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Farmers’ protest: सरकार के प्रस्ताव स्वीकार नहीं, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

किसानों के साथ गृह मंत्री अमित शाह की मंगलवार को हुई बैठक का कोई नतीजा नहीं निकल पाया। सरकार किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरकार से बातचीत करने से मना कर दिया। किसान नए कृषि कानूनों को खत्म करने की मांग पर अड़े हुए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि इससे कम उन्हें मंजूर नहीं है। बातचीत से गतिरोध टूटता न देख सरकार ने किसानों को प्रस्ताव भेजा।लेकिन किसानों से उसे नकार दिया।

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलटाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलUpdated Dec 9, 2020, 23:56 IST
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Farmers’ protest: सरकार के प्रस्ताव स्वीकार नहीं, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

विपक्ष के पांच नेता बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिले।। इस शिष्टमंडल में कांग्रेस से राहुल गांधी, एनसीपी से शरद पवार, माकपा से सीताराम येचुरी, भाकपा से डी राजा और डीएमके से टीकेएस इलंगोवन शामिल थे। राष्ट्रपति से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए। इसके साथ दूसरे नेताओं ने कहा कि सरकार को हठधर्मिता छोड़ देनी चाहिए। 

DEC 09, 2020 23:56 IST

14 दिसंबर को एक बार फिर बंद का ऐलान

 किसानों ने अपना आंदोलन तेज करते हुए दिल्ली को जाम करने की घोषणा की है। घोषित कार्यक्रम में दिल्ली को जोड़ने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों दिल्ली से जयपुर, दिल्ली से आगरा और दिल्ली से लखनऊ की ओर जाने वाली सड़कें रोक दी जाएंगी। 14 दिसंबर को देशभर में जिला और प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन करने के साथ साथ बीजेपी के दफ्तरों पर प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। 

DEC 09, 2020 21:26 IST

आंदोलन और तेज करने की चेतावनी

भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार हठधर्मिता पर अड़ी हुई है उसे देखते हुए किसान संगठनों के पास आंदोलन को और तेज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्हें गृहमंत्री के साथ होने वाली बैठक से उम्मीद थी। लेकिन सरकार के रुख में किसी तरह का बदलाव नहीं दिखा।

DEC 09, 2020 19:19 IST

किसानों से सरकारी सुविधाओं के उपयोग से किया इंकार

बुराड़ी के के निरंकारी समागम मैदान में एकत्रित हुए किसानों ने सरकारी सुविधाओं के उपयोग से इंकार कर दिया। एक किसान नेता कहते हैं, "एक संघर्ष हमेशा लोगों की अपनी क्षमताओं के आधार पर होता है। हम सहानुभूति रखने वालों से मदद लेते हैं, लेकिन सरकारों से नहीं। वे केवल वोट हासिल करने के लिए काम करते हैं।

DEC 09, 2020 17:49 IST

'मौजूदा कृषि कानून वापस ले केंद्र सरकार'

किसानों के मुद्दे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने के के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। नए कृषि कानून पूरी तरह किसानों के खिलाफ हैं और इसे वापस लिया जाना चाहिए। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि हमने राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया है। हम कृषि कानूनों और बिजली संशोधन बिल को रद्द करने के लिए कह रहे हैं जो उचित विचार-विमर्श और परामर्श के बिना लोकतांत्रिक तरीके से पारित किए गए थे।

DEC 09, 2020 17:36 IST

'किसान आंदोलन के पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ'

नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री राव साहेब दानवे ने कहा कि किसानों की मांग को पूरी करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि एमएसपी और मंडी समितियों के मुद्दे किसानों के हितों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। जहां तक इस आंदोलन की बात है तो निश्चित तौर पर इसके पीछे चीन और पाकिस्तान हैं। 

DEC 09, 2020 16:46 IST

राष्ट्र्पति भवन पहुंचे विपक्ष के नेता

 किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी राष्ट्रपति भवन पहुंचे। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के साथ विपक्षी दलों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल की बैठक होगी। राहुल गांधी के अलावा शरद पवार, सीताराम येचुरी और डी राजा भी मिल रहे है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार को हठधर्मिता छोड़कर किसानों के मुद्दे पर खुले मन से बातचीत कर देनी चाहिए।

