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिया है कि एमएसपी और मंडी व्यवस्था खत्म नहीं हो रही है।
कृषि मंत्री से मिले हरियाणा के किसान, कल है भारत बंद
दिल्ली में कल बंद रहेंगी सभी मंडियां
आजादपुर मंडी के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने कहा है कि मंगलवार आजादपुर मंडी सहित राजधानी की सभी मंडियां बंद रहेंगी। किसानों के भारत बंद के समर्थन में मंडियां बंद रहेंगी।
मुंबई में भारी सुरक्षा बंदोबस्त
मुंबई पुलिस के पीआरओ डीसीपी चैतन्य ने मंगलवार के 'भारत बंद' पर कहा कि पूरे शहर में सुबह से पुलिस गश्त करेगी। शहर में 600 अतिरिक्त कॉन्स्टेबलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा शहर की सुरक्षा में एसआरपीएफ के 9 प्लाटूंस लगे रहेंगे। इस दौरान दुकानें जबरन बंद कराने की अनुमति नहीं होगी। जो ऐसा करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
किसान आंदोलन : गहलोत बोले-पीएम दें दखल
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसान आंदोलन पर बने गतिरोध को समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सीधे हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। गहलोत ने ट्वीट किया, ‘सबसे अधिक चिंताजनक है कि हमारे किसान सर्दी में सड़कों पर रातें काट रहे हैं और सरकार उनकी उचित मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सीधे हस्तक्षेप करते हुए किसान यूनियनों के नेताओं को सुनना चाहिए और गतिरोध का हल करना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘देशभर से और अधिक किसान आंदोलन में शामिल होने दिल्ली सीमा पर इकट्ठा हो रहे हैं। इससे उन महिलाओं व बच्चों की परेशानीबढ़ती जा रही है जो पहले से इस आंदोलन में शामिल हैं। सरकार को किसानों के कल्याण के मुद्दों पर ध्यान देने में देरी नहीं करनी चाहिए।’
बंद शांतिपूर्ण और तीन बजे तक रहेगा चक्का जाम : किसान नेता
बीकेयू को कल भारत बंद सफल होने की उम्मीद
आठ दिसंबर के अपने भारत बंद पर भारतीय किसान यूनियन के नेता जगजीत सिंह ने सोमवार को कहा कि कल मंगलवार को पूरे देश में भारत बंद होगा। बंद को लेकर राज्यों में किसानों के नुमाइंदों के साथ बातचीत हुई है। किसान संगठन के नेता ने कहा कि उन्हें भारत बंद के संपूर्ण रूप से सफल होने की उम्मीद है।
मुंबई पुलिस हुई सतर्क
कल के 'भारत बंद' को देखते हुए मुंबई पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक बंदोबस्त किए हैं। मुंबई पुलिस के पीआरओ डीसीपी एस चैतन्य ने बताया कि शहर में अवांछित घटना को टालने के लिए पुलिस गश्त करेगी। हम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं। नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मंगलवार को देश व्यापी भारत बंद का आह्वान किया है। इस बंद को विपक्ष ने अपना समर्थन दिया है।
योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना
नए कृषि कानूनों पर विपक्ष के रवैये की आलोचना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की है। योगी ने सोमवार को कहा कि एपीएमसी को लेकर विपक्ष के कुछ दलों ने जो रुख अख्तियार किया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण एवं निराशाजनक है। विपक्ष इस पर राजनीति कर रहा रहा है। इससे उनके दोहरे चरित्र का पर्दाफाश हो गया है।
नोएडा में दलित प्रेरणा स्थल और चिल्ला बॉर्डर पर जारी है किसानों का धरना
नए कृषि कानूनों के विरोध में दलित प्रेरणा स्थल पर छह दिन से धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के नेता व कार्यकर्ता सोमवार को भी यहां डटे रहे।भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने कहा कि नए कृषि कानून के विरोध में उनके संगठन के कार्यकर्ता छह दिन से दलित प्रेरणा स्थल पर धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा, ‘इन कानूनों के लागू होने से किसान बर्बाद हो जाएगा।’
