Cyclone Jawad, Weather: उदार हुआ 'जवाद', कमजोर होकर गहरे दबाव में बदला
Cyclone Jawad Tracker, Weather Forecast Today in Odisha, Andhra Pradesh: बंगाल की खाड़ी में बने तूफान ‘जवाद’ को लेकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा में खास सतर्कता बरती जा रही है। चक्रवाती तूफान से दक्षिण बंगाल के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है। निचले इलाकोंं को लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। NDRF की टीमें उन लोगों को लगातार समझाने-बुझाने की कोशिशों में जुटी हैं, जो खतरे के बावजू अपने घरों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
Cyclone Jawad Tracker, Weather Forecast Today in Odisha, Andhra Pradesh: चक्रवाती तूफान 'जवाद' के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 64 टीम तैनात रखी है। इस चक्रवाती तूफान से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के भी प्रभावित होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। NDRF ने जोखिम वाले इलाकों में जहां 46 टीमों को तैनात किया है, वहीं 18 टीम को रिजर्व में रखा गया है। स्थानीय अधिकारियों के साथ परामर्श और आवश्यकता के अनुसार, उनकी तैनाती की जाएगी। NDRF की एक टीम में 30 कर्मचारी होते हैं, जो 'पोल कटर, इलेक्ट्रिक आरी, नौका और अन्य राहत व बचाव उपकरण से लैस होते हैं।
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दो दशक में ओडिशा ने झेले 10 चक्रवात
ओडिशा के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ओएसडीएमए) के आधिकारिक रिकॉर्ड में कहा गया है कि राज्य ने 22 साल की अवधि में आसन्न ‘जवाद’ सहित 10 चक्रवातों का सामना किया है तथा ऐसी प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति बढ़ रही है।वर्ष 1999 के ‘महाचक्रवात’ की यादें अभी भी ताजा हैं, जिसकी हवाओं की गति का मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर में ठीक से पता नहीं लगाया जा सका, और हवाओं की रफ्तार उस समय उपलब्ध एनीमोमीटर की क्षमता को पार कर गई थी।
दस हजार से अधिक लोगों की जान लेने वाली 1999 की आपदा के बाद, राज्य ने चक्रवात ‘फैलिन’ के रूप में एक और बड़ी आपदा का अनुभव किया था। यह चक्रवात 12 अक्टूबर, 2013 को गंजाम जिले के गोपालपुर के पास तट से टकराया था जो 1999 के बाद से भारत में दूसरा सबसे मजबूत उष्णकटिबंधीय चक्रवात बन गया। यह ओडिशा तट से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टकराया था।रिकॉर्ड में कहा गया है कि नवीन पटनायक सरकार द्वारा एहतियाती उपायों के साथ "शून्य जनहानि" मिशन तय किए जाने के बाद चक्रवाती तूफान में 23 लोग मारे गए थे। ‘फैलिन’ के बाद 2014 में चक्रवात ‘हुदहुद’ आया, जिसने 12 अक्टूबर, 2014 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम शहर में दस्तक दी।
ओडिशा भी ‘हुदहुद’ से प्रभावित था जिसमें दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि आंध्र प्रदेश में इससे 60 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।इसके बाद, 2018 में चक्रवात ‘तितली’ ने अधिकारियों को हैरान कर दिया था, क्योंकि मौसम प्रणाली ने अप्रत्याशित रूप से अपना मार्ग बदल लिया था और यह गजपति जिले में प्रवेश कर गया था, जहां आपदा से निपटने के लिए कोई बड़ी तैयारी नहीं की गई थी। तब ओडिशा में भारी बारिश और चक्रवात के साथ हुए भूस्खलन के कारण 70 लोग मारे गए थे।इसके बाद के उसी वर्ष में, दो चक्रवात - ‘फणि’ और ‘बुलबुल’ देश के पूर्वी तट से टकराए, जिससे ओडिशा और पश्चिम बंगाल में व्यापक क्षति हुई। ‘फणि’ तट से टकराने से एक दिन पहले अपनी चरम तीव्रता पर पहुंच गया था और 209-251 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार वाली हवाओं के साथ यह उच्च श्रेणी-4 के प्रमुख तूफान के रूप में चिह्नित किया गया था।
तूफान 'जवाद' कमजोर होकर गहरे दबाव में बदला-IMD
