Bihar Political Crisis News Updates: 22 साल में 8वीं बार बिहार CM बने नीतीश कुमार, बोले- जो 2014 में आए, क्या वो 2024 तक रह पाएंगे?
Bihar Political Crisis 2022 Hindi News, Nitish Kumar Bihar Politics News : राजधानी पटना के राज भवन में राज्यपाल फागू चौहान ने इस दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव को बिहार के उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। वह दूसरी बार सूबे के डिप्टी बने।
Bihar Political Crisis 2022 Hindi News : एनडीए से निकलने के एक रोज़ बाद बुधवार (10 अगस्त, 2022) को जेडी(यू) के नीतीश कुमार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री बन गए। राजधानी पटना स्थित राजभवन में उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली। वह पहली बार साल 2000 में मुख्यमंत्री बने थे। विधायकों की संख्या बहुमत से कम होने के बावजूद उन्होंने तीन मार्च, 2000 को पहली बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और सात दिनों तक मुख्यमंत्री बने रहे। चूंकि, न तो राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और न ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधानसभा में आधे रास्ते को पार कर सका, इसलिए नीतीश ने 10 मार्च, 2000 को विधानसभा में विश्वास मत होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। 2005 में नीतीश कुमार ने दूसरी बार बिहार के सीएम के रूप में शपथ ली, जब उनकी पार्टी ने 88 सीटें जीतीं और उसकी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 55 सीटें जीतीं। झारखंड के गठन के कारण 243 सदस्यीय सदन में सरकार 122 के बहुमत के निशान के माध्यम से रवाना हुई। उन्होंने अपना पांच साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया।
2010 में उन्होंने फिर से सीएम के रूप में शपथ ली, लेकिन 2013 में उन्होंने भाजपा को छोड़ दिया और चुनाव हारने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया और जीतन राम मांझी को सीएम नियुक्त किया। हालांकि, उन्होंने 2015 में सीएम के रूप में वापसी की और कहा कि इस्तीफा देना एक गलती थी। 2015 में उन्होंने राजद के साथ गठबंधन किया और चुनावों में जीत हासिल की, लेकिन 2017 में उन्होंने राजद को छोड़कर भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई। भाजपा के साथ गठबंधन 2020 में विधानसभा चुनाव तक जारी रहा और उन्होंने सातवीं बार सीएम के रूप में शपथ ली। आज उन्होंने आठवीं बार इस पद की शपथ ली।
जो 2014 में आए, क्या वो 2024 तक रह पाएंगे?- नीतीश का निशाना
पांच बार बनाया CM, 17 साल रखा संबंध, फिर भी एक झटके में तोड़ गए नीतीश संबंध- सुशील मोदी
भाजपा के राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने पटना में बुधवार को शपथ ग्रहण से ऐन पहले कहा- भाजपा ने आज तक किसी को धोखा नहीं दिया है। हमने नीतीश को एक बार नहीं पांच बार बिहार का मुख्यमंत्री बनाया। 17 साल का हमारा संबंध था, लेकिन आपने दोनों बार एक झटके में तोड़ दिया। कहा जा रहा है कि JDU को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। शिवसेना का उदाहरण दिया जा रहा है। शिवसेना हमारा सहयोगी दल थोड़ी था, वो वहां सत्ताधारी दल था। हमने सहयोगी दल रहते हुए किसी पार्टी को नहीं तोड़ा। आपको हम तोड़ भी देते तो सरकार कैसे बनती। राजद नेता तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री आवास पहुंचे हैं। वह दोपहर दो बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में डिप्टी सीएम पद की शपथ ले सकते हैं। इस बीच, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार में मंगलवार को जो हुआ, उस पर रहा है कि इस सियासी घटनाक्रम को राष्ट्रीय राजनीति से जोड़ना गलत है। राज्यों की घटनाएं, सूबों तक ही सीमित हैं। सरकार बदलने की वजह से राष्ट्रीय प्रभाव नहीं पड़ेगा।
तेजस्वी पहुंचे राज भवन
तेजस्वी ही होंगे बिहार के डिप्टी सीएम?
सूत्रों के मुताबिक, जद (यू) के नेतृत्व वाली नई सरकार का आकार पिछली सरकार जैसा ही रहने की संभावना है। तेजस्वी यादव को फिर से उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, और उन्हें सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विभाग मिल सकते हैं। राजद भी गृह मंत्रालय पाना चाह रहा है और उम्मीद है कि विधानसभा अध्यक्ष का पद उसी को मिल सकता है। इस बीच, संभावना है कि पार्टी के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी को वित्त विभाग मिलेगा और सुनील कुमार सिंह सहकारिता मंत्री हो सकते हैं।
महाराष्ट्र के उद्धव बनने से डरे नीतीश ने बदला पाला!
