असम, तमिलनाडु, केरल, पुड्डुचेरी विधान सभा चुनाव Results 2021 : असम कांग्रेस को यकीन, नतीजे कुछ और होंगे
Assam, Tamil Nadu, Kerala, Puducherry Vidhan Sabha Chunav results 2021: रुझानों के मुताबिक असम में एनडीए, केरल में एलडीएफ अपनी सत्ता बचाने में शानदार तरीके से कामयाब रही है। ये बात अलग है कि पलानीसामी को तमिलनाडु में हार का सामना देखना पड़ा है। एम के स्टालिन के वादों पर जनता ने भरोसा किया तो इसके साथ ही केरल में कांग्रेस के सपने का पी विजयन ने मानमर्दन कर दिया।
असम, केरल, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी विधानसभा के सभी सीटों के रुझान आ चुके हैं, करीब करीब यही रुझान अंतिम नतीजों में तब्दील होने की उम्मीद है। केरल और असम में मौजूदा सरकारें अपनी सत्ता बचाने में कामयाब हुई हैं। लेकिन तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में मौजूदा सरकारों को हार का सामना करना पड़ा है।
कांग्रेस को यकीन, अंतिम नतीजे कुछ और होंगे
असम में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के एक बार फिर सत्ता में वापसी करने के रुझान आने के बाद कांग्रेस ने दावा किया कि अंतिम नतीजे आने पर उसकी अगुवाई वाला ‘महाजोत’ विजेता बनेगा और अगली सरकार गठित करेगा।कांग्रेस महासचिव और असम के प्रभारी जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि अगले कुछ घंटों में ये रुझान बदल जाएंगे।उन्होंने कहा, ‘‘मैं अब भी कह रहा हूं कि महाजोत जीतेगा और सरकार बनाएगा।’’सिंह ने लोगों का आह्वान किया कि वे कुछ घंटे का इंतजार करेंगे क्योंकि ये रुझान बदल सकते हैं।असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रिपुन बोरा के पीछे चलने के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि यह कभी भी बदल सकता है।
रिपुन बोरा गोहपुर विधानसभा क्षेत्र में दोपहर के समय तक भाजपा उम्मीदवार उत्पल बोरा से पांच हजार से अधिक वोटों से पीछे चल रहे थे।
पलानीसामी और स्टालिन की विधानसभा में नोटा खूब दबा
एडाप्पडी विधानसभा क्षेत्र में कुल 167 मतदाताओं ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी सहित सभी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को नोटा दबाकर खारिज कर दिया।चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, एडाप्पादी सीट पर 167 मतदाताओं ने 6 अप्रैल को ईवीएम में नोटा, या कुछ उम्मीदवारों में से कोई भी नहीं दबाया है।पलानीस्वामी, जो अन्नाद्रमुक के संयुक्त समन्वयक हैं, उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, डीएमके के टी संभथकुमार के खिलाफ लगभग 20,000 वोटों का एक मजबूत लीड बनाया है।दूसरी ओर, कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र के 110 मतदाताओं ने नोटा बटन दबाया और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को खारिज कर दिया। इस सीट पर डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन भी उम्मीदवारों में शामिल थे।
राजनीति की पिच पर मेट्रोमैन ई श्रीधरन को मिली नाकामी
राजनीति की पिच पर मेट्रोमैन ई श्रीधरन को मिली नाकामी, उन्हें कांग्रेस के शफी से हार का सामना करना पड़ा। शुरुआती रुझान में वो अपने निकटतम प्रत्याशी से आगे थे। लेकिन बाद में जैसे जैसे गणना आगे बढ़ी वो पिछड़ते चले गए और हार का सामना करना पड़ा।
असम में एनडीए को जबरदस्त कामयाबी, बीजेपी अकेले 62 सीट पर आगे
असम में विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को जारी मतगणना के रुझानों के मुताबिक सत्तारूढ़ भाजपा नीत राजग को 77 सीटों पर बढ़त मिली है जबकि कांग्रेस के नेतृत्व में बने महागठबंधन को 40 सीटों पर बढ़त हासिल है।निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भाजपा प्रत्याशी 62 सीटों पर आगे चल रहे हैं जबकि उसकी सहयोगी पार्टी असम गण परिषद् (एजीपी) के प्रत्याशी 10 और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के प्रत्याशी सात सीटों पर आगे चल रहे हैं।