भाजपा सरकार कृषि कानून वापस ले या सत्ता से बाहर जाए: ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार जल्द ही कृषि कानून वापस ले या सत्ता से बाहर जाए।पश्चिम मिदनापुर में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि वह ‘भाजपा के कुशासन पर शांत रहने या उसको सहने ’ की बजाय जेल में रहना पसंद करेंगी। उन्होंने दावा किया, ‘भाजपा सरकार (केन्द्र में) जल्द ही कृषि कानून वापस ले या सत्ता से बाहर जाए। किसानों के अधिकारों का हनन करने के बाद उसे सत्ता में नहीं रहना चाहिए।’
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने जनता से ‘भारत बंद' के आह्वान का समर्थन करने की अपील की
केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 11 दिन से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने जनता से अपील की है कि वे मंगलवार को आहूत ‘भारत बंद’ को अपना समर्थन दें। भारत बंद को विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा समर्थन देने के कदम का भी किसानों ने स्वागत किया है। किसान केंद्र सरकार से नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
‘काले कानूनों' को वापस ले: कांग्रेस ‘
कांग्रेस ने किसान संगठनों की ओर से आहूत ‘भारत बंद’ से एक दिन पहले सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार को ‘अहंकार छोड़कर’ किसानों के मन की बात सुननी चाहिए और कृषि से संबंधित ‘काले कानूनों’ को वापस लेना चाहिए। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि सरकार को कृषि कानूनों को रद्द करना होगा और इससे कम, कुछ भी मंज़ूर नहीं होगा।
केंद्र सरकार पर बरसे अखिलेश
वह केंद्र के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करने के लिए कन्नौज जा रहे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला करते हुए कहा, 'हमारे कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया है। वे (पुलिस) अगर चाहें तो हमें जेल में डाल सकते हैं। उन्होंने हमारे वाहनों को रोक दिया है। हम चलेंगे।'
भारत बंद का समथन नहीं करेगी टीएमसी
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का समर्थन नहीं करने का फैसला किया है। तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत राय ने कहा, 'तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) आंदोलनकारी किसानों के साथ खड़ी है लेकिन हम पश्चिम बंगाल में भारत बंद का समर्थन नहीं करेंगे। यह बंद हमारे सिद्धांतो के खिलाफ है।'
कांग्रेस सांसदों का धरना
दिल्ली: किसानों के मुद्दे पर संसद के शीतकालीन सत्र की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर पंजाब के कांग्रेस सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, 'सत्र बुलाया जाना चाहिए, किसान विरोधी कानूनों पर पुनर्विचार और वापस लिया जाना चाहिए। सरकार सत्र को टाल रही है।'
चिदंबरम ने किया किसानों का समर्थन
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम बोले- कृषि कानूनों के पारित होने के बाद से, कांग्रेस मांग कर रही है-
(1) MSP पर कानूनी गारंटी,
(2) सरकारी एजेंसियों के माध्यम से खाद्यान्न खरीद की निरंतरता,
(3) कॉरपोरेट्स के प्रवेश पर रोक, और
(4) राज्यों के विधायी अधिकारों का सम्मान हो
किसान भी उसी की मांग कर रहे हैं और चाहते हैं कि कृषि कानून निरस्त हो। मुझे खुशी है कि कांग्रेस ने भारत बंद के लिए किसानों के आह्वान का समर्थन किया है।भारत के लोगों को भारत बंद का समर्थन करना चाहिए।
डीएनडी पर लगा जाम
किसान आंदोलने के कारण दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट (DND) फ्लाईवे पर भारी ट्रैफिक ज़ाम दिख रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाईजरी जारी करते हुए कहा है कि गौतम बुद्ध द्वार के पास किसान आंदोलन के कारण नोएडा-लिंक रोड पर स्थित चिल्ला बॉर्डर पर आवाजाही बंद कर दी गई है। दिल्ली जाने के लिए नोएडा-लिंक रोड की बजाय DND का उपयोग करें।