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर 'पलटीमार' कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को छोड़कर महागठनबंधन के साथ सियासी सफर में आगे बढ़ गए। जदयू जिस तरह पार्टी तोड़ने का आरोप भाजपा पर मढ़ रही है, उससे यह साफ है कि नीतीश कुमार को महाराष्ट्र की कहानी बिहार में दुहराने का डर सताने लगा था। वैसे, नीतीश के लिए अपनी सुविधा से पाला बदलना कोई नई बात नहीं है। इसके पहले भी वे भाजपा का साथ छोड़ते रहे हैं, लेकिन तब से अब की परिस्थितियां बदली हुई हैं। वैसे, कहा जा रहा है आर.सी.पी. सिंह के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद से ही जदयू की नाराजगी बाहर आने लगी थी। ऐसे में महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के सत्ता गंवाने के बाद सचेत जदयू कोई चांस भाजपा को नही देना चाह रही थी। भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल बार बार कहते रहे हैं कि जदयू से करीब दोगुनी सीट होने के बाद भी भाजपा ने अपने किए वादे के मुताबिक नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया। जदयू के एक नेता कहते हैं कि भाजपा ने महाराष्ट्र में पहले क्या किया सबने देखा और बिहार में इसकी तैयारी थी। भाजपा ने शिवसेना के एकनाथ शिंदे को सीएम तो बनाया लेकिन शिवसेना को तोड़ दिया। भाजपा नीतीश को सीएम बनाकर जदयू को तोड़ रही थी। कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार को यह बात समझ आ गई कि बिहार में महाराष्ट्र दोहराया जा रहा है।
नीतीश के 'विश्वासघात' पर भाजपा के नेता बैठे धरने पर
बिहार में नीतीश कुमार के पाला बदलने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब आक्रामक तेवर में है। भाजपा के नेता नीतीश के पाला बदलने को विश्वासघात बताते हुए पटना में प्रदेश कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए हैं। भाजपा ने नीतीश के महागठबंधन के साथ जाने को जनादेश का अपमान बताते हुए बुधवार को एक दिवसीय महाधरना का आयोजन किया है। इस महाधरना में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता भाग ले रहे हैं। धरना पर बैठे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि विधानसभा चुनाव में बिहार की जनता ने एनडीए को जनादेश दिया था, लेकिन जनादेश का अपमान कर नीतीश अब उन्हीं के साथ हो लिए जिनके खिलाफ वे राजनीति में अपनी पहचान बनाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में कोई दिक्कत थी तो हम नीतीश कुमार के पास ही जाएंगे न कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास जायेंगे। जहरीली शराब से हो रही मौत पर हम सवाल करते थे और कह रहे थे इसे कंट्रोल करिए, लेकिन उन्हें बुरा लगता था। धरने पर बैठे पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भाजपा ने ही नीतीश कुमार को आगे बढ़ाया और अब वे हम पर ही पार्टी तोड़ने का आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि इस विश्वासघात को लेकर हमलोग राज्यभर में जाएंगे। उन्होंने कहा नीतीश कुमार के इस कदम से राज्य की जनता आक्रोशित है और इसका जवाब देगी।
"RCP को बिन पूछे मंत्री बनाना सफेद झूठ"
भाजपा के राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने पटना में कहा कि सफेद झूठ कि आर.सी.पी. सिंह को बिना पूछे केंद्र में मंत्री बना दिया गया। अगर बिना पूछे मंत्री बना दिया गया तो 1.5 साल तक वे मंत्री कैसे बने रहे, आप(नीतीश) इतने ताकतवर थे कि एक दिन में उनको हटवा सकते थे।
अब तक सात बार सीएम की गद्दी संभाल चुके हैं 'सुशासन कुमार'
2010 में राजग ने पांच साल बाद विधानसभा चुनाव में उनके नेतृत्व में शानदार जीत हासिल की और कुमार तीसरी बार मुख्यमंत्री बने। हालांकि, कुमार ने 2014 में लोकसभा चुनाव में जदयू की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था, लेकिन एक साल से भी कम समय में उन्होंने वापसी की और उन्होंने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 2015 में कुमार राजद और कांग्रेस के साथ महागठबंधन बनाकर विधानसभा चुनाव में आरामदायक बहुमत हासिल कर मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने जुलाई 2017 में राजद के साथ असंगत मतभेदों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, 24 घंटे से भी कम समय में फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर उन्होंने भाजपा के साथ एक नई सरकार बनाई। कुमार ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद नवंबर में सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
पहली बार सीएम कब बने थे नीतीश कुमार?
जदयू और राजद के अलावा नए मंत्रिमंडल में कांग्रेस के नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है। वामपंथी दलों भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने बाहर से नई सरकार का समर्थन करने का इरादा व्यक्त किया है। कुमार के मंगलवार को इस्तीफा देने और महागठबंधन के समर्थन से नई सरकार बनाने का दावा पेश करने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता से बेदखल हो गई। कुमार ने पहली बार 2000 में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जब उन्होंने केवल एक सप्ताह तक चलने वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार का नेतृत्व किया था। राजग गठबंधन के 2005 में विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करने के बाद उन्होंने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद संभाला।
कम से कम अब राज्य में राजनीतिक स्थिरता लौटे- PK
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पटना में कहा- बिहार में जो कल हुआ या जो हो रहा है। मैं उसे 2012-13 से बिहार में जो राजनीतिक अस्थिरता को दौर शुरू हुआ है उस परिपेक्ष्य में देखता है। 10 साल में ये छठी बार सरकार बनाई जा रही है। मेरी आशा है कि कम से कम अब राज्य में राजनीतिक स्थिरता लौटे।
2024 में भाजपा जीतेगी- ब्रजेश पाठक
बिहार राजनीतिक संकट पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में बुधवार को पत्रकारों से कहा- भाजपा ने बिहार के लोगों को सुचिता पूर्ण शासन दिया है, क़ानून का राज स्थापित किया है। भाजपा आज भी बिहार के लोगों के भावनाओं के अनुरूप काम करती रहेगी। 2024 में भाजपा जीतेगी।
लालू ने सबसे पहले नीतीश को बताया था "पलटू राम"
सियासत के सूरमा नीतीश को उनके यू-टर्न लेने वाली रणनीति को लेकर 'पलटू राम' (वादा कर पलट जाने वाले या धोखा देने वाले) भी कहा जाता है। सबसे पहले उनके लिए इस शब्द का इस्तेमाल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद ने किया था। बाद में उनके बेटे तेजस्वी यादव ने भी उनके लिए इस शब्द का इस्तेमाल किया था, जो कि महागठबंधन की सरकार में उनके साथ होंगे।
भारतीय राजनीति में बदलाव का संकेत- विपक्ष
विपक्षी दलों ने बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि यह भाजपा की ‘धमकी की राजनीति’ की परिणति है और भारतीय राजनीति में बदलाव का संकेत है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘मार्च 2020 में, मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार को गिराने के लिए मोदी सरकार ने कोविड-19 लॉकडाउन को आगे बढ़ा दिया था। अब संसद सत्र निर्धारित समय से छोटा करना पड़ा, क्योंकि बिहार में उनकी गठबंधन सरकार जा रही है। उत्थान के बाद पतन तय होता है।’’ कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा का ओवर कॉन्फ़िडेन्स ही भाजपा का अभिशाप। अपने साथी दलों के प्रति उदासीनता भाजपा के पतन का कारण बनेगी। नीतीश कुमार के साथ बिहार निकल जाना राजनीतिक रूप से विपक्ष की एकता के लिए सौग़ात और भाजपा के लिए आत्मघाती सिद्ध होगा।’’ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा ने कहा, ‘‘भाजपा के अधिनायकवाद ने सहयोग के लिए गुंजाइश नहीं छोड़ी है। अकाली दल, शिवसेना के बाद जद(यू) इसकी ताजा मिसाल है। भाजपा और अन्नाद्रमुक के रिश्तों भी दरार है।’’
RJD, INC कोटे से कितने होंगे मंत्री?