DEC 09, 2020 16:39 IST

किसानों के आंदोलन पर शिरोमणि अकाली दल का बयान

शिरोमणि अकाली दल के पी एस चंदूमाजरा का कहना है कि कि सरकार के ऊपर दबाव बनाना अहम है। यदि सरकार और किसानों के बीच बातचीत कामयाब नहीं बोती है तो किस तरह की राजनीतिक मदद आगे के आंदोलन के लिए किसानों को दी जा सकती है उसके बारे में दिसंबर के तीसरे हफ्ते में निर्णय लिया जाएगा।

DEC 09, 2020 16:22 IST

केंद्र सरकार के प्रस्ताव का मूल सार

आंदोलनरत किसानों की मांग पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि सरकार के स्तर पर कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही सरकार ने जो प्रस्ताव दिए हैं उसके मूल में क्या है वो कुछ इस तरह है।

1 राज्य सरकार चाहे तो प्राइवेट मंडियों पर भी शुल्क/फीस लगा सकती है।
2. राज्य सरकार चाहे तो मंडी व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर सकती है।
3. किसानों को कोर्ट कचहरी जाने का विकल्प भी दिया जाएगा।
4. किसान और कंपनी के बीच कॉन्ट्रैक्ट की 30 दिन के अंदर रजिस्ट्री होगी।
5. कॉन्ट्रैक्ट कानून में स्पष्ट कर देंगे कि किसान की जमीन या बिल्डिंग पर ऋण या गिरवी नहीं रख सकते।
6. किसान की कुर्की नहीं हो सकेगी।
7. एमएसपी की वर्तमान खरीदी व्यवस्था के संबंध में सरकार लिखित आश्वासन देगी।
8. बिजली बिल अभी ड्राफ्ट है
9. एनसीआर में प्रदूषण वाले कानून पर किसानों की आपत्तियों को समुचित समाधान किया जाएगा।

DEC 09, 2020 14:56 IST

किसान संगठनों की सिंघु बॉर्डर पर अहम बैठक चल रही है

दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर इस वक्त किसान संगठनों की बैठक जारी है, इनमें से 13 संगठन मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह के साथ मीटिंग में मौजूद थे, राकेश टिकैत, मंजीत राय किसानों को बैठक की जानकारी देंगे, सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे।
DEC 09, 2020 13:49 IST

सरकार ने भेजा प्रस्ताव, किसान संगठन बोले-हम विचार करेंगे लेकिन कानून वापस हों

सरकार के नए प्रस्ताव पर पंजाब के करीब 32 किसान संगठन बैठक और अपनी आगे की रणनीति बना रहे हैं। बाकी आठ किसान समूह बैठक में बाद में हिस्सा लेंगे। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, 'हम सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे और अपनी आगे की रणनीति बनाएंगे। किसान अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे। यह सम्मान की बात है। यदि सरकार अपनी जिद पर है तो किसान भी हठी हैं। कानूनों को वापस लेना होगा।' 

DEC 09, 2020 12:54 IST

शिवराज सिंह का विपक्ष पर तंज

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान हमारे भगवान हैं और उनकी आय दोगुनी करने की प्रतिज्ञा पीएम मोदी ने ली है। इसके लिए उन्होंने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। लेकिन अपने शासनकाल में जिन्होंने किसानों के लिए कुछ नहीं किया और उन्हें दिवालिया बनाया, आज वे राष्ट्रपति से मिलने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता ने इन राजनीतिक दलों को खारिज कर दिया है। इन दलों को किसानों से माफी मांगनी चाहिए। किसानों की दुर्दशा के लिए ये दल जिम्मेदार हैं। आज लोग इनके पाखंड को पहचान गए हैं।
DEC 09, 2020 11:30 IST

सरकार का प्रस्ताव यदि कानूनों को वापस लेने पर होगा तो हम विचार करेंगे-हन्नान मोल्लाह

ऑल इंडिया किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि सरकार का कहना है कि वह आज लिखित में प्रस्ताव भेजने वाली है। हमने कहा है कि प्रस्ताव यदि लिखित में होगा तब हम इस पर विचार करेंगे। सरकार के साथ आज हमारी बैठक 12 बजे होनी थी। यदि सरकार संशोधन के बारे में लिखित में देना चाहती है तो हमारा रुख बिल्कुल साफ है। यदि यह केवल कानूनों को वापस लेने के बारे में है, तभी हम इस पर विचार करेंगे। आज की बैठक रद्द कर दी गई है। प्रस्ताव यदि आज आता है और यह हमें लगता है कि यह सकारात्मक है तो बातचीत कल हो सकती है।  