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि चक्रवाती तूफान 'जवाद' शनिवार को कमजोर होकर एक गहरे दबाव में बदल गया तथा रविवार को पुरी पहुंचने तक इसके और कमजोर पड़ने की संभावना है। यह आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए राहत की बात है।मौसम कार्यालय ने एक बयान में कहा कि चक्रवाती तूफान कमजोर होकर एक गहरे दबाव में बदल गया है और यह शाम 5:30 बजे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर, विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश से लगभग 180 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व में और पुरी, ओडिशा से 330 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित था।
इसने कहा, ‘‘इसके उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने तथा कल सुबह तक इसके और कमजोर होकर दबाव में बदलने की संभावना है। इसके कल दोपहर के आसपास पुरी के निकट पहुंचने की संभावना है। इसके बाद, इसके उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर ओडिशा के तट के साथ पश्चिम बंगाल के तट की ओर बढ़ने तथा अगले 24 घंटों के दौरान इसके और कमजोर होकर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है।’’
जवाद का असर, आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश
चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ के कारण शनिवार को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में भारी बारिश के बीच प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए 60 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। आंध्र प्रदेश सरकार ने यह जानकारी दी।जवाद के कमजोर पड़ने और इसके ओडिशा तट की ओर बढ़ने के बाद आंध्र प्रदेश के उत्तर तटीय जिलों में लोगों ने राहत की सांस ली।राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विजयनगरम और विशाखापत्तनम में भारी बारिश नहीं हुई। हालांकि, श्रीकाकुलम जिले में 11 सेंटीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं, वज्रपुकोथरू मंडल में तेज हवा के कारण नारियल का पेड़ उखड़ गया जिसकी चपेट में आकर 16 वर्षीय गोरकला इंदु की मौके पर ही मौत हो गई।
आंध्र प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्री एस ए राजू ने अस्पताल जाकर मृतका के परिजन से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।श्रीकाकुलम जिला प्रशासन ने 60 राहत शिविर बनाए हैं जहां जोखिम संभावित क्षेत्रों के सैकड़ों लोग ठहरे हुए हैं। राजू ने राहत शिविरों का भी दौरा किया। जिलाधिकारी एल श्रीकेश बालाजी ने भी राहत शिविरों का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।इस बीच, दक्षिण मध्य रेलवे ने चक्रवाती तूफान के मद्देनजर शनिवार और रविवार के लिए 60 से अधिक ट्रेन निरस्त कर दी हैं।
ओडिशा में अगले 6 घंटों में जवाद के कमजोर पड़ने के आसार
ओडिशा में कुछ लोग #JawadCyclone के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा पुरी में स्थापित एक आश्रय गृह में शरण लेते हैं।आईएमडी के नवीनतम अपडेट के अनुसार, अगले 6 घंटों के दौरान चक्रवाती तूफान धीरे-धीरे कमजोर होगा, और डीप डिप्रेशन के रूप में 5 दिसंबर की दोपहर के आसपास पुरी के पास पहुंच जाएगा।
चक्रवात 'जवाद' की तीव्रता में आई कमी फिर भी तैयारी पूरी
अतुल करवाल डीजी, एनडीआरएफ ने कहा कि चक्रवात जवाद से निपटने की तैयारी पूरी है। पश्चिम बंगाल, आंध्र और ओडिशा के प्रभावित क्षेत्रों में कुल 64 टीमें उपलब्ध हैं, जिनमें से 52 को तैनात किया गया है। आईएमडी के अनुसार,चक्रवात की तीव्रता और हवा की गति कम हो गई है और विशाखापत्तनम से लगभग 200 किमी दूर है।
बंगाल सरकार ने तटीय इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
चक्रवात ‘जवाद’ के ओडिशा-आंध्र प्रदेश तटों की ओर बढ़ने के बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने शनिवार को दक्षिण 24 परगना और पूर्ब मेदिनीपुर जिलों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया तथा पर्यटकों से समुद्री तटों से दूर रहने का आग्रह किया।मौसम कार्यालय ने कहा कि महानगर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्ब और पश्चिमी मेदिनीपुर, झारग्राम, हावड़ा और हुगली जिलों में कई स्थानों पर सुबह से ही हल्की बारिश हो रही है।भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक एक बुलेटिन में कहा, ‘‘जवाद पिछले छह घंटों में धीरे-धीरे चार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर दिशा की तरफ बढ़ा है और यह सुबह पांच बजकर 30 मिनट पर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के 230 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, ओडिशा के गोपालपुर के 340 किलोमीटर दक्षिण में, पुरी (ओडिशा) के 410 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व में तथा पारादीप (ओडिशा) के 490 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में केंद्रित था।’’इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि दक्षिण 24 परगना और पूर्ब मेदिनीपुर जिलों में प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों से लगभग 11,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जबकि मछुआरे अपनी नौकाओं के साथ काकद्वीप, दीघा, शंकरपुर और अन्य तटीय क्षेत्रों में वापस आ गए हैं।
चक्रवात जवाद पड़ा कमजोर
चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ शनिवार मध्याह्न तक ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट पहुंचने से पहले गहरे दबाव में तब्दील होकर कमजोर पड़ सकता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पिछले एक साल में ‘गुलाब’ और ‘यास’ की मार झेल चुके इन पूर्वी तटीय राज्यों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है।भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से कहा गया, “इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने और अगले 12 घंटे में उत्तर की ओर बढ़ने की उम्मीद है और इसके बाद यह उत्तर की तरफ ओडिशा के तट की तरफ गहरे दबाव के क्षेत्र के रूप में पुरी के पास जा सकता है।
‘जवाद’ के और कमजोर होने और उत्तर-पूर्वोत्तर की तरफ ओडिशा से पश्चिम बंगाल के तट की ओर बढ़ने के आसार हैं। भुवनेश्वर के मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी यू एस दास ने कहा, “यह समुद्र में कमजोर पड़ने के बाद गहरे दबाव के रूप में पुरी के तट से टकरा सकता है।”विशेष राहत आयुक्त पी के जेना ने शुक्रवार को बताया था कि चक्रवात बंगाल की खाड़ी से जाने से पहले पुरी जिले के आसपास टकरा सकता है। उन्होंने शनिवार को ट्वीट किया, “एक छोटी सी अच्छी खबर है। चक्रवात के पुरी तट पर पहुंचने तक वह कमजोर पड़ सकता है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन में यह जानकारी सामने आई है।”
'जवाद' चक्रवात के कमजोर पड़ने के आसार
भारत मौसम विज्ञान विभाग के बुलेटिन के अनुसार, 'जवाद' के और कमजोर होने और उत्तर-पूर्वोत्तर की तरफ ओडिशा से पश्चिम बंगाल के तट की ओर बढ़ने के आसार हैं। भुवनेश्वर के मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी यू एस दास ने कहा, 'यह समुद्र में कमजोर पड़ने के बाद गहरे दबाव के रूप में पुरी के तट से टकरा सकता है।' इससे पहले विशेष राहत आयुक्त पी के जेना ने शुक्रवार को बताया था कि चक्रवात बंगाल की खाड़ी से जाने से पहले पुरी जिले के आसपास टकरा सकता है। उन्होंने शनिवार को ट्वीट किया, 'एक छोटी सी अच्छी खबर है। चक्रवात के पुरी तट पर पहुंचने तक वह कमजोर पड़ सकता है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन में यह जानकारी सामने आई है।'
मछुआरों को समुद्र में नहीं उतरने की सलाह
चक्रवात जवाद के मद्देनजर ओडिशा में मछुआरों को समुद्र में नहीं उतरने की सलाह दी गई है। चक्रवाती तूफान के कारण यहां तेज बारिश व तूफान के आसार हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है।
संवेदनशील इलाकों से बाहर निकाले जा रहे लोग
पुरी के जिला मजिस्ट्रेट समर्थ वर्मा ने बताया कि संवेदनशील इलाकों से लोगों को बाहर निकालने का काम जारी है। चक्रवात के बाद बिजली, पेयजल की आपूर्ति जैसी समस्याओं के समाधान के लिए भी टीमों को तैनात रखा गया है। जो लोग शेल्टर में रह रहे हैं, उन्हें भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
'लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता'
पुरी के एस पी कंवर विशाल सिंह ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुरी के समुद्री तट पर मौजूद लोगों से इलाके को खाली करने के लिए कहा गया है। पुरी में शेल्टर होम बना गए हैं और सभी लोगों से सरकारी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