बिहार में आज नीतीश कुमार का शपथ ग्रहण (सीएम) समारोह है। उनके साथ सिर्फ तेज प्रताप पद और गोपनीयता की शपथ (डिप्टी सीएम) लेंगे। सूत्रों ने टाइम्स नाउ नवभारत को बताया कि राजद से 16 तो कांग्रेस से तीन को मंत्री बनाया जा सकता है, जबकि जद(यू) के खराब परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों का टिकट काटा जा सकता है।
भाई की शपथ से पहले तेज ने दिखाया जीत का 'V'
कौन-कौन बन सकता है मंत्री?
तेज प्रताप यादव
ललित यादव
श्याम रजक
सुनील सिंह
नीतीश ‘‘आदतन धोखेबाज'' हैं, हमलोग संघर्ष करेंगे : भाजपा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने पुराने सहयोगी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ‘‘आदतन धोखेबाज’’ होने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ उनका नया गठबंधन बिहार को एक बार फिर अराजकता और भ्रष्टाचार की खाई में धकेल देगा। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के बाद जारी एक बयान में पार्टी ने घोषणा की कि वह बुधवार को सभी जिलों में जनता दल (यूनाइटेड) (जद-यू) नेता द्वारा किए गए ‘‘विश्वासघात’’ के खिलाफ महाधरना का आयोजन करेगी जिसके एक दिन बाद प्रखंड स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।भाजपा सांसद और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘यह सरासर सफ़ेद झूठ है कि भाजपा ने बिना नीतीश जी की सहमति के आरसीपी सिंह को मंत्री बनाया था। यह भी झूठ है की भाजपा जदयू को तोड़ना चाहती थी या तोड़ने का बहाना खोज रही थी। भाजपा 2024 में प्रचंड बहुमत से आएगी।’’
बिहार विधानसभा में राजनीतिक दलों की स्थिति
कुल सदस्य : 243
प्रभावी संख्या : 242 (राष्ट्रीय जनता दल का एक सदस्य अयोग्य घोषित)
बहुमत की संख्या: 122
महागठबंधन :
जनता दल (यूनाइटेड) : 46 (पार्टी के 45 विधायक, एक निर्दलीय)
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) : 79
कांग्रेस : 19
भाकपा-माले : 12
भाकपा : 02
माकपा : 02
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा : 04
कुल : 164
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भारतीय जनता पार्टी : 77
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) : 01
RJD के साथ न मिलेगा BJP जैसा सम्मान- सुशील मोदी
सूबे के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि कुमार को लालू प्रसाद यादव के राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के साथ उस तरह का सम्मान नहीं मिलेगा, जो उसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में मिला करता था। उन्होंने कहा- हमने उन्हें अधिक सीटें होने के बावजूद सीएम बनाया और कभी भी उनकी पार्टी तोड़ने का प्रयास न किया। हमने सिर्फ उन्हें तोड़ा, जिन्होंने हमें धोखा दिया। महाराष्ट्र में शिवसेना ने हमें धोखा दिया तो उसे उसके नजीते भुगतने पड़े थे।
बिहारः 8वीं बार CM बनेंगे नीतीश
जनता दल (यूनाइटेड) के नीतीश कुमार आज (10 अगस्त, 2022) को आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे, जबकि राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के तेजस्वी यादव उप-मुख्यमंत्री होंगे। राजद ने ट्वीट के जरिए बताया कि राज भवन में सीएम और डिप्टी सीएम का यह शपथ समारोह कार्यक्रम दोपहर दो बजे होगा।
कांग्रेस को बिहार की नयी सरकार में मिल सकते हैं चार मंत्री पद : सूत्र
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनने वाली नयी गठबंधन सरकार में कांग्रेस को चार मंत्री पद मिल सकते हैं। सूत्रों ने यह जनकारी दी है। सूत्रों ने यह भी बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और महागठबंधन की तरफ से नयी सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद नीतीश कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से बात की तथा समर्थन के लिए उनका आभार जताया। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नयी सरकार में कांग्रेस को चार मंत्री पद मिल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की विधानसभा अध्यक्ष का पद पाने की भी इच्छा थी, लेकिन नीतीश इसके लिये तैयार नहीं दिखते।
कांग्रेस कोटे से जिन नेताओं के मंत्री बनने की संभावना है उनमें प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, विधायक दल के नेता अजीत शर्मा और वरिष्ठ नेता राजेश राम के नाम प्रमुख हैं। पार्टी किसी अल्पसंख्यक नेता को भी मौका दे सकती है।
बिहार घटनाक्रम: देवेगौड़ा ने जनता दल परिवार के फिर से उभरने की उम्मीद जताई
बिहार में राजनीतिक घटनाक्रम के बाद, जनता दल (सेकुलर) के संरक्षक एच डी देवेगौड़ा ने तत्कालीन जनता दल परिवार के देश में एक राजनीतिक विकल्प के रूप में फिर से उभरने की मंगलवार को उम्मीद जताई।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जनता दल (यूनाइटेड) के लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ मिलकर सरकार बनाने के घटनाक्रम पर पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि इसने उन्हें उन दिनों के बारे में सोचने पर मजबूर किया जब वे सभी एक साथ थे। देवेगौड़ा ने कहा, “ "मैं बिहार के घटनाक्रम को देख रहा हूं। इसने मुझे उन दिनों के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया जब जनता दल परिवार एकसाथ था। इसने तीन प्रधानमंत्री दिए। अब मेरी उम्र हो गई है लेकिन अगर युवा पीढ़ी फैसला करती है तो यह इस महान राष्ट्र को एक अच्छा विकल्प दे सकती है।”
'जनता चाहेगी तो भाजपा का 2 मिनट में बुखार छुड़ा देगी', बोले तेज
सोनिया और राहुल को नीतीश का न्यौता!
