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कहीं का ईंट, कहीं का..., विपक्षी दलों की बैठक पर नड्डा का तंज, बोले- 'भानुमती का कुनबा'

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 17, 2023, 07:58 PM IST

JP Nadda: भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, यूपीए और विपक्षी दलों का गठबंधन भानुमती का कुनबा है, 'कहीं की ईंट, कहीं का रोड़ा, भानुमती ने कुनबा जोड़ा। यह स्वार्थ पर आधारित गठबंधन है और केवल फोटो खिंचवाने के लिए सभी नेता इकट्ठा हुए हैं।

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भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा

Photo : ANI

JP Nadda: बेंगलुरू में हो रही विपक्षी दलों की बैठक पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोमवार को करारा तंज कसा है। उन्होंने इन दलों के गठबंधन को भानुमती का कुनबा करार दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा, यूपीए और विपक्षी दलों का गठबंधन भानुमती काभ्कुनबा है, 'कहीं की ईंट, कहीं का रोड़ा, भानुमती ने कुनबा जोड़ा।

जेपी नड्डा ने कहा, यह स्वार्थ पर आधारित गठबंधन है और केवल फोटो खिंचवाने के लिए सभी नेता इकट्ठा हुए हैं। यूपीए के पास न तो कोई नेता है और न ही निर्णय लेने की शक्ति है। भाजपा प्रमुख ने कहा, यह यूपीए सरकार का 10 साल का भ्रष्ट शासन और गैर-शासन है।

देश की सेवा के लिए आदर्श गठबंधन है NDA

भाजपा अध्यक्ष ने राष्ट्रीय जनतांत्रित गठबंधन (NDA) को देश की सेवा और मजबूती के लिए बनाया गया एक आदर्श गठबंधन बताया। उन्होंने कहा, भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को हराने के उद्देश्य से 2024 के लोकसभा चुनावों का रोडमैप तैयार करने के लिए विपक्षी दल दूसरी बार बैठक कर रहे हैं। इससे पहले नड्डा ने रविवार को कहा था कि यूपीए का मतलब "उत्पीडन, पक्षपात और अत्याचार" है, जबकि उनकी पार्टी संस्कृति की रक्षा करने की कोशिश कर रही है।

दिल्ली में कल होगी एनडीए की बैठक

विपक्षी दलों की बैठक के बीच दिल्ली में मंगलवार को एनडीए की भी एक बैठक होगी। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 9 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है।

विपक्ष की दूसरी बैठक

विपक्षी दलों की ओर से बैठक सोमवार और मंगलवार को बेंगलुरु के ताज वेस्ट एंड होटल में होनी है।मंगलवार को बैठक करीब 11 बजे शुरू होगी और शाम 4 बजे तक चलेगी। कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा से मुकाबला करने के लिए दूसरी विपक्षी एकता बैठक के लिए 26 दलों से समर्थन जुटाया है। विपक्षी एकता की पहली बैठक पिछले महीने पटना में हुई थी। बैठक के दौरान कई समितियों के गठन की उम्मीद है जो गठबंधन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए बैठकें करेंगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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