पुरी पहुंचते-पहुंचते धीमी हो सकती है जवाद की रफ्तार
चक्रवात जवाद के ओडिशा के पुरी में समुद्री तट से 5 दिसंबर को दोपहर टकराने का अनुमान है। इस वक्त यह बंगाल की खाड़ी में है और अपेक्षाकृत धीमी गति से चार किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, पुरी के तट तक पहुंचते-पहुंचते इसके और अधिक धीमा पड़ने का अनुमान है।
पारादीप से 490 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित जवाद
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान जवाद बंगाल की पश्चिम-मध्य खाड़ी में विशाखापत्तनम से लगभग 230 किमी दक्षिण पूर्व, गोपालपुर से 340 किमी दक्षिण, पुरी से 410 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और पारादीप से 490 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित है।
आंध्र प्रदेश में 54 हजार लोगों को बाहर निकाला गया
आंध्र प्रदेश में चक्रवात जवाद के मद्देनजर NDRF की 11, SDRF की 5 टीमों को 3 जिलों में तैनात किया गया है। साथ ही तटरक्षक बल की 6 और समुद्री पुलिस की 10 टीमों को भी तैनात किया गया है। विशाखापत्तनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम के निचले इलाकों से अब तक लगभग 54,000 लोगों को बाहर निकाला गया है और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
ओडिशा में आज बंद रहेंगे स्कूल
चक्रवात 'जवाद' को देखते हुए ओडिशा के 19 जिलों में सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्कूल एंड मास एजुकेशन डिपार्टमेंट से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को आज बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ODRAF, NDRF और राज्य फायर सर्विस की 247 टीमें तैनात
ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप कुमार जेना ने बताया कि ODRAF, NDRF और राज्य फायर सर्विस की 247 टीमें तैनात कीगई हैं। हमने अपने पास लगभग 20 टीमें रिजर्व रखी हैं। ज्यातार जिलों में लोग घरों से बाहर आने के लिए तैयार नहीं हैं। संभावना है कि प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को बाहर निकालने काम आज शुरू हो जाएगा।
पांच दिसंबर को पुरी में दस्तक दे सकता है जवाद
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हवा का गहरा अवदाब एक चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ में तब्दील हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि चक्रवात के शनिवार को सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट के पास पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी पहुंचने की संभावना है। इसके बाद यह ओडिशा और निकटवर्ती आंध्र प्रदेश के तट के पास उत्तर-पूर्वोत्तर की ओर बढ़ेगा और पांच दिसंबर को दोपहर तक पुरी के आसपास के तट पर पहुंचेगा।चक्रवात का नाम 'जवाद' सऊदी अरब ने प्रस्तावित किया है।
आईएमडी के महानिदेशक ने बताया कि 30 नवंबर को अंडमान सागर के ऊपर हवा का कम दबाव का एक क्षेत्र बना था। यह दो दिसंबर को अवदाब में और शुक्रवार सुबह एक गहरे अवदाब में बदल गया। आईएमडी ने बताया कि यह शुक्रवार को दोपहर तक चक्रवात में तब्दील हो गया।उन्होंने बताया कि चक्रवात से उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और इससे लगे दक्षिणी तटीय ओडिशा में शुक्रवार की शाम तक बहुत भारी वर्षा शुरू होने की संभावना है तथा शनिवार को बारिश की तीव्रता बढ़ने के आसार हैं।
निचले इलाके में रहने वाले लोगों से सुरक्षित ठिकाने पर जाने की अपील
बंगाल की खाड़ी में आकार ले रहे चक्रवात जवाद के मद्देनजर ओडिशा सरकार ने तटीय जिलों के जिला प्रशासन से कच्चे घरों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को निकालने के लिए कहा है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी. के. जेना ने यहां मीडियाकर्मियों को बताया, "हमने जिला प्रशासन से कटक जिले के गंजम, खुर्दा (चिल्का क्षेत्र), पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और नियाली क्षेत्र के कच्चे घरों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को निकालने के लिए कहा है।"
