Nivar Cyclone : तमिलनाडु में 'निवार' चक्रवात के टकराने की प्रक्रिया शुरू, चेन्नई समेत कई हिस्सों में बारिश
चक्रवाती तूफान 'निवार' पुडुचेरी के पूर्व-दक्षिण पूर्व में 380 किमी और चेन्नई से 430 किमी दक्षिण-पूर्व में केंद्रित है। इसके कुछ घंटों के दौरान और तेजी से बढ़ने और भीषण रूप लेने की आशंका है। इस तूफान के संभावित खतरे को देखते हुए पुदुचेरी और तमिलनाडु और आंध्र पदेश एनडीआरफ के करीब 1200 जवान तैनात किए गए हैं।
नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान 'निवार' लगातार खतरनाक होता जा रहा है और यह बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। इस बीच तमिलनाडु में तेज बारिश जारी है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में 'अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान' ‘निवार’ के मद्देनजर आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के करीब 1,200 बचावकर्मियों को तैनात किया गया है और 800 अन्य को तैयार रखा गया है। तूफान के खतरे को देखते हुए पहले से ही राहत और बचाव के कार्य किए जा रहे हैं। यहां जानिए निवार साइक्लोन से जुड़ा हर ताजा अपडेट
तूफान से बचने को तट के पास रह रहे बड़ी संख्या में लोगों को राहत कैंप भेजा गया
नेल्लोर और चित्तूर जिलों में बहुत तेज़ आंधी आने की आशंका
तमिलनाडु में चक्रवात के टकराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है,नेल्लोर और चित्तूर जिलों में एक या दो स्थानों पर बहुत तेज़ आंधी आने की आशंका है कहा जा रहा है कि इस दौरान 65 किमी प्रति घंटे या उससे अधिक की गति से हवाएं चल सकती हैं और भारी बारिश के भी आसार हैं। निवार के तमिलनाडु और पुडुचेरी तट से गुजरने पर राहत के लिए भारतीय नौसेना के जहाज, विमान, हेलीकॉप्टर, गोताखोर और आपदा राहत दल तैयार हैं।
करीब 1 लाख लोगों को तमिलनाडु से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान के मुताबिक निवार चक्रवात 26 नंवबर को सुबह 2 बजे के आस-पास टकराएगा, करीब 1 लाख लोगों को तमिलनाडु से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और करीब 1000 लोगों को पुडुचेरी से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। IMD ने कहा कि बहुत ही भयंकर चक्रवाती तूफान निवार अब पुड्डुचेरी से लगभग 85 किमी पूर्व में, कुड्डलोर के दक्षिण-पूर्व में 80 किमी दूर स्थित है। मध्यरात्रि 25 नवंबर की मध्यरात्रि के दौरान कराईकल और ममल्लापुरम के बीच तमिलनाडु और पुडुचेरी में बहुत संभावित क्रॉस हो सकता है।
आपातकालीन निकासी के लिए चेन्नई के पास एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर खड़े हैं
वरिष्ठ अधिकारी डीजीपी, कलेक्टर,एसएसपी जैसे अधिकारी क्षेत्र के दौर पर हैं। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र में स्प्ल सेक रिलीफ और रिहैब से भी जानकारी ली।उन्होंने एनडीआरएफ, कोस्ट गार्ड, नेवी और सशस्त्र बलों की मल्टी डिसिप्लिनरी टीम, एक कर्नल के नेतृत्व में मानवीय सहायता और आपदा राहत के लिए कहा है, राजस्व और पुलिस अधिकारियों के साथ क्षेत्र परिचित के लिए पहुंचे, इसके अलावा किसी भी आपातकालीन निकासी के लिए चेन्नई के पास एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर खड़े हैं।
पुडुचेरी से 7,000 लोगों को निकाला गया है
एसएन प्रधान, महानिदेशक, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ने बताया कि चक्रवात निवार (Cyclone Nivar) को 'बहुत गंभीर' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इस दृष्टिकोण के साथ हम सबसे खराब तैयारी कर रहे हैं। हमारी टीमें पिछले 2 दिनों से मैदान पर हैं। अब तक तमिलनाडु और पुदुचेरी और आंध्र प्रदेश 25 टीमों को तैनात किया गया। तमिलनाडु से लगभग 30,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है और पुडुचेरी से 7,000 लोगों को निकाला गया है। केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। क्षति को कम करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