कांग्रेस सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि नीतीश कुमार ने महागठबंधन का समर्थन करने और बिहार में सरकार बनाने के लिए आभार व्यक्त करने के लिए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बुलाया है।
यह सियासी रिश्ता क्या कहलाता है?
बिहार के घटनाक्रम ने सोचने पर किया मजबूर कि...बोले एचडी देवगौड़ा
जेडी(एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा ने ट्वीट करते हुए कहा- मैं बिहार के घटनाक्रम देख रहा हूं। इसने मुझे उन दिनों के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया जब जनता दल परिवार एक छत के नीचे था, इसने तीन पीएम दिए। मैं अपने उन्नत वर्षों में हूं, लेकिन अगर युवा पीढ़ी फैसला करती है तो इसकी पेशकश कर सकती है।
"सबकी सहमति थी कि हमें NDA छोड़ देना चाहिए"
नीतीश कुमार ने सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद राज्यपाल को नई सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए 164 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा। इस्तीफा सौंपने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि सभी सांसद और विधायक की आम सहमति थी कि हमें एनडीए छोड़ देना चाहिए।
आज दोपहर 2 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार
बिहार में जेडीयू-आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन की सरकार का आज दोपहर 2 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। महागठबंधन के नेता नीतीश कुमार कल सीएम पद की शपथ लेंगे। नीतीश कुमार ने मंगलवार को सीएम पद से इस्तीफा देते हुए बीजेपी से गठबंधन तोड़ लिया था।
कांग्रेस को बिहार की नई सरकार में मिल सकते हैं चार मंत्री पद- सूत्र
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनने वाली नई गठबंधन सरकार में कांग्रेस को चार मंत्री पद मिल सकते हैं। सूत्रों ने ये जनकारी दी है। कांग्रेस कोटे से जिन नेताओं के मंत्री बनने की संभावना है उनमें प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, विधायक दल के नेता अजीत शर्मा और वरिष्ठ नेता राजेश राम के नाम प्रमुख हैं। पार्टी किसी अल्पसंख्यक नेता को भी मौका दे सकती है।
एचडी देवेगौड़ा ने जनता दल परिवार के फिर से उभरने की उम्मीद जताई
बिहार में राजनीतिक घटनाक्रम के बाद जनता दल (सेकुलर) के संरक्षक एचडी देवेगौड़ा ने तत्कालीन जनता दल परिवार के देश में एक राजनीतिक विकल्प के रूप में फिर से उभरने की मंगलवार को उम्मीद जताई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जनता दल (यूनाइटेड) के लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ मिलकर सरकार बनाने के घटनाक्रम पर पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि इसने उन्हें उन दिनों के बारे में सोचने पर मजबूर किया जब वे सभी एक साथ थे। देवेगौड़ा ने कहा कि मैं बिहार के घटनाक्रम को देख रहा हूं। इसने मुझे उन दिनों के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया जब जनता दल परिवार एकसाथ था। इसने तीन प्रधानमंत्री दिए। अब मेरी उम्र हो गई है लेकिन अगर युवा पीढ़ी फैसला करती है तो यह इस महान राष्ट्र को एक अच्छा विकल्प दे सकती है।
2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार में नीतीश कुमार नरेंद्र मोदी के नाम पर जीते- रविशंकर प्रसाद
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 2019 में लोकसभा चुनाव में बिहार में आप नरेंद्र मोदी के नाम पर जीते और आपके सांसदों की संख्या 16 हो गई है। 2020 के विधानसभा में आपको 43 सीट मिली, भाजपा की सीटें आपसे दोगुनी थी फिर भी इसके बदले कोई चर्चा नहीं हुई और आपको मुख्यमंत्री बनाया गया।
2015 में लालू जी के साथ जाने के फैसले पर आपने पुनर्विचार क्यों किया- रविशंकर प्रसाद
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भाजपा आज नीतीश जी से पूछना चाहती कि 2015 में लालू जी के साथ जाने के फैसले पर आपने पुनर्विचार क्यों किया। 2017 में आपने क्यों कहा कि मैं बहुत असहज हूं क्योंकि तेजस्वी जी अपने ऊपर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब नहीं दे पा रहे हैं, ये आपने खुलकर कहा था।
नीतीश कुमार को आरजेडी में नहीं मिलेगा सम्मान- सुशील मोदी
भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार को आरजेडी में वह सम्मान नहीं मिलेगा, जो उन्हें बीजेपी में रहते हुए मिला था। हमने ज्यादा सीटें होने के बावजूद उन्हें सीएम बनाया और कभी उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश नहीं की। हमने तो उन्हें ही तोड़ा, जिन्होंने हमें धोखा दिया। महाराष्ट्र में शिवसेना ने हमें धोखा दिया और उसे परिणाम भुगतने पड़े।
अब सभी को रोजगार मिलेगा- तेज प्रताप यादव
आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने कहा कि सरकार बन गई। अब सभी को रोजगार मिलेगा। बिहार में जिस तरीके से खेला हुआ, उसी खेला का रिजल्ट दिखाने का काम हुआ है। अब सब कुछ जनता के ऊपर है, जनता चाहेगी तो भाजपा का 2 मिनट में बुखार छुड़ा देगी। हमें जो भी मिलेगा हमें स्वीकार होगा।
नीतीश कुमार ने शपथ ग्रहण में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बुलाया- सूत्र