कांग्रेस के प्रत्याशियों ने शुरुआती दौर में 26 सीटों पर बढ़त हासिल की है और एआईयूडीएफ 10 सीटों पर आगे चल रही है।मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्व सरमा और एजीपी प्रमुख एवं मंत्री अतुल बोरा क्रमश: माजुली, जालुकबारी और बोकाखत से आगे चल रहे हैं।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद रिपुन बोरा और विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया गोहपुर और नजीरा में पीछे चल रहे हैं। जेल में बंद रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई सिबसागर सीट से आगे चल रहे हैं जबकि एएएसयू (आसू) के पूर्व नेता एवं सीएए विरोधी प्रदर्शनों के अगुआ असम जातीय परिषद के लुरिनज्योति गोगोई नहरकटिया में पीछे चल रहे हैं।असम में विधानसभा की 126 सीटें हैं और बहुमत के लिए 64 सीटों की जरूरत है।
इस जीत के कई मायने हैं- पी विजयन
केरल में पी विजयन के विजय रथ को कांग्रेस गठबंधन रोकने में नाकाम रही है। सीपीएम के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि वाम दल की विजय इस बात की प्रतीक है कि लोग बिना किसी शोरगुल के राज्य का विकास चाहते हैं।
पुड्डुचेरी में एनडीए आगे
पुडुचेरी में छह अप्रैल को हुए चुनाव के लिए रविवार को जारी मतगणना के पहले दौर में एआईएनआरसी नीत राजग नौ सीटों पर आगे चल रही है जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को तीन सीटों पर बढ़त मिली हुई है।सुबह साढ़े 10 बजे तक उपलब्ध रुझानों के मुताबिक, एआईएनआरसी के प्रमुख एन रंगासामी अपनी सीट पर आगे चल रहे हैं।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नीत मोर्चे में एआईएनआरसी, अन्नाद्रमुक और भाजपा शामिल है।पुडुचेरी, कराइकल, माहे और यनम क्षेत्र तक फैली विधानसभा के अंतर्गत 30 क्षेत्र हैं।चुनाव में मुख्य प्रत्याशी राजग का नेतृत्व कर रहे एआईएनआरसी नेता एन रंगासामी हैं।दूसरी तरफ, कांग्रेस नीत सेक्युलर डेमोक्रेटिक अलायंस (एसडीए) में कांग्रेस, द्रमुक, वीसीके और भाकपा शामिल हैं।
असम में अलग अलग राजनीतिक दलों की तस्वीर
चुनाव आयोग के नतीजों के शुरूआती रुझानों के मुताबिक, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी 27 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि उसकी सहयोगी असोम गण परिषद (एजीपी) छह सीटों पर और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) छह सीटों पर आगे चल रही है।कांग्रेस ने केवल पांच सीटों पर शुरूआती बढ़त बनाई है, जबकि उसके सहयोगी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट दो सीटों पर और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) एक सीट पर आगे है।
मुख्यमंत्री सबार्नंद सोनोवाल, स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और एजीपी प्रमुख और मंत्री अतुल बोरा क्रमश: माजुली, जलुकबाड़ी और बोकाखाट सीटों से आगे चल रहे हैं।कांग्रेस विधायक दल के नेता और उनके डिप्टी देवव्रत सैकिया और रकीबुल हुसैन दोनों क्रमश: नाजिरा और समागुरी से पीछे चल रहे हैं।असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नितिन खाडे ने कहा कि मतगणना 50 निर्वाचन जिलों (34 प्रशासनिक जिलों) में हो रही है और मतगणना केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के तीन स्तर हैं।
सीईओ ने कहा, "चुनाव आयोग द्वारा जारी कोविड प्रोटोकॉल और दिशानिर्देशों को बनाए रखने के लिए, इस बार के विधानसभा चुनावों में मतगणना हॉल की संख्या में 131 प्रतिशत की वृद्धि हुई है - 2016 के विधानसभा चुनाव में इसकी संख्या 143 थी, जोकि बढ़कर 331 हो गई है।कुल मिलाकर, भाजपा और कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के 74 महिला उम्मीदवारों सहित 946 उम्मीदवारों चुनाव मैदान में हैं।
तमिलनाडु में बदलाव, केरल और असम में मौजूदा सरकार
केरल, तमिलनाडु, असम और पुड्डचेरी के रुझान अब करीब करीब स्थाई हो चुके हैं। केरल और असम में जनता ने बड़ी संख्या में सीटों की सौगात एलडीएफ और एनडीए को दी है तो परंपरा के मुताबिक तमिलनाडु की जनता ने एआईएडीएमके में भरोसा नहीं जताया। इसके साथ ही अगर बात पुड्डुचेरी की करें तो वहां जनता ने एनडीए में भरोसा जताया है।
तमिलनाडु में यूपीए आगे, स्टालिन का बजा डंका
तमिलनाडु में यूपीए ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। एम के स्टालिन की अगुवाई में यूपीए 129 सीटों पर आगे जो जादुई आंकड़े से ज्यादा है। पलानीसामी सरकार को हार का सामना करना पड़ा है। यूपीए- 137, एनडीए-62, एमएमएम गठबंधन को 1 सीट और अन्य के खाते में 2 सीट गई है।
मेट्रोमैन ई श्रीधरन आगे
केरल में एलडीएफ की सुनामी चल रही है। इन सबके बीच कांग्रेस के रमेश चेन्निथला हरिपद से, ओमन चांडी पुथुपल्ली और बीजेपी के ई श्रीधरन आगे चल रहे हैं। पालक्कड, थ्रिसुर और नेमन से बीजेपी आगे चल रही है।