DEC 09, 2020 10:55 IST

MSP पर किसानों को लिखित में भरोसा दे सकती है सरकार-सूत्र

सूत्रों का कहना है कि किसानों का आंदोलन खत्म कराने के लिए सरकार सरकार कानून में कुछ संशोधन करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। इनमें एक प्रस्ताव किसानों को लिखित में एमएसपी जारी रखने का है। इसके अलावा सरकार एपीएमसी की शुल्क ढांचे पर भरोसा दे सकती है। सरकार यह भी कह सकती है कि कॉरपोरेट के आने पर भी मंडी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा। सरकार किसानों की शिकायतों का निपटारा करने के लिए कोर्ट जाने की व्यवस्था भी दे सकती है। सरकार किसानों के साथ अगले दौर की वार्ता गुरुवार को कर सकती है। 

DEC 09, 2020 10:14 IST

दिल्ली जाने के लिए किसानों को मुफ्त डीजल

शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ता दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एक पेट्रोल पंप पर किसानों को मुफ्त डीजल मुहैया करा रहे हैं। शिअद के कार्यकर्ता गुरशरन सिंह ने कहा कि हम चाहते हैं कि दिल्ली के प्रदर्शन में पंजाब से ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसान शामिल हों। यह सब हम स्थानीय युवकों एवं एनआरआई दोस्तों की मदद से कर रहे हैं।
DEC 09, 2020 10:13 IST

सरकार के प्रस्ताव पर हम चर्चा करेंगे- भाकियू

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार जो हमें प्रस्ताव भेजेगी, हम उस पर बैठक करेंगे। सरकार के साथ छठवें दौर की बातचीत रद्द हो गई है। सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा होगी और उसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। हमें उम्मीद है कि आज शाम चार-पांच बजे तक चीजें साफ हो जाएंगी। 

DEC 09, 2020 09:18 IST

दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसान

किसानों का प्रदर्शन बुधवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। किसान अपनी मांग को लेकर डंटे हुए हैं। उनका कहना है कि सरकार जब तक तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसान दिल्ली हरियाणा बॉर्डर पर सर्दी के बीच अपना प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।
DEC 09, 2020 09:17 IST

अधर में लटकी बातचीत

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कुछ किसान नेताओं के बीच मंगलवार की रात हुई बैठक विफल रहने के बाद सरकार और किसान यूनियनों के बीच बुधवार को प्रस्तावित छठे दौर की वार्ता अधर में लटक गई है। हालांकि, सरकार की ओर से बुधवार की वार्ता के संबंध में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है लेकिन शाह के साथ हुई बैठक के बाद कुछ किसान नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित बैठक में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता। इन नेताओं ने कहा कि सरकार के लिखित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के बाद ही अगले कदम पर निर्णय लिया जाएगा। मंगलवार करीब आधी रात को समाप्त हुई बैठक के बाद अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा, '' शाह जी ने कहा कि सरकार जिन संशोधनों के पक्ष में हैं उन्हें कल लिखित में देगी। हम लिखित संशोधनों को लेकर सभी 40 किसान यूनियनों से चर्चा करने के बाद बैठक में शामिल होने के बारे में फैसला लेंगे।''

DEC 09, 2020 09:17 IST

पूरा देश किसानों के साथ खड़ा है : अमरिंदर सिंह

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को एक बार फिर अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि कृषि कानून किसान विरोधी हैं, जिन्हें हितधारकों के साथ बिना किसी चर्चा के पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत बंद के माध्यम से किसानों द्वारा दिखाई गई एकता ने कानूनों को निरस्त करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि केंद्र इन कानूनों को खत्म करने और सभी हितधारकों के साथ नए सिरे से बातचीत करने के लिए देशभर में आंदोलन कर रहे किसानों की मांगों पर ध्यान क्यों नहीं दे रही है। उन्होंने कहा, "अगर मैं उनकी जगह होता, तो मुझे अपनी गलती स्वीकार करने और कानूनों को रद्द करने में एक मिनट नहीं लगता।"