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार ने महागठबंधन का समर्थन करने और बिहार में सरकार बनाने के लिए आभार व्यक्त करने के लिए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बुलाया है। बिहार में जेडीयू-आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन की सरकार का कल दोपहर 2 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। महागठबंधन के नेता नीतीश कुमार कल सीएम पद की शपथ लेंगे।
कल दोपहर 2 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार
बिहार में जेडीयू-आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन की सरकार का कल दोपहर 2 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। महागठबंधन के नेता नीतीश कुमार कल सीएम पद की शपथ लेंगे। नीतीश कुमार ने आज ही सीएम पद से इस्तीफा देते हुए बीजेपी से गठबंधन तोड़ लिया। आरजेडी ने ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह कल दोपहर 2 बजे राजभवन में होगा।
#UPDATE | The swearing-in ceremony of Chief Minister and Deputy Chief Minister will be held tomorrow at 2 pm at Raj Bhavan: RJD#Bihar https://t.co/QUEfXC94gs pic.twitter.com/lycTpj7GNW
— ANI (@ANI) August 9, 2022
देश भाजपा को माफ नहीं करेगा- अशोक गहलोत
बिहार में नीतीश कुमार की ओर से बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ने पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि ये तो एक दिन होना ही था। इनका नापा हुआ गठबंधन था जो टूटना ही था। आज जो ये तानाशाही प्रवृति गोवा, मणिपुर, कर्नाटक और अभी महाराष्ट्र में हुआ है। ये लोकतंत्र की हत्या है, इसे लेकर देश इन्हें भाजपा माफ नहीं करेगा।
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने नीतीश कुमार पर बोला हमला
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार जी हमें छोड़कर चले गए और कहा कि भाजपा उनकी पार्टी को तोड़ने का काम कर रही थी। नीतीश जी हम पूछते हैं कि आप हमारे साथ कैसे और क्यों आए थे? आपने लालू जी को छोड़ा था जब हम लोग चारा घोटाले की लड़ाई लड़ रहे थे। आपने समता पार्टी बनाई थी।
बिहार का घटनाक्रम राष्ट्रीय राजनीति में बदलाव का संकेत- विपक्षी दल
विपक्षी दलों ने बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि यह भाजपा की ‘धमकी की राजनीति’ की परिणति है तथा भारतीय राजनीति में बदलाव का संकेत है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘मार्च 2020 में, मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार को गिराने के लिए मोदी सरकार ने कोविड-19 लॉकडाउन को आगे बढ़ा दिया था। अब संसद सत्र निर्धारित समय से छोटा करना पड़ा, क्योंकि बिहार में उनकी गठबंधन सरकार जा रही है। उत्थान के बाद पतन तय होता है।’’
तृणमूल कांग्रेस ने एनडीए से नीतीश कुमार के अलग होने का किया स्वागत
तृणमूल कांग्रेस ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होने के कदम का मंगलवार को स्वागत किया। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन में रहकर कोई दल अपनी पहचान की रक्षा नहीं कर सकता, क्योंकि भाजपा की ‘‘सब कुछ हड़प लेने की राजनीति’’ क्षेत्रीय दलों के अस्तित्व में भरोसा नहीं करती।
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला- तेजस्वी यादव
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में जो भी हो रहा था वो किसी से छुपा नहीं था। जनता विकल्प चाहती है, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला। नीतीश कुमार ने अपना काम किया, इन्होंने नरेंद्र मोदी के सामने ये मांग रखी लेकिन इनकी मांग को नहीं माना गया। आज भाजपा को छोड़कर बिहार विधानसभा के सभी दलों और सदस्यों ने नीतीश कुमार को अपना नेता मान लिया है।
हिंदी पट्टी में भाजपा का कोई गठबंधन सहयोगी नहीं- तेजस्वी यादव
बिहार के राज्यपाल से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि हिंदी पट्टी में भाजपा का कोई गठबंधन सहयोगी नहीं है, इतिहास बताता है कि भाजपा उन दलों को नष्ट कर देती है जिनके साथ वह गठबंधन करती है। हमने देखा कि पंजाब और महाराष्ट्र में क्या हुआ।
Across the Hindi heartland, BJP does not have any alliance partner, history tells that BJP destroys the parties with whom it forms an alliance. We did see that happening in Punjab & Maharashtra: RJD leader Tejashwi Yadav pic.twitter.com/qs3JPYL2MF
— ANI (@ANI) August 9, 2022
महागठबंधन में 7 पार्टियां के निर्दलीय समेत 164 विधायक- नीतीश कुमार
बिहार के राज्यपाल से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में नीतीश कुमार ने कहा कि मैं यहां राज्यपाल से मिलने आया और अपना इस्तीफा दे दिया। महागठबंधन में निर्दलीय समेत 164 विधायकों समेत 7 पार्टियां हैं ।
I came here to meet Governor and gave my resignation. There are 7 parties including 164 MLAs along with Independents in Mahagathbandahan: Nitish Kumar at a joint presser with Tejashwi Yadav after meeting Governor pic.twitter.com/yg2Xp5NFmr
— ANI (@ANI) August 9, 2022
आज बिहार के लोगों के समर्थन का नीतीश कुमार ने किया अपमान- रविशंकर प्रसाद