जेना ने कहा कि स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों और निर्वाचित प्रतिनिधियों की मदद से बीडीओ, तहसीलदार और पुलिस अधिकारी निकासी प्रक्रिया में लगे रहेंगे।निकासी की प्रक्रिया शुक्रवार की दोपहर से ही शुरू कर दी गई है और यह शनिवार दोपहर तक समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को आसपास के इलाकों में चक्रवात केंद्रों सहित सुरक्षित भवन में पहुंचाया जाएगा।
पुरी जिले में दस्तक दे सकता है चक्रवात जवाद
चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ के बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने से पहले पुरी जिले में और शनिवार सुबह तक ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट पर दस्तक देने की संभावना है।विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पीके जीना ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों को बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा चक्रवात के अनुमानित प्रक्षेपवक्र के अनुसार तूफान पुरी तट पर दस्तक दे सकता है और समुद्र में लौट सकता है।एसआरसी ने बताया कि तूफान के दस्तक देने के दौरान हवा की गति 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रहेगी। ओडिशा तट पर दस्तक देने के बाद तूफान की गति धीरे-धीरे कम हो सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘चक्रवाती तूफान का प्रक्षेपवक्र बदलने की भी संभावना है जिससे हो सकता है कि वह ओडिशा में दस्तक न दे। यह तटरेखा से गुजर सकता है और पुरी में इसका हल्का असर पड़ सकता है।’’जीना ने कहा कि राज्य सरकार सभी तटीय जिलों में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां कर रही है जिसमें मुख्य ध्यान गंजम, पुरी और जगतसिंहपुर पर रहेगा।
चक्रवात जवाद से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 64 टीमें सक्रिय
चक्रवात ‘जवाद’ से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने 64 दलों को काम में लगाया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।चक्रवात ‘जवाद’ से ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के प्रभावित होने की संभावना है।एनडीआरएफ के महानिदेशक (डीजी) अतुल करवाल ने पत्रकारों को बताया कि संवेदनशील इलाकों में 46 दल तैनात किए गए हैं, जबकि 18 दलों को तैयार रखा गया है।
एनडीआरएफ की एक टीम में लगभग 30 कर्मी होते हैं।
करवाल ने कहा, ‘‘ हमें स्थिति से निपटने का भरोसा है।’’ उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने प्रभावित राज्यों तथा नागरिकों की मदद के लिए सभी तैयारियां की हैं।एनडीआरएफ प्रमुख ने बताया राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने पहले ही स्थिति की समीक्षा की है। चक्रवात के पांच दिसंबर को ओडिशा पहुंचने तक स्थिति पर नजर रखी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनसीएमसी के अध्यक्ष हैं।
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव जवाद में तब्दील
बंगाल की खाड़ी में हवा के निम्न दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ में तब्दील हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।आईएमडी ने बताया कि चक्रवात के शनिवार सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट के पास पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी पहुंचने की संभावना है। इसके बाद यह ओडिशा और निकटवर्ती आंध्र प्रदेश के तट के पास उत्तर-पूर्वोत्तर की ओर बढ़ेगा और पांच दिसंबर को दोपहर तक पुरी के आसपास के तट पर पहुंचेगा। उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी तटीय ओडिशा में शुक्रवार शाम तक बहुत भारी वर्षा शुरू होने की संभावना है तथा शनिवार को बारिश की तीव्रता बढ़ने के आसार हैं।
पूर्वी तटीय रेलवे ने 95 ट्रेनों का परिचालन किया रद्द
पूर्वी तटीय रेलवे ने ओडिशा तट पर चक्रवाती तूफान के आने की आशंका के मद्देनजर बृहस्पतिवार से तीन दिनों के लिए 95 ट्रेनों का परिचालन रद्द किया है। पूर्वी तट रेलवे ने एक बयान में बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर विभिन्न इलाकों से चलने वाली और इस क्षेत्र से गुजरने वाली 95 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन दो-चार दिसंबर के बीच रद्द कर दिया गया है।
