Farmers Protest: जल्द बातचीत के अमित शाह के प्रस्ताव पर किसानों ने कहा- बिना शर्त वार्ता की पेशकश होनी चाहिए
नए कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा से होते हुए दिल्ली कूच रहे किसानों को अंतत: राजधानी में प्रवेश की अनुमति मिल गई है लेकिन किसान सिंघु बॉर्डर पर ही डटे हैं। हालांकि सैकड़ों किसान उस बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में पहुंच गए हैं जहां उन्हें प्रदर्शन करने की इजाजत मिली है। इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार उनकी हर समस्या पर चर्चा करने को तैयार है।
नई दिल्ली: कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे पंजाब के किसानों को राजधानी में प्रवेश करने की इजाजत तो मिल गई है लेकिन कुछ मांगों को लेकर किसानों ने सिंघु बॉर्डर पर ही डटे रहने का फैसला किया है। किसान नेताओं ने बैठक कर कहीं और जाने का फैसला नहीं किया है। वहीं लगभग 400 किसान उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी स्थित मैदान में एकत्रित हुए हैं, जहां सरकार ने उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी है। ज्यादातर किसान पंजाब और हरियाणा से आए हैं, जबकि कुछ मध्य प्रदेश और राजस्थान के भी हैं। ये किसान ट्रकों और ट्रैक्टरों से यहां पहुंचे। यहां जानिए किसान आंदोलन से जुड़ा हर ताजा अपडेट:
पंजाब के CM ने कहा- किसान मानें गृह मंत्री की बात
पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने कहा, 'पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों से आग्रह किया है कि वे केंद्रीय गृह मंत्री की बात पर गौर करें और एक निर्धारित स्थान पर शिफ्ट होने की उनकी अपील स्वीकार कर लें, इस प्रकार उनके मुद्दों को हल करने के लिए प्रारंभिक वार्ता का मार्ग प्रशस्त होगा।'
अमित शाह के प्रस्ताव पर कल बैठक करेंगे किसान
गृह मंत्री अमित शाह ने किसानों से बुराड़ी मैदान पर शिफ्ट होने की अपील की है। ऐसा करने पर उन्होंने किसानों से 3 दिसंबर से पहले ही बातचीत करने को कहा है। इस पर सिंघू बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा) पर मौजूद भारतीय किसान यूनियन के पंजाब अध्यक्ष, जगजीत सिंह ने कहा है कि अमित शाह जी ने एक शर्त पर जल्दी मिलने की बात की है, यह अच्छा नहीं है। उन्हें बिना किसी शर्त के खुले दिल से बातचीत की पेशकश करनी चाहिए। हम अपनी प्रतिक्रिया तय करने के लिए कल सुबह बैठक करेंगे।'
Amit Shah ji has called for early meeting on a condition, it's not good. He should've offered talks with open heart without condition. We'll hold meeting tomorrow morning to decide our response: Jagjit Singh, Bharatiya Kisan Union's Punjab Pres, at Singhu border (Delhi-Haryana) https://t.co/HEjmQRkjuG pic.twitter.com/QHw3ukFnlE
— ANI (@ANI) November 28, 2020
दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर मौजूद किसान
'दिल्ली चलो' मार्च के समर्थन में पश्चिमी यूपी के किसान गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचे। एक किसान ने कहा कि हम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में गारंटी चाहते हैं। हम अन्य किसान समूहों के साथ चर्चा करने जा रहे हैं और फिर आगे की योजनाओं पर निर्णय लेंगे।'
Farmers arrive at Ghaziabad-Delhi border in support of 'Delhi Chalo' protest march.