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार 2020 का चुनाव नरेंद्र मोदी की अगुवाई में जीते थे या नहीं? जब नरेंद्र मोदी के नाम पर जीते थे तो आज बिहार के लोगों के समर्थन का अपमान किया है...ये क्या बात है? अगर आपको भाजपा परेशान कर रही थी तो 2 साल से रुके हुए क्यों थे।
अब केवल राज्य सरकार जनादेश के अनुसार होगी- शरद यादव
शरद यादव ने कहा कि लोगों ने राज्य के चुनावों के दौरान उसी गठबंधन को वोट दिया जो अब बना है। पिछली सरकार (भाजपा-जदयू सरकार) लोगों के जनादेश के अनुसार नहीं थी, अब केवल राज्य सरकार जनादेश के अनुसार होगी।
नीतीश कुमार ने दोबारा किया जनादेश का अपमान किया- चिराग पासवान
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के नेता चिराग पासवान ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता तोड़कर बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने पर नीतीश कुमार की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने दूसरी बार जनादेश का अपमान किया है। चिराग पासवान ने बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने और नए सिरे से चुनाव कराए जाने की मांग की। बिहार में नीतीश के इस्तीफे के बाद तेज हुई राजनीतिक हलचल के बीच चिराग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन में आ गए और कहा कि भगवा दल ने वह सब स्वीकार किया जो मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार चाहते थे। उन्होंने कहा कि यहां तक कि भाजपा ने उनके लिए अपनी नीतियों तक से समझौता किया।
महागठबंधन के नेता चुने गए नीतीश कुमार
बिहार के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार महागठबंधन के नेता चुने गए हैं। महागठबंधन का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार तेजस्वी यादव के साथ राजभवन पहुंचे हैं।
#WATCH बिहार: नीतीश कुमार और राजद नेता तेजस्वी यादव पटना में राजभवन पहुंचे।#BiharPolitics pic.twitter.com/p7DTZE70qf
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 9, 2022
समर्थन पत्र में कुल 6 राजनीतिक दलों के हस्ताक्षर
नीतीश कुमार और राजद नेता तेजस्वी यादव पटना में राजभवन पहुंचे। राज्यपाल को सौंपे गए समर्थन पत्र में कुल 6 राजनीतिक दलों के हस्ताक्षर हैं, जिसमें जदयू, राजद, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीईएमएल, एचएएम और वीआईपी शामिल हैं।
बिहार की जनता और BJP के साथ नीतीश कुमार ने किया धोखा- संजय जायसवाल
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि BJP ने 74 सीट जीतेने के बाद भी वादे के मुताबिक नीतीश कुमार जी को NDA गठबंधन का मुख्यमंत्री बनाया था। यह बिहार की जनता और BJP के साथ धोखा है, जनता के फैसले का उल्लंघन है। बिहार की जनता इसे बर्दाशत नहीं करेगी।
ये विकास की नहीं सत्ता की राजनीति हो रही है- आरके सिंह
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता आरके सिंह ने कहा कि ये हमारे राज्य का दुर्भाग्य है कि 15 साल राजद की सरकार रही, वे (जदयू) पहले भी राजद के साथ गए थे फिर वापस आए, अब फिर से उनके साथ जा रहे हैं। इसमें बिहार की भलाई नहीं नहीं है। ये विकास की नहीं सत्ता की राजनीति हो रही है।
इस्तीफा देने के बाद तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी से मिले नीतीश कुमार
नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से कहा, 2017 में जो हुआ उसे भूल जाएं और एक नया अध्याय शुरू करें: राजद सूत्र। बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार राबड़ी देवी के घर पहुंचे, जहां बिहार में नई सरकार बनाने को लेकर राजद नेताओं संग नीतीश कुमार ने बातचीत की।
Bihar | Nitish Kumar along with RJD leader Tejashwi Yadav & Rabri Devi, today pic.twitter.com/EF3ZCydO1H
— ANI (@ANI) August 9, 2022
नई सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए नीतीश कुमार ने 160 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा
नीतीश कुमार ने सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद राज्यपाल को नई सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए 160 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा। सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि सभी सांसद और विधायक की आम सहमति थी कि हमें एनडीए छोड़ देना चाहिए।
#BreakingNow: इस्तीफे के बाद सीएम नीतीश कुमार ने राज्यपाल के सामने पेश किया सरकार बनाने का दावा@spbhattacharya #NitishKumar #Bihar #BiharPolitics #BiharPoliticalCrisis #RJD #BJP pic.twitter.com/qwPRABpiKC
— Times Now Navbharat (@TNNavbharat) August 9, 2022
बिहार में नई सरकार में नीतीश कुमार ही होंगे सीएम
बिहार में नई सरकार में नीतीश कुमार ही सीएम होंगे, जबकि तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम बनेंगे। सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार राबड़ी देवी के घर पहुंचे, जहां बिहार में नई सरकार बनाने को लेकर राजद नेताओं संग नीतीश कुमार ने बातचीत की।
इस्तीफा देने के बाद राबड़ी देवी के घर पहुंचे नीतीश कुमार
सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार राबड़ी देवी के घर पहुंचे। राबड़ी देवी के घर पर नीतीश ने तेजस्वी और तेज प्रताप से बिहार में नई सरकार बनाने को लेकर बात की। इससे पहले नीतीश कुमार ने इस्तीफा देने के तुरंत बाद राज्यपाल को नई सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए 160 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने नीतीश कुमार और महागठबंधन को बिना शर्त दिया समर्थन
जीतनराम मांझी के हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने नीतीश कुमार और महागठबंधन को बिना शर्त समर्थन दिया। इससे पहले नीतीश कुमार ने इस्तीफा देने के बाद राज्यपाल को नई सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए 160 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा है।
सभी सांसद और विधायक की आम सहमति थी कि हमें एनडीए छोड़ देना चाहिए- नीतीश कुमार
बिहार के राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि सभी सांसद और विधायक की आम सहमति थी कि हमें एनडीए छोड़ देना चाहिए।
#BiharPoliticalCrisis | All MPs and MLAs are at a consensus that we should leave the NDA: JD(U) leader Nitish Kumar after submitting his resignation to Bihar Governor
— ANI (@ANI) August 9, 2022
(File Pic) pic.twitter.com/2rfrVYChfJ
नीतीश कुमार ने सीएम पद से दिया इस्तीफा
राजभवन पहुंचकर नीतीश कुमार ने सीएम पद से दिया इस्तीफा।
बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाने के साथ फिर से हो चुनाव- चिराग पासवान
लोजपा नेता (रामविलास गुट) के नेता चिराग पासवान ने कहा कि आज नीतीश कुमार की साख शून्य है। हम चाहते हैं कि बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू हो और राज्य को नए सिरे से जनादेश देना चाहिए। नीतीश कुमार कोई विचारधारा है या नहीं? अगले चुनाव में जदयू को मिलेगी 0 सीटें।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे।
Bihar | CM Nitish Kumar arrives at Raj Bhawan in Patna pic.twitter.com/yzpXAetZ5i
— ANI (@ANI) August 9, 2022
एनडीए के साथ है राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी- प्रिंस राज
लोकसभा सांसद और आरएलजेपी नेता प्रिंस राज ने कहा कि राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी एनडीए के साथ है। हम अन्य दलों के फैसलों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन हम एनडीए के साथ हैं। हमें ऐसा नहीं लगा कि बीजेपी सम्मान नहीं दे रही है। जदयू केवल उनके बारे में बता सकते हैं।
हमारी पार्टी एनडीए का हिस्सा रहेगी- पशुपति पारस
केंद्रीय मंत्री और आरएलजेपी के अध्यक्ष पशुपति पारस ने कहा कि पहले भी राजद और जदयू के बीच एक प्रयोग किया गया था, लेकिन वे लंबे समय तक एक साथ नहीं रह सकते। एक बार फिर ऐसा गठबंधन आ रहा है, ये बिहार के विकास के लिए अच्छा संकेत नहीं है। हमने तय किया है कि हमारी पार्टी एनडीए का हिस्सा रहेगी।
नीतीश कुमार को समर्थन दे सकती है राजद- सूत्र
हमारी सरकार बेरोजगार युवाओं को पहली प्राथमिकता देगी। राजद नीतीश कुमार को समर्थन दे सकती है। विभागों के आवंटन पर कोई मतभेद नहीं होगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके पास 160 की ताकत है। अगर भाजपा अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करती है या राष्ट्रपति शासन लागू करने की कोशिश करती है, तो हम उन्हें "करारा जवाब" देंगे: राजद सूत्र
BJP खेमे में हलचल बढ़ी
बिहार के ताजा घटनाक्रम पर भाजपा खेमे में भी हलचल बढ़ गई है। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी की कोर ग्रुप की बैठक में शामिल होने के लिए रविशंकर प्रसाद और रविशंकर प्रसाद और गिरिराज सिंह पटना के लिए रवाना हो रहे हैं। बिहार के सभी बड़े नेता पटना जा रहे हैं। बिहार सरकार में मंत्री शाहनवाज हुसैन को भी पटना भेजा गया है।
जदयू-भाजपा गठबंधन टूटा-कुशवाहा ने की पुष्टि
जद-यू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार को बधाई दी है। उन्होंने कहा, 'नए रूप में नए गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए नीतीश कुमार को बधाई। नीतीश जी आगे बढ़िए, देश आपका इंतजार कर रहा है।'
#BiharPoliticalCrisis | Upendra Kushwaha, National Parliamentary Board President of JD(U) tweets, "Congratulations Nitish Kumar for the leadership of a new alliance in a new form..." pic.twitter.com/Kbe2QFO87p
— ANI (@ANI) August 9, 2022
राजद ने रखी 3 शर्त
सूत्रों का कहना है कि राजद ने अपना समर्थन देने के लिए नीतीश कुमार के सामने तीन शर्तें रखी हैं। पहली शर्त तेजस्वी को डिप्टी सीएम बनाने की है, दूसरी शर्त विधानसभा में स्पीकर आरजेडी के कोटे से बनाने और गृह मंत्रालय का प्रभार राजद को देने की मांग है।
हम नीतीश को सीएम देखना चाहते हैं-केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा है कि वह बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी करना नहीं चाहेंगे। गठबंधन के बारे में जेडी-यू फैसला करेगा लेकिन भाजपा निश्चित रूप से चाहती है कि नीतीश कुमार सीएम के रूप में बने रहें।
जद-यू नेताओं ने कहा-वे सीएम के साथ रहेंगे
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सूत्रों का कहना है कि जद-यू की बैठक में सभी विधायकों एवं सांसदों ने कहा कि वह सीएम के साथ हैं। वह जो कुछ भी फैसला करेंगे, वे उस फैसले का समर्थन करेंगे।