शिपिंग जहाजों को सुरक्षित करने के हुए उपाय
पोत, शिपिंग एवं जलमार्ग मंत्रालय ने सभी शिपिंग जहाजों को सुरक्षित करने के उपाय किए हैं और आपातकालीन जहाजों को तैनात किया है। राज्यों को तट के पास रासायनिक तथा पेट्रोकेमिकल इकाइयों जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सतर्क करने के लिए भी कहा गया है। पीएमओ ने कहा कि एनडीआरएफ संवेदनशील स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य एजेंसियों को उनकी तैयारियों में सहायता कर रहा है और चक्रवात की स्थिति से निपटने के लिए लगातार सामुदायिक जागरूकता अभियान भी चला रहा है।
दूरसंचार टावरों पर संचार मंत्रालय की नजर
संचार मंत्रालय सभी दूरसंचार टावरों और एक्सचेंजों पर लगातार नजर रख रहा है और दूरसंचार नेटवर्क को बहाल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रभावित क्षेत्रों में कोविड से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों और प्रत्युत्तर के लिए राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभावित होने की संभावना के लिए एक चेतावनी जारी की है।
33 टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एसडीआरएफ की पहली किस्त अग्रिम तौर पर जारी कर दी है। एनडीआरएफ ने 29 टीमों को पहले से तैनात किया है, जो राज्यों में नावों, पेड़ काटने की मशीन, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस हैं और 33 टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। पीएमओ ने कहा कि एहतियात के तहत भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज और बचाव कार्यों के लिए जहाज तथा हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं जबकि वायु सेना तथा थल सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां, नावों और बचाव उपकरणों के साथ तैनाती के लिए तैयार हैं।
मध्य-रात्रि के बाद 32 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ा तूफान
बुलेटिन में कहा गया कि दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर का दबाव मध्य-रात्रि के बाद 32 किमी प्रति घंटे की गति के साथ उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया, एक गहरे अवसाद में तेज हो गया और शुक्रवार को सुबह 5.30 बजे पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण बंगाल की खाड़ी में लगभग 580 किलोमीटर दक्षिण में केंद्रित हो गया। यह विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) के दक्षिण-पूर्व में, गोपालपुर (ओडिशा) से 670 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व और पारादीप (ओडिशा) से 760 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में बदल गया।
Cyclone Jawad Live: पूर्वी मिदनापुर में भारी बारिश हो सकती है
मौसम विभाग ने कहा है कि इसके शनिवार को पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तरी आंध्र प्रदेश तट-दक्षिण ओडिशा तट शनिवार सुबह पहुंचने की संभावना है। इसके प्रभाव से शनिवार को पूर्वी मिदनापुर में एक या दो जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने, जबकि पश्चिमी मिदनापुर,झारग्राम और हावड़ा में भारी बारिश होने की संभावना है।
Cyclone Jawad Live: तीन राज्यों के तटीय इलाकों भारी वर्षा होने को अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र में चक्रवात जवाद के जोर पकड़ने की उम्मीद है और चार दिसंबर की सुबह हवा की गति अधिकतम 100 किमी प्रति घंटा के साथ इसके आंध्र प्रदेश-ओडिशा के उत्तर तट तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विभाग का ताजा अपडेट
पीएम ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ बैठक की
प्रधानमंत्री ने दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करने और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के साथ ही चौबीसों घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया। बैठक में प्रधानमंत्री के प्रमुख सलाहकार पी के मिश्रा, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशक और भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक सहित कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