तटरक्षक पोत की तैनाती
नुकसान की आशंका
चक्रवाती तूफान निवार के अलर्ट की वजह से तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय इलाकों को खाली करा लिया गया है। तमिलनाडु के तिरुवरूर, कांचीपुरम, चेन्नई, तिरुवल्लौर जिलों और उससे सटे आंध्र प्रदेश में नुकसान की आशंका है। छतों के साथ-साथ फूस के घरों/झोपड़ियों को भारी नुकसान होने और धातुरहित की चादरों के उड़ने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने की निगरानी
चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ए. के. पलानीस्वामी ने हालात की समीक्षा करने के लिए चेंबरमबक्कम झील का दौरा किया। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान ‘निवार’ के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के करीब 1,200 बचावकर्मियों को तैनात किया गया है और 800 अन्य को तैयार रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी से बातचीत कर हालात की जानकारी ली और केंद्र से हर संभव मदद का भरोसा दिया।
पुदुचेरी के सीएम ने दी लोगों को घरों में रहने की सलाह
पुदुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा, 'लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। 80 केंद्रों की पहचान की गई है जहां भोजन और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। हम लोगों को भोजन, पीने का पानी उपलब्ध करा रहे हैं, और उनका COVID19 परीक्षण भी किया जाएगा।'
छोड़ा गया अतिरिक्त पानी
चक्रवात के खतरे को देखते हुए तमिलनाडु में बुधवार को अवकाश घोषित किया गया है। इस बीच लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कहा कि चेम्बरमबक्कम झील से एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया क्योंकि इसमें पानी अधिकतम स्तर पर पहुंचने वाला है। उन्होंने कहा कि पानी मध्याह्न 12 बजे से छोड़ा गया।
आर्मी भी आई आगे
चक्रवाती तूफान 'निवार' के संभावित खतरे को देखते हुए अब आर्मी भी आगे आई है। भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने कहा, 'अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए रखने तथा तमिलनाडु और पुदुचेरी में सरकार और नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए सेना तैयार है। साइक्लोन निवार से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। बारह मानवीय सहायता और आपदा राहत दल और दो इंजीनियर कार्य बल तैनाती के लिए तैयार किए गए हैं।'
अगले 12 घंटे में अति विकराल रूप धर सकता है 'निवार'
चक्रवाती तूफान ‘निवार’ अगले 12 घंटे में अति विकराल रूप धर बुधवार आधी रात या बृहस्पतिवार तड़के तमिलनाडु और पुडुचेरी के बीच तट से टकराएगा। बुधवार को आईएमडी द्वारा जारी बुलेटिन में कहा गया, “चक्रवाती तूफान के अगले 12 घंटे में अति विकराल रूप धरने की आशंका प्रबल है। इसके उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने और 25 नवंबर की रात या 26 नवंबर तड़के तमिलनाडु और पुडुचेरी के बीच कराईकल और मामल्लापुरम पर तट से टकराने की आशंका है।
तमिलनाडु सरकार ने किए इंतजाम
तमिलनाडु सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अतुल्य मिश्रा ने कहा, 'राहत शिविरों में, हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि COVID19 प्रोटोकॉल का पालन किया जाए और मास्क, सैनिटाइजर उपलब्ध हों। प्रति व्यक्ति 27 वस्तुओं की एक सूची है जिसे हम तैयार रखे हुए हैं, इसमें महिलाओं के लिए गरिमा किट भी शामिल है।'
तमिलनाडु में भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति
पुदुचेरी के सीएम हालात पर नजर बनाए हुए हैं
पुदुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, 'निचले इलाके से लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। उन्हें भोजन, पानी, हैंड सैनिटाइज़र और मास्क दिया जाएगा। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है और प्रशासन द्वारा लोगों को ये भी सलाह दी गई है कि अनावश्यक घर से बाहर न निकले।'
तमिलनाडु में तेज हवाएंं
तमिलनाडु में चक्रवाती तूफान निवार के प्रभाव से चेन्नई में बारिश और तेज़ हवा चल रही है। तेज़ हवा की वजह से सड़कों पर पेड़ टूटकर गिरे हुए हैं। निवार साइक्लोने आज कराईकल और ममल्लापुरम के बीच तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों पर टकरा सकता है। इस बीच पहले से ही बचाव और राहत के कार्य किए जा चुके हैं।
समुद्र में तेज लहरें
लगातार रखी जा रही है नजर
चक्रवाती तूफान के ऊपर नजदीकी नजर रखी जा रही है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) मुख्यालय, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में स्थित बटालियनों के कमांडेंट, संबंधित राज्य अधिकारियों के साथ समन्वय में हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग पूवार्नुमान और राज्य प्राधिकरणों की आवश्यकताओं को देखते हुए, 22 टीमों (तमिलनाडु में 12 टीमों, पुडुचेरी में तीन टीमों और आंध्र प्रदेश में सात टीमों को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व-तैनात किया गया है।
लोगों को घरों में रहने की सलाह
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को कहा गया है कि बगैर काम के घर से बाहर ना निकले। आज तमिलनाडु और पुडुचेरी के तट से गुजरने वाले इस चक्रवाती तूफान को देखते हुए बड़े पैमाने पर सुरक्षा और राहत के इंतजाम किए गए हैं। तमिलनाडु कांचीपुरम में भारी बारिश की संभावना है। यह तूफान आज शाम तक कराईकल और ममल्लापुरम के बीच से गुजरने वाला है।
समु्द्र में उठ रही हैं तेज लहरें
तूफान में वृद्धि की चेतावनी
तमिलनाडु और पुदुचेरी के उत्तरी तटीय जिलों के निचले इलाकों में भू-स्खलन की संभावना, जबकि इन इलाकों से सटे समुद्र में 1 मीटर की ऊंचे ज्वार आने की संभावना है। इस तूफान की वजह से संचार, विद्युत और पानी की पाइपलाइनों को नुकसान पहुंच सकता है जबकि कच्चे मकान और झोपड़ियों के भी ध्वस्त होने की संभावना है।
तेजी से आगे बढ़ रहा है तूफान
एनडीआरएफ प्रमुख एस एन प्रधान ने कहा कि वे ‘अत्यधिक तीव्रता वाले एवं सबसे भीषण’ चक्रवाती तूफान के लिए तैयार हैं। यह तूफान पश्चिम बंगाल से दक्षिणी तटरेखा की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘हम इस पर करीब से नजर रख रहे हैं और प्रभावित राज्यों से समन्वय स्थापित कर रहे हैं। स्थिति तेजी से बदल रही है और यह 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।’
तमिलनाडु में लगाए गए 4,733 शिविर
निवार के संभावित नुकसान से पहले तमिलनाडु में 4,733 अस्थायी राहत शिविर तैयार किए गए हैं। इन शिविरों में 12.98 लाख लोग रह सकते हैं। अभी 104 शिविर चालू हैं। 4,509 लोगों को शिविरों में भेजा गया है। चेन्नई सहित 8 जिलों के निचले इलाकों से लोगों को निकाला जा रहा है और यह कार्य तब तक जारी रहेगा जब तक कि सभी लोग सुरक्षित शिविरों में नहीं पहुँच जाते।
इन जगहों पर होगा असर
मौसम विभाग के मुताबिक, '24 से 26 नवम्बर, 2020 के दौरान तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराइकल में और 25 से 26 नवम्बर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा एवं 26 से 27 नवम्बर, 2020 को तेलंगाना में व्यापक रूप से वर्षा या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। 25 नवम्बर के दौरान कडलूर, कल्लाकुरूची, पुदुचेरी, विल्लुपुरम, तिरुवन्नमलाई, चेंगलपट्टु, अरियालुर, पेराम्बलुर और कराइकल जिलों में जबकि 25 तथा 26 नवम्बर को दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के (नेल्लोर और चित्तूर) जिलों में एवं 26 नवम्बर, 2020 को तेलंगाना में भारी वर्षा की संभावना है।'