राजभवन पैदल जाएंगे नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव सौंपेंगे समर्थन की चिट्ठी
बिहार में सियासी घटनाक्रमों तेजी आ गई है। पटना में जीतन राम मांझी अपने विधायकों के साथ बैठक कर रहे हैं। वहीं राजद की बैठक के बाद तेजस्वी ने अपने विधायकों से कहा कि आप लोगों ने मुझ पर भरोसा किया इसके लिए आप लोगों का दिल से आभार। हम लोग अपने मुद्दे पर काम करेंगे। 2020 में जो वायदा हम लोगों ने जनता से किया है उसे पूरा करेंगे। बताया जा रहा है कि बस थोड़ी देर में तेजस्वी अपना समर्थन पत्र नीतीश कुमार को सौंपेंगे।
सूत्रों का दावा-बिहार में जेडीयू-BJP का गठबंधन टूटा
सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आ रही है। बिहार में जेडीयू-भाजपा का गठबंधन टूट गया है। सूत्रों का कहना है कि जेडीयू की बैठक में गठबंधन तोड़ने का फैसला हुआ है। शाम चार बजे नीतीश कुमार की मुलाकात राज्यपाल से होनी है। समझा जाता है कि इस मुलाकात में वह राजद एवं अन्य दलों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा करेंगे।
राज्यपाल से शाम 4 बजे नीतीश की मुलाकात, तेजस्वी भी होंगे साथ
सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल ने सीएम नीतीश कुमार से मिलने के लिए शाम 4 बजे का समय दिया है। बताया जा रहा है कि नीतीश के साथ राजद नेता तेजस्वी यादव भी होंगे। इस बीच, रोहिणी आचार्य के बाद लालू यादव की दूसरी बेटी चंदा यादव ने भी ट्वीट किया है। चंदा ने कहा है कि तेजस्वी भव: बिहार।
रोहिणी आचार्य का ट्वीट
पटना में भाजपा के कोर ग्रुप की बैठक होगी
बिहार के ताजा राजनीतिक हालात पर चर्चा के लिए भाजपा के कोर ग्रुप की बैठक आज शाम पटना में बुलाई गई है।
इस्तीफा देंगे भाजपा के सभी 16 मंत्री
डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के आवास पर भाजपा विधायकों एवं मंत्रियों की बड़ी बैठक हो रही है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा के सभी 16 मंत्री इस्तीफा दे सकते हैं।
नीतीश ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा
बिहार में राजनीतिक दलों की बैठकें हो रही हैं। इस बीच सूत्रों का कहना है कि सीएम नीतीश कुमार ने राज्यपाल फागु चौहान से मिलने का समय मांगा है। राज्यपाल से नीतीश की मुलाकात एक बजे हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार ने राजद के साथ जाने का मन बना लिया है। नई सरकार की रूपरेखा एक तरह से तैयार हो गई है।
RJD-जद (यू) में डील फाइनल!
सूत्रों का कहना है कि सत्ता को लेकर राजद और जद-यू के बीच डील करीब-करीब फाइनल हो गई है। नीतीश कुमार सीएम बने रहेंगे जबकि तेजस्वी को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। भाजपा के सात गठबंधन तोड़ने के सवाल पर जद-यू नेता विजय चौधरी ने खुलकर कहा कि जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चाहेंगे वही होगा। जेडीयू के विधायक इसे सामान्य बैठक बता रहे हैं। उपवेंद्र कुशवाहा और लल्लन सिंह भी बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। पटना में राबड़ी देवी के आवास पर राजद की बैठक होने जा रही है। इस बैठक में शामिल होने के लिए राजद के बड़े नेता और विधायक पहुंचे हैं।
सीएम बने रहेंगे नीतीश, डिप्टी सीएम होंगे तेजस्वी-सूत्र
बैठक से पहले नीतीश कुमार का ट्वीट
कांग्रेस की बैठक
कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि उसने बिहार में राजनीतिक हालात पर चर्चा करने के लिए अपने विधायक दल की बैठक बुलायी है और अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा के साथ संबंध तोड़ने का फैसला लेते हैं तो पार्टी विपक्षी खेमे में उनका स्वागत करेगी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं विधायक शकील अहमद खान ने कहा कि बैठक विधानमंडल में दल के नेता अजीत शर्मा के आवास पर होगी और इसमें बिहार के पार्टी प्रभारी भक्त चरण दास भी शामिल होने की संभावना है। खान ने कहा, ‘हम हमेशा मानते हैं कि समान विचारधारा वाले दलों को एक साथ आना चाहिए। समाजवादी विचारधारा में विश्वास रखने वाली मुख्यमंत्री की पार्टी जदयू अगर भाजपा का साथ छोड़ती है तो हम निश्चित रूप से इसका स्वागत करेंगे। हम शाम को बैठक में स्थिति पर चर्चा करेंगे।’
नीतीश को हम गले लगाएंगे-शिवानंद तिवारी
राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मंगलवार को दोनों दलों द्वारा विधायकों की बैठक बुलाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि स्थिति असाधारण है। उन्होंने कहा, ‘मुझे मौजूदा घटनाक्रम के बारे में व्यक्तिगत रूप से कुछ पता नहीं है। लेकिन, हम इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं कि दोनों दलों (जिनके पास बहुमत हासिल करने के लिए पर्याप्त संख्या है) ने उस समय ऐसी बैठकें बुलाई हैं, जब विधानसभा का सत्र संचालन में नहीं है।’ तिवारी ने कहा, ‘अगर नीतीश राजग को छोड़ने का फैसला लेते हैं तो हमारे पास उन्हें गले लगाने के अलावा और क्या विकल्प है। राजद भाजपा से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। अगर मुख्यमंत्री इस लड़ाई में शामिल होने का फैसला करते हैं तो हमें उन्हें अपने साथ लेना ही होगा।’