— ANI UP (@ANINewsUP) November 28, 2020
"We want guarantee in Minimum Support Price (MSP). We're going to discuss with other farmer groups & then decide on further plans," says a farmer. pic.twitter.com/RxoxSfxIoc
बुराड़ी के मैदान में जुटे सैकड़ों किसान
नारे लगाते हुए, गीत गाते हुए और लाल, हरे और नीले रंग के झंडे लेकर नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे विभिन्न समूहों और राज्यों के लगभग 400 किसान शनिवार को उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी स्थित मैदान में एकत्रित हुए, जहाँ सरकार ने उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी है। लगातार तीन दिनों से दिल्ली के विभिन्न सीमा क्षेत्रों में डटे हजारों किसानों में से कई ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश किया और महानगर के सबसे बड़े मैदानों में से एक निरंकारी मैदान में इकट्ठा हुए।
Delhi: Farmers continue to protest against farm laws at Nirankari Samagam Ground in Burari
— ANI (@ANI) November 28, 2020
"We don't trust them (govt), there have been discussions earlier as well but no solution came out of it. We want the govt to take back the laws," says a farmer pic.twitter.com/tM3PwKzM3x
जिम्मेदारी से व्यवहार करें प्रदर्शनकारी: दिल्ली पुलिस
दिल्ली के बाहरी उत्तर जिला के डीसीपी गौरव शर्मा ने कहा, 'शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति पहले ही दी जा चुकी है। दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को बुराड़ी मैदान में सुविधा देने के लिए पूरी तरह तैयार है। हम प्रदर्शनकारियों से अनुरोध करते हैं कि वे जिम्मेदारी से व्यवहार करें।'
सिंघू पर डटे रहेंगे किसान
भारतीय किसान यूनियन, पंजाब के महासचिव, हरिंदर सिंह ने कहा, 'सिंघू में दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों की बैठक समाप्त हुई, यह तय किया गया है कि हम यहां अपना विरोध जारी रखेंगे और कहीं और नहीं जाएंगे। हम हर दिन सुबह 11 बजे अपनी रणनीति पर चर्चा करेंगे।'
किसानों ने तोड़े बैरिकेड
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दिल्ली की तरफ कूच कर रहे किसानों ने दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर लगे बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ना शुरू कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने जारी एडवाइजरी
दिल्ली यातायात पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, 'सिंघू सीमा अभी भी दोनों ओर से बंद है। कृपया वैकल्पिक मार्ग लें। मुकरबा चौक और जीटीके रोड से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। ट्रैफिक बहुत ज्यादा है। कृपया सिग्नेचर ब्रिज से रोहिणी और इसके विपरीत, GTK रोड, NH 44 और सिंघू बॉर्डर तक बाहरी रिंग रोड से बचें। ट्रैफिक की आवाजाही के लिए टिकरी सीमा बंद है। हरियाणा के लिए उपलब्ध खुली सीमाएँ निम्नलिखित हैं - झारोदा, धांसा, दौराला झटीकरा, बडूसरी, कापसहेरा, राजोखरी एनएच 8, बिजवासन / बजघेरा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा।'
विरोध कर रहे किसानों के लिए अमरीक सुखदेव ढाबा ने खोले अपने दरवाजे
हरियाणा के मुरथल के प्रसिद्ध अमरीक सुखदेव ढाबे ने विरोध प्रदर्शन करने दिल्ली जा रहे किसानों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। वे किसानों को मुफ्त में भोजन करा रहे हैं और इसके लिए उन्हें खासी सराहना मिल रही है। इंडियन नेशनल कांग्रेस की यूथ विंग ने माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित इस ढाबे की एक क्लिप साझा की है। ट्वीट में कहा गया है, 'यह मेरा भारत है! इसे सलाम। दिल्ली हरियाणा बॉर्डर पर मुरथल का अमरीक सुखदेव ढाबा किसानों को मुफ्त में खाना परोस रहा है।'
अन्नदाता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं : राकेश टिकैत
केंद्र सरकार के कृषि कानून के विरोध में और अन्य मांगों को लेकर शनिवार की सुबह मोदीपुरम के टोल प्लाजा से दिल्ली के लिए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में रवाना हुआ किसानों का काफिला दोपहर में करीब एक बजे परतापुर को पार कर गया। इसके मद्देनजर मेरठ यातायात पुलिस ने परतापुर में अन्य वाहनों को रोके रखा, जिससे कुछ समय के लिए वहां पर जाम के हालात बन गए। राकेश टिकैत ने कहा, ‘यह विचारों की लड़ाई है, जब एक-दूसरे के विचार एक से होंगे लड़ाई खुद खत्म हो जाएगी।जब तक किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा, भाकियू कार्यकर्ता व किसान सड़क पर ऐसे ही आंदोलन करते रहेंगे।’
अखिलेश का सरकार पर निशाना
किसान के ऊपर इतना अन्याय, ऐसी लाठी, इस तरीके से आतंकी हमला किसी सरकार के माध्यम से नहीं हुआ होगा जितना BJP की सरकार में हो रहा है। ये वही भाजपा है जिसने कभी किसानों को भरोसा दिलाया था कि सत्ता में आने पर वो सिर्फ कर्ज़ा माफ ही नहीं बल्कि किसानों की आय दोगुनी भी करेगी: सपा प्रमुख, अखिलेश यादव
लंबे समय से फंसे हैं ट्रक चालक
हरियाणा और पंजाब के हजारों किसान दिल्ली चलो यात्रा शुरू कर चुके हैं और वे एनसीआर की सीमाओं तक पहुंच चुके हैं। लेकिन इसने नियमित तौर पर ट्रक से माल ढोने वाले ड्राइवरों को रोक दिया है। राष्ट्रीय राजधानी की टिकरी सीमा 3 कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के कारण बंद है और इसका खामियाजा ट्रक चालकों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से लंबी दूरी की यात्रा के लिए निकले अधिकांश ट्रक सीमाओं पर अटके हुए हैं।
खेती बचाओ संघर्ष में किसानों के साथ खड़े हों छात्र और युवा : राम गोविन्द चौधरी