रुझानों नें असम में एनडीए को बहुमत
असम में मतों की गिनती जारी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक रुझानों में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिल चुका है। यूपीए के खाते में 39 सीटें जाती हुई दिख रही हैं।
रुझानों में ताजा आंकड़े
तमिलनाडु का ताजा आंकड़ा
यूपीए-46
एनडीए 23
केरल
एलडीएफ- 51
यूडीएफ- 20
एनडीए-1
अन्य
असम
एनडीए- 44
यूपीए- 30
एजेपी-1
पुड्डुचेरी
यूपीए-1
एनडीए-7
तमिलनाडु, केरल, असम और पुड्डुचेरी की ताजा तस्वीर
तमिलनाडु में यूपीए 34 और एनडीए 11 सीटों पर आगे। केरल में एलडीएफ 10 और यूडीएफ 2। इसके अलावा असम में एनडीए 12 और पुड्डुचेरी में यूपीए 1 सीट पर आगे है।
एक नजर में तमिलनाडु में काउंटिंग
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए कोविड-19 संबंधी नए दिशानिर्देशों का पालन करते हुए और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रविवार को मतगणना शुरू हो गई।राज्य में छह अप्रैल को मतदान हुआ था।प्राधिकारियों ने बताया कि मतगणना राज्य के 75 मतदान केंद्रों में सुबह आठ बजे शुरू हुई और पहले डाक मत पत्रों की गणना की जा रही है।एक्जिट पोल’ में 10 साल से विपक्ष में बैठी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की बड़ी जीत होने का पूर्वानुमान जताया गया है। अन्नाद्रमुक ने मतदान के बाद हुए इन सर्वेक्षणों को खारिज कर दिया है और सत्ता पर फिर से काबिज होने का भरोसा जताया है।
अन्नाद्रमुक ने 2011 में द्रमुक से सत्ता छीनी थी और 2016 में इसे बरकरार रखा था।इस चुनावी मैदान में मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी और उपमुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम, द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन और उनके बेटे एवं पार्टी की युवा शाखा के सचिव उदयनिधि मारन समेत 3,998 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।तमिलनाडु में रविवार को लॉकडाउन होने के कारण सड़कें खाली हैं और सुरक्षा प्रबंधों के तहत एक लाख से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव और कन्याकुमारी लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए मतदान हुआ था।
तमिलनाडु- असम में यूपीए आगे, केरल में एलडीएफ
तमिलनाडु और असम में यूपीए बेहतर करती हुई नजर आ रही है तो केरल में एलडीएफ आगे है। इसके अलावा पुड्डुचेरी में एनडीए अपने सभी निकटतम दलों से आगे है।
चारों राज्यों में पोस्टल वोटों की गिनती जारी
असम, केरल, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में वोटों की गिनती जारी है। सबसे पहले पोस्टर वोटों की गिनती की जा रही है उसके बाद ईवीएम की पेटी खोली जाएगी
भगवान के दर पर ओमन चांडी
ईवीएम पर एक बार फिर गरमाया मामला
एक आरक्षित अप्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) शनिवार शाम हैलाकांडी के एक मतगणना केंद्र में एक ट्रंक के अंदर मिली। जिला निर्वाचन अधिकारी मीरा निधी दहल के अनुसार, एक आधिकारिक बयान में कहा गया है। जांच की गई तो पता चला कि ट्रंक के अंदर मौजूद ईवीएम, जो मतगणना स्थल तक जाने-अनजाने में अपना रास्ता ढूंढती थी, वहां कोई आरक्षित नहीं था।
सुबह 8 बजे से शुरू होगी मतगणना
असम, तमिलनाडु, केरल और पुड्डुचेरी के लिए सुबह 8 बजे मतगणना होगी। दलों और उनके उम्मीदवारों में चुनावी नतीजों तो लेकर सरगर्मी है। मतगणना से ठीक पहले सभी दल अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
बदलाव या सत्ता रहेगी बरकरार
इन चारों जगहों पर मतगणना के लिए तैयारी पूरी कर ली गयी है। जनता ने किस पार्टी पर भरोसा जताया है उसके बारे में रुझान आने शुरू हो जाएंगे। यह चुनाव मौजूदा समय में सत्ताधारी दलों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है।
असम, केरल, तमिलनाडु और पुड्ड्चेरी में मतगणना आज
असम की 126, तमिलनाडु की 234, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना अब से कुछ देर बाद शुरू होगी। यह नतीजे क्या असम, तमिलनाडु, केरल और पुड्डुचेरी में किसी तरह का बदलाव करेगी या पहले की सरकारें ही दोबारा से वापसी करेगी यह देखना अहम होगा।
मतगणना के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इन तीनों राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी दल को मतगणना के बाद विजय जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