कैबिनेट के साथ किसानों से मिलने पहुंचे केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल किसानों से मिलने सिंघ बॉर्डर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वो किसानों की मांगों का समर्थन करते हैं और वो यहां किसानों की सेवा करने आए हैं। केजरीवाल ने कहा कि हम पर दिल्ली पुलिस के माध्यम से 9 स्टेडियमों को जेल बनाने के लिए पूरा दबाव बनाया गया लेकिन हमने उन्हें अनुमति नहीं दी। केजरीवाल ने कहा कि किसानों की मांगें जायज हैं और उनकी पार्टी किसानों की मांगों का समर्थन करती है। केजरीवाल ने कहा, हमारी पार्टी लगातार सेवादार की तरह किसानों की सेवा करने में लगे हुए हैं। किसान लगातार मेहनत करके अन्न उगाता है, ऐसे में हमारा फर्ज है कि हम किसानों की सेवा करें।'
सरकार के साथ हो चुकी है पांच दौर की बातचीत
नए कानून से उपजी किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार के साथ किसान नेताओं की पांच दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन सरकार की अब तक की पहल नाकाम रही है। किसान नेता तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं जबकि सरकार ने इनमें संशोधन का प्रस्ताव दिया है।
ट्रैफिक पुलिस की एडवाईजरी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा सोमवार की सुबह ट्विटर पर दी गई जानकारी के अनुसार, सिंघु, औचंडी, पियाओ, मनियारी, मंगेश बॉर्डर बंद है। इसके अलावा टिकरी और झरोडा बॉर्डर भी बंद है। उधर, उत्तर प्रदेश से दिल्ली में प्रवेश करने वाले मुख्य पथ, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-24 स्थित गाजीपुर बॉर्डर भी किसानों के आंदोलन के चलते बंद है। इसके अलावा नोएडा लिंक रोड स्थित चिल्ला बॉर्डर भी बंद है।
केजरीवाल जाएंगे सिंघु बॉर्डर
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज सिंघु बॉर्डर जाएंगे। मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली सरकार के अन्य मंत्री भी जाएंगे। मुख्यमंत्री सिंघु बॉर्डर पर किसानों के लिए गईं तैयारियों का जायज़ा लेंगे। सीमा पर किसान नेताओं ने कई राजनीतिक दलों द्वारा व्यक्त किये गये समर्थन का स्वागत किया और अन्य सभी से आगे आने एवं मंगलवार के ‘भारत बंद’ का समर्थन करने का आह्वान किया।
प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा, हमारे एनआरआई रिश्तेदार आर्थिक सहायता करने के इच्छुक
नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-हरियाणा की सीमा पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों ने दावा किया कि वे अपने आंदोलन को जारी रखने के लिए खुद ही सक्षम हैं। वहीं, कुछ प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि विरोध को जारी रखने के लिए उनके अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) रिश्तेदारों ने भी मदद का भरोसा दिया है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने किया समर्थन देने का ऐलान
बसपा सुप्रीमो मायावती ने किसानों के भारत बंद को समर्थन देने का ऐलान किया है। मायावती ने ट्वीट करते हुए कहा, 'कृषि से सम्बंधित तीन नये कानूनों की वापसी को लेकर पूरे देश भर में किसान आन्दोलित हैं व उनके संगठनों ने दिनांक 8 दिसम्बर को भारत बंद का जो एलान किया है, बी.एस.पी उसका समर्थन करती है। साथ ही, केन्द्र से किसानों की माँगों को मानने की भी पुनः अपील।'
दिल्ली में कुछ ऑटो, टैक्सी संघ मंगलवार के 'भारत बंद' में शामिल होंगे
दिल्ली में आगामी मंगलवार को यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि शहर के कुछ ऑटो और टैक्सी संघों ने केन्द्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में आठ दिसंबर को बुलाए गए 'भारत बंद' के समर्थन का फैसला किया है। हालांकि, कई अन्य संघों ने किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन देने के बावजूद सेवाएं सामान्य तौर पर जारी रखने का निर्णय लिया है।