उत्तर प्रदेश की विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)की सरकार की जमकर आलोचना की और किसानों के आंदोलन में छात्रों और युवाओं से साथ देने की अपील की है। नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने शनिवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि अपनी पीड़ा कहने के लिए दिल्ली आ रहे किसानों के साथ सरकार का पशुवत व्यवहार लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला है और इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है।
किसानों ने प्रदर्शन स्थल जाने से इनकार किया
केंद्र द्वारा लागू कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान शनिवार सुबह सिंघु बॉर्डर पर जमा हुए और बैठक की। इसमें उन्होंने प्रदर्शन के लिए उत्तर दिल्ली में स्थान निर्धारित करने के बावजूद सीमा पर ही विरोध-प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया। टिकरी बॉडर पर मौजूद किसानों का भी प्रदर्शन जारी है। हालांकि, निर्धारित स्थल पर जाने को लेकर उन्होंने जल्द फैसला करने की बात कही।
2 लाख और किसान पहुंचेंगे दिल्ली
आईएएनएस के मुताबिक, केन्द्र सरकार के कृषि बिलों का विरोध कर रहे पंजाब के 31 सबसे बड़े कृषि संगठनों के लोग गाड़ियों से दिल्ली की ओर निकले हैं। गाड़ियों का यह काफिला 40 किलोमीटर लंबा है। खाने-पीने की चीजों से भरे सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रेलर, बस, कार और मोटरसाइकिलों में ये किसान भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) एकता-उग्रहन के हैं और वे जल्द ही राष्ट्रीय राजधानी पहुंच जाएंगे।
किसानों के ट्रैक्टर किए जा रहे हैं सैनिटाइज
दिल्ली के निरंकारी मैदान में पहुंचे किसानों के ट्रैक्टरों को सैनिटाइज किया जा रहा है। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा, 'सरकार किसानों के मुद्दों को हल करने में पूरी तरह नाकामयाब रही है। हम भी अब दिल्ली की तरफ कूच कर रहे हैं।'
निरंकारी मैदान में एकत्र हुए किसान
दिल्लीः कृषि कानूनों के विरोध में बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में इकट्ठा हुए किसान प्रदर्शनकारी। दिल्ली पुलिस ने कल किसानों को ग्राउंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दी थी।वहीं राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने उत्तरी दिल्ली और मध्य दिल्ली के जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे किसानों के आश्रय, पेयजल, मोबाइल टॉयलेट के साथ ही ठंड के महीने और महामारी को देखते हुए उपयुक्त व्यवस्था करें।
पुलिस ने निरंकारी मैदान में लाकर छोड़ा
कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर अपना डेरा बनाया हुआ है। हालांकि पंजाब से दिल्ली आए किसानों को बुराड़ी के निरंकारी मैदान पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई है। लेकिन फिलहाल किसान अभी बॉर्डर पर जमे हुए हैं। जो किसान दिल्ली में घुस गए थे और रामलीला मैदान पहुंचने की कोशिश कर रहे थे उन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर बुराड़ी के निरंकारी मैदान में लाकर छोड़ दिया है।
निरंकारी मैदान में बड़े-बड़े राजनीतिक बैनर लगाए गए
कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर अपना डेरा बनाया हुआ है। हालांकि पंजाब से दिल्ली आए किसानों को बुराड़ी के निरंकारी मैदान पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई है। जहां उनके ठहरने और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में रात भर में किसानों के लिए सुविधा पूरी हुई हो या न हुई हो, लेकिन आम आदमी पार्टी के पोस्टर जरूर लग चुके हैं। सड़को और मैदानों में आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायकों के पोस्टर लग चुके हैं। जिसमें लिखा गया है कि- देश के अन्नदाता किसानों का दिल्ली में हार्दिक स्वागत है।
सिंघू बार्डर पर भारी सुरक्षा तैनात
शुक्रवार को हुई थी झड़प
शुक्रवार दिन में पुलिस ने पंजाब से आ रहे किसानों को अंबाला जिले में प्रवेश करने से रोका था, जिस कारण शंभू सीमा पर दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई थी। रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों ने पुल पर लगाए गए लोहे के अवरोधकों को घग्गर नदी में फेंक दिया। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को भी घग्गर नदी के पुल पर ऐसी ही घटना हुई थी।
निरंकारी मैदान में पहुंचना शुरू
आज आगे के कदमों पर चर्चा करेंगे किसान
भारतीय किसान यूनियन (डकौंदा) के अध्यक्ष बूटा सिंह बर्जगिल ने पीटीआई को बताया कि कई किसान नेता अब भी दिल्ली के रास्ते में हैं। हम कल बैठक करेंगे और आगे के कदमों के बारे में फैसला लेंगे। वहीं क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने बताया कि वे बुराड़ी जाने के पक्ष में हैं क्योंकि उन्होंने ‘दिल्ली चलो’ का आह्वान किया था। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रदर्शन का लक्ष्य दिल्ली पहुंचना और केंद्र सरकार पर इन तीन कृषि कानूनों को लेकर दबाव बनाना है।
दिल्ली सरकार ने किसानों के लिए बुराड़ी में की व्यवस्था
दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों का स्वागत ‘अतिथि’ के तौर पर करते हुए उनके खाने, पीने और आश्रय का बंदोबस्त किया। किसानों के कुछ प्रतिनिधियों ने बुरारी में अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ निरंकारी समागम ग्राउंड का मुआयन किया। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर संबंधित स्थल पर पेयजल की व्यवस्था की है।

